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जिले में संस्कृत बोर्ड का मेधावी नहीं मिला
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 21 Dec 2016 12:50 AM IST
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लैपटॉप वितरण (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बृहस्पतिवार को प्रस्तावित लैपटॉप वितरण में संस्कृत बोर्ड का एक भी मेधावी शामिल नहीं है। 1471 की सूची में संस्कृत बोर्ड का कॉलम शून्य है। इस बोर्ड का जिले में एक भी मेधावी खोज पाने में शिक्षा विभाग विफल रहा है। मदरसा बोर्ड का भी लक्ष्य संशोधित करके भेजा गया है, जिसमें चार छात्र शामिल किए गए हैं।
सपा सरकार की महत्वपूर्ण योजना लैपटॉप वितरण के लिए इन दिनों माध्यमिक शिक्षा विभाग कार्य में जुटा है। शासन ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट, सीबीएसई और आईसीएसई के साथ संस्कृत और मदरसा बोर्ड के छात्र-छात्राओं को लैपटॉप योजना में शामिल किया है। इसके लिए जिलेवार सूची बनाई जा रही है।
मुजफ्फरनगर में भी डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारी सूची को अंतिम रूप देने में लगे हैं। जनपद स्तर पर संस्कृत बोर्ड का सूखा नहीं मिट सका है। इस बोर्ड से एक भी छात्र-छात्रा लैपटॉप वितरण योजना में शामिल नहीं हैं। मदरसा बोर्ड के चार छात्र इस सूची में रखे गए हैं, जिन्हें शासन स्तर से लैपटॉप मिलेगा।
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पिछले साल के मुकालबे सरकार ने मेधावियों के अंक प्रतिशत में भी बदलाव किया है। वर्ष 2015 में यूपी बोर्ड के हाईस्कूल में अल्पसंख्यक वर्ग में 85.67 प्रतिशत, अनुसूचित जाति में 83.67 प्रतिशत, सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग में 86.67 प्रतिशत था, जो वर्ष 2016 में अल्पसंख्यकों 85.50 प्रतिशत, अनुसूचित जाति 84.83 प्रतिशत और सामान्य वर्ग में 87.00 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। मदरसा बोर्ड में 65 फीसदी अल्पसंख्यक छात्र के लिए रखा गया है।
आईसीएसई में 91.40 फीसदी हाईस्कूल में रखा गया है। इंटरमीडिएट में इस बार यूपी बोर्ड अल्पसंख्यक 91.20 प्रतिशत, एससी-एसटी 86.60 फीसदी, सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग 91.20 फीसदी अंक निर्धारित रखे गए हैं। डीआईओएस वीपी सिंह ने बताया कि सभी बोर्ड के मेधावियों को लैपटॉप वितरण योजना में शामिल किया गया है। मदरसा बोर्ड को भी रखा गया है। संस्कृत बोर्ड की जानकारी नहीं है, सूची का अवलोकन करने के बाद कहा जा सकता है।
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सपा सरकार की महत्वपूर्ण योजना लैपटॉप वितरण के लिए इन दिनों माध्यमिक शिक्षा विभाग कार्य में जुटा है। शासन ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट, सीबीएसई और आईसीएसई के साथ संस्कृत और मदरसा बोर्ड के छात्र-छात्राओं को लैपटॉप योजना में शामिल किया है। इसके लिए जिलेवार सूची बनाई जा रही है।
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मुजफ्फरनगर में भी डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारी सूची को अंतिम रूप देने में लगे हैं। जनपद स्तर पर संस्कृत बोर्ड का सूखा नहीं मिट सका है। इस बोर्ड से एक भी छात्र-छात्रा लैपटॉप वितरण योजना में शामिल नहीं हैं। मदरसा बोर्ड के चार छात्र इस सूची में रखे गए हैं, जिन्हें शासन स्तर से लैपटॉप मिलेगा।
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पिछले साल के मुकालबे सरकार ने मेधावियों के अंक प्रतिशत में भी बदलाव किया है। वर्ष 2015 में यूपी बोर्ड के हाईस्कूल में अल्पसंख्यक वर्ग में 85.67 प्रतिशत, अनुसूचित जाति में 83.67 प्रतिशत, सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग में 86.67 प्रतिशत था, जो वर्ष 2016 में अल्पसंख्यकों 85.50 प्रतिशत, अनुसूचित जाति 84.83 प्रतिशत और सामान्य वर्ग में 87.00 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। मदरसा बोर्ड में 65 फीसदी अल्पसंख्यक छात्र के लिए रखा गया है।
आईसीएसई में 91.40 फीसदी हाईस्कूल में रखा गया है। इंटरमीडिएट में इस बार यूपी बोर्ड अल्पसंख्यक 91.20 प्रतिशत, एससी-एसटी 86.60 फीसदी, सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग 91.20 फीसदी अंक निर्धारित रखे गए हैं। डीआईओएस वीपी सिंह ने बताया कि सभी बोर्ड के मेधावियों को लैपटॉप वितरण योजना में शामिल किया गया है। मदरसा बोर्ड को भी रखा गया है। संस्कृत बोर्ड की जानकारी नहीं है, सूची का अवलोकन करने के बाद कहा जा सकता है।