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Muzaffarnagar News: सांप ने डसा...बहन-भाई की मौत दिनभर पढ़े अंधविश्वास के मंत्र
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बुढ़ाना। करौदा महाजन गांव के भाई बहन पारस व तमंचा, जंमाष्टमी पर राधा कृष्ण के रूप में फाइल फोटो
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। बच्चों की खिलखिलाहट से गुलजार रहने वाले करौदा महाजन गांव के राजेश कुमार के घर मातम पसरा है। रविवार रात बिस्तर पर बेटी कक्षा तीन की छात्रा तमन्ना और उसके भाई कक्षा दो के छात्र पारस को सांप ने डस लिया। दोनों की हालत बिगड़ने लगी तो परिजन शामली अस्पताल में लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद झाड़-फूंक का सिलसिला सोमवार रात तक जारी है। मेडिकल को दरकिनार कर अंधविश्वास के मंत्र पढ़े गए।
करौदा महाजन निवासी राजेश कुमार पंजाब के जालंधर में प्राइवेट नौकरी करता है। वहीं उसकी पत्नी प्रतिभा अपनी बेटी तमन्ना (11) और बेटे पारस (07) के साथ गांव में रह रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर राजेश अपने घर आया हुआ था। रविवार रात भाई-बहन बिस्तर पर सो रहे थे। इसी दौरान सांप ने पहले पारस के होंठ और फिर तमन्ना की उंगली पर डस दिया। रात करीब ढाई बजे प्रतिमा की आंख खुली तो कमरे के कोने में सांप दिखाई दिया। पति के साथ मिलकर सांप को मारकर खेत में फेंक दिया।
दोनों बच्चों को नहीं जगाया गया। सुबह बच्चों को बेहोशी छाई रही तो गांव के ही चिकित्सक को बुलाकर दिखाया गया। चिकित्सक के सुझाव पर परिजन दोनों को शामली चिकित्सालय में ले गए, लेकिन डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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इसके बाद शुरू हुआ झाड़-फूंक का सिलसिला। दिनभर परिजन शामली और मुजफ्फरनगर के अलग-अलग गांव में दोनों बच्चों को गाड़ी में लेकर गए, लेकिन जिंदगी नहीं लौटी। शाम करीब साढ़े छह बजे अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। दोनों के शव गांव लेकर पहुंचे, लेकिन इसी बीच रिश्तेदार ने शामली के गांव में झाड़-फूंक कराने की बात कह दी। परिजन शामली ले गए और देर रात तक उपचार कराने का दावा किया जा रहा है।
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इनसेट
करौदा में गम, घर पर पसरा सन्नाटा
गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली गई थी। श्मशान घाट में उपले और लकड़ियां भी पहुंचा दी गईं। सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए, लेकिन एन वक्त पर कुछ लोगों ने दोबारा से शामली ले जाने की बात कह दी। देर रात तक झाड-फूंक से उपचार करने का दावा किया जा रहा है।
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- सर्पदंश की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से उपचार कराना चाहिए।
- झाड़-फूंक में समय बर्बाद करने की गलती कतई न करें।
- जहर फैलने से रोकने के लिए पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें।
- आसपास भीड़ इकट्ठी न होने दें, नकारात्मक बातें न करें।
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करौदा महाजन निवासी राजेश कुमार पंजाब के जालंधर में प्राइवेट नौकरी करता है। वहीं उसकी पत्नी प्रतिभा अपनी बेटी तमन्ना (11) और बेटे पारस (07) के साथ गांव में रह रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर राजेश अपने घर आया हुआ था। रविवार रात भाई-बहन बिस्तर पर सो रहे थे। इसी दौरान सांप ने पहले पारस के होंठ और फिर तमन्ना की उंगली पर डस दिया। रात करीब ढाई बजे प्रतिमा की आंख खुली तो कमरे के कोने में सांप दिखाई दिया। पति के साथ मिलकर सांप को मारकर खेत में फेंक दिया।
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दोनों बच्चों को नहीं जगाया गया। सुबह बच्चों को बेहोशी छाई रही तो गांव के ही चिकित्सक को बुलाकर दिखाया गया। चिकित्सक के सुझाव पर परिजन दोनों को शामली चिकित्सालय में ले गए, लेकिन डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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इसके बाद शुरू हुआ झाड़-फूंक का सिलसिला। दिनभर परिजन शामली और मुजफ्फरनगर के अलग-अलग गांव में दोनों बच्चों को गाड़ी में लेकर गए, लेकिन जिंदगी नहीं लौटी। शाम करीब साढ़े छह बजे अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। दोनों के शव गांव लेकर पहुंचे, लेकिन इसी बीच रिश्तेदार ने शामली के गांव में झाड़-फूंक कराने की बात कह दी। परिजन शामली ले गए और देर रात तक उपचार कराने का दावा किया जा रहा है।
इनसेट
करौदा में गम, घर पर पसरा सन्नाटा
गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली गई थी। श्मशान घाट में उपले और लकड़ियां भी पहुंचा दी गईं। सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए, लेकिन एन वक्त पर कुछ लोगों ने दोबारा से शामली ले जाने की बात कह दी। देर रात तक झाड-फूंक से उपचार करने का दावा किया जा रहा है।
- सर्पदंश की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से उपचार कराना चाहिए।
- झाड़-फूंक में समय बर्बाद करने की गलती कतई न करें।
- जहर फैलने से रोकने के लिए पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें।
- आसपास भीड़ इकट्ठी न होने दें, नकारात्मक बातें न करें।