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नोटिस के विरोध में दुकानें बंद, प्रदर्शन किया
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नगर पालिका से नोटिस जारी होने के विरोध में प्रदर्शन करते पालिका मार्केट के दुकानदार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
नोटिस के विरोध में दुकानें बंद, प्रदर्शन किया
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के सिकमी किराएदारों ने पालिका के नोटिस के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। दुकानों की चाबियां सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दी। पालिका की बिना अनुमति के दुकानों की खरीद फरोख्त करने वालों को पालिका ने दुकानों को नियमित करने को नोटिस जारी कर पैसा जमा कराने का नोटिस भेजा है।
शहर में पालिका की 509 दुकानें हैं, इनमें 155 ऐसी है, जिनमें सिकमी किरायेदार हैं। जो वास्तव में किराएदार थे उन्होंने मोटी रकम लेकर किसी अन्य को पगड़ी लेकर किराए पर दे दी। ऐसे दुकानदारों को नियमित करने के लिए पालिका ने नोटिस जारी किए हैं। इन्हें प्रीमियम का ढाई गुना और किराए का ढाई गुना जमा करने के लिए कहा गया है। 2006 के प्रीमियम और किराए को आधार मानकर नगर पालिका बोर्ड ने 16 जनवरी 2019 को सिकमी दुकानदारों को नियमित किए जाने का प्रस्ताव पास किया था। पालिका की जिस बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पास हुआ उसमें ईओ का कार्यभार एसडीएम भूपेंद्र सिंह पर था।
केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ. संजीव बालियान, प्रदेश के राज्यमंत्री और नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल भी इस बैठक में मौजूद रहे। अब पालिका ने जब दुकानों को नियमित कराने और पैसा जमा कराने के नोटिस जारी किए जो दुकानदारों में हड़कंप मचा है।
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शिवचौक और झांसी की रानी के पास के इन दुकानदारों ने व्यापारी नेता कृष्ण गोपाल मित्तल और राकेश त्यागी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में पहुंचकर दुकानों की चाबियां सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दी। आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रीमियम और किराया बहुत अधिक लगा दिया है। इतना पैसा देना दुकानदारों के बस से बाहर है। सिटी मजिस्ट्रेट ने दुकानदारों को समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया।
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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के सिकमी किराएदारों ने पालिका के नोटिस के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। दुकानों की चाबियां सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दी। पालिका की बिना अनुमति के दुकानों की खरीद फरोख्त करने वालों को पालिका ने दुकानों को नियमित करने को नोटिस जारी कर पैसा जमा कराने का नोटिस भेजा है।
शहर में पालिका की 509 दुकानें हैं, इनमें 155 ऐसी है, जिनमें सिकमी किरायेदार हैं। जो वास्तव में किराएदार थे उन्होंने मोटी रकम लेकर किसी अन्य को पगड़ी लेकर किराए पर दे दी। ऐसे दुकानदारों को नियमित करने के लिए पालिका ने नोटिस जारी किए हैं। इन्हें प्रीमियम का ढाई गुना और किराए का ढाई गुना जमा करने के लिए कहा गया है। 2006 के प्रीमियम और किराए को आधार मानकर नगर पालिका बोर्ड ने 16 जनवरी 2019 को सिकमी दुकानदारों को नियमित किए जाने का प्रस्ताव पास किया था। पालिका की जिस बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पास हुआ उसमें ईओ का कार्यभार एसडीएम भूपेंद्र सिंह पर था।
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केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ. संजीव बालियान, प्रदेश के राज्यमंत्री और नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल भी इस बैठक में मौजूद रहे। अब पालिका ने जब दुकानों को नियमित कराने और पैसा जमा कराने के नोटिस जारी किए जो दुकानदारों में हड़कंप मचा है।
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शिवचौक और झांसी की रानी के पास के इन दुकानदारों ने व्यापारी नेता कृष्ण गोपाल मित्तल और राकेश त्यागी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में पहुंचकर दुकानों की चाबियां सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दी। आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रीमियम और किराया बहुत अधिक लगा दिया है। इतना पैसा देना दुकानदारों के बस से बाहर है। सिटी मजिस्ट्रेट ने दुकानदारों को समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया।