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श्मशान घाट प्रशासन की लापरवाही का सबब बना
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शुकतीर्थ शमशान घाट पर बनी टीन शैड की उड़ी छत।
- फोटो : KHATAULI
श्मशान घाट पर बनाए गए शेड जर्जर हालत में
मुजफ्फरनगर, मोरना। शुकतीर्थ मुक्तिधाम श्मशान घाट पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। लगातार हो रही बारिश के चलते सरकार की ओर से बनाए गए शेड की जमीन धंसने से बड़े गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। इतना ही नहीं बारिश के समय अंतिम क्रियाकर्म करने वाले स्थान और बैठने के लिए बनाए शेड की छत जर्जर हालत में है। नतीजतन कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। मुरादनगर की घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी सबक लेने को तैयार नहीं है।
विकास खंड मोरना क्षेत्र के धर्मनगरी शुकतीर्थ स्थित मोक्षधाम श्मशान घाट की हालत काफी दयनीय है। अगर बारिश हो जाए तो अंतिम संस्कार में बड़ी परेशानी होती है। अंतिम क्रियाकर्म करने आने वाले लोगों के लिए बारिश से बचने के लिए लिए कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है। श्मशान घाट पर बारिश में आने पर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए टीन शेड का श्मशान घाट की जमीन धंसने से उसमें गड्ढा बन गया है। टीन शेड की छत भी गायब है। मुरादनगर की घटना को देखते हुए श्मशान घाट शुकतीर्थ पर आने वाले लोग टीन शेड की हालत को देखते हुए मजबूरी वश बारिश में खड़े होकर अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर हैं। शुकतीर्थ श्मशान घाट पर दूरदराज से अपनों को अंतिम संस्कार करने को प्राथमिकता देते हैं। मान्यता भी है कि शुकतीर्थ में अपनों का अंतिम संस्कार हो जाए, तो मोक्ष की प्राप्ति सुलभ मानी गई है। श्मशान घाट की लाइटें तो कई वर्षों से खराब हालत में ज्यों की त्यों पड़ी हुई है।
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मुजफ्फरनगर, मोरना। शुकतीर्थ मुक्तिधाम श्मशान घाट पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। लगातार हो रही बारिश के चलते सरकार की ओर से बनाए गए शेड की जमीन धंसने से बड़े गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। इतना ही नहीं बारिश के समय अंतिम क्रियाकर्म करने वाले स्थान और बैठने के लिए बनाए शेड की छत जर्जर हालत में है। नतीजतन कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। मुरादनगर की घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी सबक लेने को तैयार नहीं है।
विकास खंड मोरना क्षेत्र के धर्मनगरी शुकतीर्थ स्थित मोक्षधाम श्मशान घाट की हालत काफी दयनीय है। अगर बारिश हो जाए तो अंतिम संस्कार में बड़ी परेशानी होती है। अंतिम क्रियाकर्म करने आने वाले लोगों के लिए बारिश से बचने के लिए लिए कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है। श्मशान घाट पर बारिश में आने पर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए टीन शेड का श्मशान घाट की जमीन धंसने से उसमें गड्ढा बन गया है। टीन शेड की छत भी गायब है। मुरादनगर की घटना को देखते हुए श्मशान घाट शुकतीर्थ पर आने वाले लोग टीन शेड की हालत को देखते हुए मजबूरी वश बारिश में खड़े होकर अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर हैं। शुकतीर्थ श्मशान घाट पर दूरदराज से अपनों को अंतिम संस्कार करने को प्राथमिकता देते हैं। मान्यता भी है कि शुकतीर्थ में अपनों का अंतिम संस्कार हो जाए, तो मोक्ष की प्राप्ति सुलभ मानी गई है। श्मशान घाट की लाइटें तो कई वर्षों से खराब हालत में ज्यों की त्यों पड़ी हुई है।
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