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बेटियों को शिक्षा से जोड़ गए ऋषि दयानंद : गुरुदत्त
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बेटियों को शिक्षा से जोड़ गए ऋषि दयानंद : गुरुदत्त
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज के संस्थापक, वेदों के पुर्नद्धारक महर्षि दयानंद सरस्वती के निर्वाण दिवस पर वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ किया गया। अनुयायियों ने यज्ञ, योग और वैदिक संस्कृति से परिवारों को जोड़ने का संकल्प लिया।
संतोष विहार में वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर राष्ट्र की उन्नति, समृद्धि और शांति हेतु स्मृति यज्ञ में आहुतियां दी गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि दीपावली पर्व पर महान संन्यासी स्वामी दयानंद का निर्वाण हुआ था। उन्होंने वेदों की पुर्न स्थापना की। पाखंड, अंधविश्वास, ढोंग और कुरीतियों के खिलाफ व्यापक आंदोलन प्रारंभ किया। उनकी देशभक्ति और प्रेरणा से लाखों नौजवानों ने स्वतंत्रता संग्राम में संघर्ष, त्याग और बलिदान किया। स्वामी ने सत्ती प्रथा, बाल विवाह के अभिशाप से नारी को मुक्त कराया। बेटियों को शिक्षा से जोड़ा और गुरुकुलों की परंपरा शुरू की।
कार्यक्रम में अथर्व, लक्षयदेव, अनन्या दत्त ने महर्षि की महिमा के भजन सुनाए। गांधी कालोनी स्थित आर्य समाज मंदिर में निर्वाण दिवस पर आयोजित यज्ञ में यजमान सविता एवं राजकुमार रहे। प्रधान राकेश ढिंगरा तथा गजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि ऋषि दयानंद सच्चे देशभक्त सन्यासी थे, जिन्होंने स्वाधीनता का बिगुल फूंका। यज्ञ ब्रह्म संगीता राठी रही। देवेंद्र राणा, विजयपाल सिंह, अशोक राठी, जयपाल धीमान, प्रधानाचार्य अविनाश त्यागी, महिला प्रधान उषा पटपटिया, नीरज राणा, कांता देवी उपस्थित रही।
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मुजफ्फरनगर। आर्य समाज के संस्थापक, वेदों के पुर्नद्धारक महर्षि दयानंद सरस्वती के निर्वाण दिवस पर वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ किया गया। अनुयायियों ने यज्ञ, योग और वैदिक संस्कृति से परिवारों को जोड़ने का संकल्प लिया।
संतोष विहार में वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर राष्ट्र की उन्नति, समृद्धि और शांति हेतु स्मृति यज्ञ में आहुतियां दी गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि दीपावली पर्व पर महान संन्यासी स्वामी दयानंद का निर्वाण हुआ था। उन्होंने वेदों की पुर्न स्थापना की। पाखंड, अंधविश्वास, ढोंग और कुरीतियों के खिलाफ व्यापक आंदोलन प्रारंभ किया। उनकी देशभक्ति और प्रेरणा से लाखों नौजवानों ने स्वतंत्रता संग्राम में संघर्ष, त्याग और बलिदान किया। स्वामी ने सत्ती प्रथा, बाल विवाह के अभिशाप से नारी को मुक्त कराया। बेटियों को शिक्षा से जोड़ा और गुरुकुलों की परंपरा शुरू की।
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कार्यक्रम में अथर्व, लक्षयदेव, अनन्या दत्त ने महर्षि की महिमा के भजन सुनाए। गांधी कालोनी स्थित आर्य समाज मंदिर में निर्वाण दिवस पर आयोजित यज्ञ में यजमान सविता एवं राजकुमार रहे। प्रधान राकेश ढिंगरा तथा गजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि ऋषि दयानंद सच्चे देशभक्त सन्यासी थे, जिन्होंने स्वाधीनता का बिगुल फूंका। यज्ञ ब्रह्म संगीता राठी रही। देवेंद्र राणा, विजयपाल सिंह, अशोक राठी, जयपाल धीमान, प्रधानाचार्य अविनाश त्यागी, महिला प्रधान उषा पटपटिया, नीरज राणा, कांता देवी उपस्थित रही।
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