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कल से शुरू होंगे श्राद्ध, इन बातों का रखें ध्यान

Fri, 09 Sep 2022 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Sep 2022 12:00 AM IST
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Shradh will start from tomorrow, keep these things in mind
पूर्णिमा से लेकर अमावस्या तक पूरे 16 दिन तक होंगे श्राद्ध
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। श्राद्ध दस सितंबर से शुरू हो जाएंगे। ऐसे में कई बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है। पंडित राज भारद्वाज ने बताया कि हिंदू धर्म में श्राद्ध या पितृपक्ष की काफी महत्ता है। पूर्णिमा से लेकर अमावस्या तक पूरे 16 दिन तक श्राद्ध होते है। ऐसे में लोगों को नियमित रूप से पितरों का ध्यान करना करना चाहिए। किसी भी तरह का मांस मदिरा का प्रयोग ना करें। पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण करें। मंदिर में या किसी गरीब को दूध, फल, मिष्ठान का दान करें।

पंडित शास्त्री ललिता प्रसाद रतूड़ी ने बताया कि श्राद्ध से जुड़ी कई ऐसी बातें है जो बहुत कम लोग जानते हैं। कई बार विधि पूर्वक श्राद्ध ना करने से पितृ श्राप भी दे देते है। उन्होंने कहा कि श्राद्धकर्म में गाय का घी, दूध या दही काम में लेना चाहिए। यह ध्यान रखें कि गाय को बच्चा हुए दस दिन से अधिक हो चुके हैं। दस दिन के अंदर बछड़े को जन्म देने वाली गाय के दूध का उपयोग श्राद्ध कर्म में नहीं करना चाहिए। श्राद्ध में चांदी के बर्तन का उपयोग व दान पुण्यदायक होता है। पितरों के लिए चांदी के बर्तन में सिर्फ पानी ही दिए जाए तो वह अक्षय तृप्तिकारक होता है। श्राद्ध में ब्राह्मण को भोजन करवाते समय परोसने के बर्तन दोनों हाथों से पकड़कर लाने चाहिए। श्राद्ध में जौ, कांगनी, मटर सरसों का उपयोग श्रेष्ठ रहता है। दूसरे की भूमि पर श्राद्ध नहीं करना चाहिए। वन, पर्वत, पुण्यतीर्थ एवं मंदिर दूसरे की भूमि नहीं माने जाते है।
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