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Muzaffarnagar News: बुढ़ाना - जौला गांव में बलिदान दिवस पर क्रांतिकारियों को किया याद
Sat, 16 Sep 2023 01:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 16 Sep 2023 01:04 AM IST
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बुढ़ाना के जौला गांव में शहीदों की याद में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीण व अतिथि। स्रोत ग
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की क्रांति में तहसील क्षेत्र के 200 क्रांतिकारी जौला गांव में शहीद हो गए थे। क्रांतिकारियों के बलिदान दिवस पर जौला गांव में खिराजे अकीदत कार्यक्रम का आयोजन हुआ। क्रांतिकारियों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश को आजाद करवाने में सभी जाति व मजहब के लोगों ने एक जुट होकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।
जौला गांव के जूनियर हाईस्कूल में तिरंगा सेवा समिति व द मशाल फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से 1857 की क्रांति के शहीदों की याद में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि 1857 में क्रांतिकारियों ने बुढ़ाना तहसील पर अंग्रेज अफसरों को मारकर तहसील पर कब्जा कर लिया था। 14 सितंबर को अंग्रेजी सेना बुढ़ाना तहसील पर अपना पुन: अधिकार स्थापित करने के लिए आ रही थी। क्षेत्र के क्रांतिकारी नवाब खैराती परासौली व मीर खां जौला के नेतृत्व में जौला के जंगल में एकत्र हो गए थे।
उन्होंने अंग्रेजी सेना का रास्ता रोक लिया था। दोनों ओर से युद्ध हुआ, जिसमे 200 क्रांतिकारी शहीद हो गए थे। हमारे पूर्वजों ने इस देश के लिए कुर्बानी दी है। कार्यक्रम का संचालन वसीम राणा व अब्दुल जब्बार ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गांव के पूर्व प्रधान मुन्ना ने की।
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कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
खिराजे अकीदत कार्यक्रम में पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, रालोद विधायक राजपाल बालियान, विधायक अतुल प्रधान, विधायक प्रसन्न चौधरी, विधायक अशरफ अली खान, नौमान मुर्तजा, इकरा हसन, सुबोध त्यागी, गौरव टिकैत व शेर सिंह राणा आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी ने शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की। कार्यक्रम में ग्रामीण आरिफ खान, मोमिन, अंसार, हरिओम सहरावत, अनीस, उम्रदराज, राधे ठाकुर, यासीन खान, बाबू अंसारी आदि मौजूद रहे।
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बुढ़ाना। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की क्रांति में तहसील क्षेत्र के 200 क्रांतिकारी जौला गांव में शहीद हो गए थे। क्रांतिकारियों के बलिदान दिवस पर जौला गांव में खिराजे अकीदत कार्यक्रम का आयोजन हुआ। क्रांतिकारियों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश को आजाद करवाने में सभी जाति व मजहब के लोगों ने एक जुट होकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।
जौला गांव के जूनियर हाईस्कूल में तिरंगा सेवा समिति व द मशाल फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से 1857 की क्रांति के शहीदों की याद में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि 1857 में क्रांतिकारियों ने बुढ़ाना तहसील पर अंग्रेज अफसरों को मारकर तहसील पर कब्जा कर लिया था। 14 सितंबर को अंग्रेजी सेना बुढ़ाना तहसील पर अपना पुन: अधिकार स्थापित करने के लिए आ रही थी। क्षेत्र के क्रांतिकारी नवाब खैराती परासौली व मीर खां जौला के नेतृत्व में जौला के जंगल में एकत्र हो गए थे।
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उन्होंने अंग्रेजी सेना का रास्ता रोक लिया था। दोनों ओर से युद्ध हुआ, जिसमे 200 क्रांतिकारी शहीद हो गए थे। हमारे पूर्वजों ने इस देश के लिए कुर्बानी दी है। कार्यक्रम का संचालन वसीम राणा व अब्दुल जब्बार ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गांव के पूर्व प्रधान मुन्ना ने की।
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कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
खिराजे अकीदत कार्यक्रम में पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, रालोद विधायक राजपाल बालियान, विधायक अतुल प्रधान, विधायक प्रसन्न चौधरी, विधायक अशरफ अली खान, नौमान मुर्तजा, इकरा हसन, सुबोध त्यागी, गौरव टिकैत व शेर सिंह राणा आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी ने शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की। कार्यक्रम में ग्रामीण आरिफ खान, मोमिन, अंसार, हरिओम सहरावत, अनीस, उम्रदराज, राधे ठाकुर, यासीन खान, बाबू अंसारी आदि मौजूद रहे।