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जल निगम के पाइप के वजन में घोटाला      

Thu, 01 Jun 2017 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Thu, 01 Jun 2017 12:28 AM IST
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Scam in water pipe weight
पाइप की जांच करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
जल निगम की टंकियों के पाइप में वजन का घोटाला सामने आया है। वजन में 20 से लेकर 40 प्रतिशत तक की घटतौली मिली है। स्टॉक चेक करते हुए नग और लंबाई नापी जाती है, जिसमें खेल पकड़ में नहीं आ पाता। वजन चेक हुआ तो अफसर भी हैरान रह गए। जल निगम के अधिकारियों की संलिप्तता भी उजागर होती दिख रही है। आपूर्ति करने वाली कंपनी बुलंदशहर के सिकंद्राबाद की है जो पूरे प्रदेश को पाइप सप्लाई करती है। अन्य जिलों में भी यही स्थिति सामने आई तो प्रदेश में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।      
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डीएम गौरीशंकर प्रियदर्शी को शिकायत मिली कि जल निगम के पाइप खरीद में बड़ा घालमेल चल रहा है। डीएम ने सीडीओ अंकित अग्रवाल को मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए थे। तीन दिन पहले सीडीओ ने पाइप की जांच की तो स्टॉक में उन्हें कुछ खास गड़बड़ नहीं मिली। नगों की संख्या और लंबाई में कोई अंतर नहीं मिला।
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शक होने पर बुधवार को सीडीओ ने डीडीओ मोतीलाल व्यास को पूरी टीम के साथ जल निगम भेजा। जल निगम में पाइप का वजन तौला गया। तीन पाइप के एक नग का वजन तो सही 28 किलो मिला, बाकी सबके वजन में गड़बड़ी मिली। हाल ही में जल निगम में लंबाई में 5600 मीटर और वजन 17 टन पाइप आया। इसके नगों की संख्या 1867 है। इसका मूल्य भी 61 लाख 20 हजार 801 बताया जा रहा है। 
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डीडीओ के नेतृत्व में जब एक-एक पाइप की जांच शुरू हुई तो घोटाले का राज खुलता चला गया। एक पाइप का वजन 9.38 किलो होना चाहिए। तीन पाइपों वजन 28.14 किलो निश्चित किया गया है। तौलने पर तीन पाइपों का वजन 20 किलो, 22 किलो और 24 किलो तक मिला। एक पाइप का वजन साढ़े छह से आठ किलो के बीच ही मिला।

समस्त पाइप बुलंदशहर के सिकंद्राबाद की विशाल पाइप लिमिटेड से आ रहा है। पाइप के वजन में 20 से 40 प्रतिशत तक का वजन कम होने की रिपोर्ट सीडीओ को दी गई। स्टॉक में पाइप का वजन कम होने पर जल निगम के अधिकारी भी इस खेल में फंसते दिख रहे हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी यही कंपनी सप्लाई करती है। एक साथ सब जगह की जांच होती है तो पूरे प्रदेश में पाइप के वजन में करोड़ों का घोटाला सामने आ सकता है।       
  
सभी पाइप सील किए गए      
पाइप का वजन घोटाला सामने आते ही सीडीओ अंकित अग्रवाल ने जल निगम में रखे समस्त पाइपों को सील करने के आदेश दिए। एसडीएम सदर रेनू सिंह और डीडीओ मोतीलाल व्यास शाम को जल निगम पहुंचे और समस्त पाइपों को सील किया गया। रखे पाइपों की वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिससे पाइपों में कोई फेरबदल न हो सके।       

एक्सईएन को नोटिस जारी      
जल निगम में टंकी के पाइप में घोटाला सामने आने के बाद सीडीओ अंकित अग्रवाल ने एक्सईएन जल निगम रामहेत को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। उधर, एक्सईन का कहना है कि पाइप में कंपनी की गड़बड़ी हो सकती है। चेकिंग के दौरान कुछ पाइप का वजन पूरा भी मिला है।       


लखनऊ से तय होती है सप्लाई
जिलों में जो कंपनी पाइप सप्लाई करती है, उसे सप्लाई के आदेश लखनऊ से मिलते हैं। किस कंपनी को सप्लाई का आदेश देना है, यह लखनऊ में ही अधिकारी तय करते हैं। इसका भुगतान संबंधित जिले से ही होता है। पाइप की संख्या, वजन और लंबाई चेक करने की जिम्मेदारी जिले के अधिकारियों की है। वजन घोटाले में कंपनी के साथ अधिकारी भी निशाने पर आएंगे।
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