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सिद्धिदात्री की पूजा, नवरात्र उत्सव पूर्ण
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 11 Oct 2016 12:35 AM IST
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नवरात्र पर्व पर कन्या पूजन में उपस्थित बेटियां।
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर में नवमी पर विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा के बाद मूर्तियों का नदियों, नहरों और तालाबों में विसर्जन कर दिया गया। देहात में तालाबों किनारे सुबह से ही महिलाओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। श्रद्धा के साथ विसर्जन कर प्रसाद का वितरण किया गया। कन्याओं को भोजन कराया गया। इसके बाद व्रत खोले गए। पूजा अर्चना के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इसके साथ ही नवरात्र महोत्सव सम्पन्न हो गए।
शारदीय नवरात्र में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के सभी रूपों की पूजा की। सोमवार को मां के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री का पूजन किया गया। कन्या को भोजन कर व्रत खोले। इसके बाद सांझियों (मूर्तियों) का जल में विसर्जन कर दिया गया। सुबह से ही घरों में पूजा अर्चना शुरू हो गई थी।
हिंडन नदी, गंग नहर, रजवाहों के अलावा शामली रोड स्थित नदी में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों का विसर्जन किया गया। शुक्रताल में गंगा में भी मूर्तियां विसर्जित करने वालों की भीड़ रही। देहात में भी जोहड़ों (तालाबों) में सांझियों का विसर्जन किया गया। विसर्जन को लेकर उत्साह रहा।
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मूर्तियों के विसर्जन के बाद प्रसाद का वितरण भी किया गया। महिलाओं ने मां दुर्गा की पूजा भी की। उधर, देहात क्षेत्र के कई गांवों में तालाबों पर कब्जे होने के कारण सांझियों के विसर्जन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, काफी श्रद्धालु मंगलवार को दशहरा पर्व पर भी सांझियों का विसर्जन करेंगे।
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शारदीय नवरात्र में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के सभी रूपों की पूजा की। सोमवार को मां के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री का पूजन किया गया। कन्या को भोजन कर व्रत खोले। इसके बाद सांझियों (मूर्तियों) का जल में विसर्जन कर दिया गया। सुबह से ही घरों में पूजा अर्चना शुरू हो गई थी।
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हिंडन नदी, गंग नहर, रजवाहों के अलावा शामली रोड स्थित नदी में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों का विसर्जन किया गया। शुक्रताल में गंगा में भी मूर्तियां विसर्जित करने वालों की भीड़ रही। देहात में भी जोहड़ों (तालाबों) में सांझियों का विसर्जन किया गया। विसर्जन को लेकर उत्साह रहा।
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मूर्तियों के विसर्जन के बाद प्रसाद का वितरण भी किया गया। महिलाओं ने मां दुर्गा की पूजा भी की। उधर, देहात क्षेत्र के कई गांवों में तालाबों पर कब्जे होने के कारण सांझियों के विसर्जन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, काफी श्रद्धालु मंगलवार को दशहरा पर्व पर भी सांझियों का विसर्जन करेंगे।