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स्ट्रीट वेंडिंग प्लान के सर्वे में जुटी पालिका
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 09 Jun 2016 12:59 AM IST
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नगर पालिका की बैठक में मौजूद अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर गर पालिका ने शहर में स्ट्रीट वेंडरों (फुटपाथ विक्रेताओं) स्ट्रीट वेंडिंग प्लान लागू करने की पहल की है। इसके लिए शहर में वेंडिंग जोन बनाया जाएगा। बुधवार को नगर पालिका में बैठक हुई, जिसमें ईओ ने स्ट्रीट वेंडिंग प्लान के सर्वे कराने की बात कही और विक्रेताओं से सहयोग मांगा।
ईओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयास से स्ट्रीट वेंडरों का जीवन स्तर सुधारने के लिए यह योजना लागू की जा रही है। इसके तहत शहर में वेंडिंग और नॉन वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे।
शहर में फुटपाथ पर कारोबार कर अपने परिवारों का लालन पालन करने वाले लोगों को एक स्थान चिह्नित कर वहां कारोबार के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्लान को लागू करने के लिए पहले सर्वे किया जाना है, जो कि नोडल एजेंसी डूडा की देखरेख में हैदराबाद की कंपनी स्काई लाइन आरकॉन के लोगों द्वारा किया जाएगा।
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ईओ ने बताया कि सर्वे के बाद टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन होगा, इसमें 40 प्रतिशत सदस्य स्ट्रीट वेंडरों से ही आएंगे और एक तिहाई सदस्य महिला होंगी। टाउन वेंडिंग कमेटी को ही यह प्लान पारदर्शिता के साथ लागू कराने का दायित्व होगा। स्ट्रीट वेंडरों को लाइसेंस जारी किए जाएंगे और उनको आईडी कार्ड दिया जाएगा।
अब कभी यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए स्ट्रीट वेंडरों को पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई का शिकार होना पड़ता है, यह प्लान लागू होने के बाद उनको सम्मानजनक स्तर से जीवन जीने और कारोबार करने को अधिकार मिलेगा। मीटिंग में कंपनी के फील्ड मैनेजर अरुण सिंह ने सर्वे में सहयोग मांगा। उन्होंने बताया कि कंपनी को दिसंबर 2015 में स्ट्रीट वेंडिंग प्लान लागू कराने के लिए काम मिला था।
कंपनी ने शहर की 88 सड़कों को चिह्नित कर वेंडरों का सर्वे भी किया, लेकिन उसमें कुछ त्रुटियां रहीं। अब नए सिरे से सर्वे का कार्य किया जाएगा। बैठक में व्यापारी नेता कृष्णगोपाल मित्तल, राकेश त्यागी, रामकुमार नामदेव, भूरा कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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ईओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयास से स्ट्रीट वेंडरों का जीवन स्तर सुधारने के लिए यह योजना लागू की जा रही है। इसके तहत शहर में वेंडिंग और नॉन वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे।
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शहर में फुटपाथ पर कारोबार कर अपने परिवारों का लालन पालन करने वाले लोगों को एक स्थान चिह्नित कर वहां कारोबार के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्लान को लागू करने के लिए पहले सर्वे किया जाना है, जो कि नोडल एजेंसी डूडा की देखरेख में हैदराबाद की कंपनी स्काई लाइन आरकॉन के लोगों द्वारा किया जाएगा।
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ईओ ने बताया कि सर्वे के बाद टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन होगा, इसमें 40 प्रतिशत सदस्य स्ट्रीट वेंडरों से ही आएंगे और एक तिहाई सदस्य महिला होंगी। टाउन वेंडिंग कमेटी को ही यह प्लान पारदर्शिता के साथ लागू कराने का दायित्व होगा। स्ट्रीट वेंडरों को लाइसेंस जारी किए जाएंगे और उनको आईडी कार्ड दिया जाएगा।
अब कभी यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए स्ट्रीट वेंडरों को पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई का शिकार होना पड़ता है, यह प्लान लागू होने के बाद उनको सम्मानजनक स्तर से जीवन जीने और कारोबार करने को अधिकार मिलेगा। मीटिंग में कंपनी के फील्ड मैनेजर अरुण सिंह ने सर्वे में सहयोग मांगा। उन्होंने बताया कि कंपनी को दिसंबर 2015 में स्ट्रीट वेंडिंग प्लान लागू कराने के लिए काम मिला था।
कंपनी ने शहर की 88 सड़कों को चिह्नित कर वेंडरों का सर्वे भी किया, लेकिन उसमें कुछ त्रुटियां रहीं। अब नए सिरे से सर्वे का कार्य किया जाएगा। बैठक में व्यापारी नेता कृष्णगोपाल मित्तल, राकेश त्यागी, रामकुमार नामदेव, भूरा कुरैशी आदि मौजूद रहे।