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रक्षा बंधन आध्यात्मिक बंधन में बंधने का प्रतीक
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रक्षा बंधन आध्यात्मिक बंधन में बंधने का प्रतीक
मुजफ्फरनगर। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय बामनहेड़ी में रक्षा बंधन का त्योहार मनाया गया। रशिया से पधारी बीके संतोष दीदी ने बताया कि जिस प्रकार कमल का फूल न्यारा और प्यारा रहने का प्रतीक है, इसी प्रकार रक्षा बंधन बुराइयों से रक्षा करने वाले आध्यात्मिक बंधन में बंधने का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि राखी भगवान के साथ उसकी श्रेष्ठ मत पर चलने का वादा है। रक्षा सूत्र बांधने के साथ-साथ इस पर्व की दो रस्में ओर भी हैं। एक है मस्तक पर तिलक लगाना और दूसरा है मुख मीठा कराना। तिलक वास्तव में आत्म स्मृति का प्रतीक है, कि हम सभी शरीर रूपी कुटिया की भृकुटी में स्थित चेतन, दिव्य आत्मा हैं और मुख मीठा कराने के पीछे भाव है कि हम सभी को सदा मीठे वचन बोलें। हमारे बोलचाल और व्यवहार में कहीं भी कड़वाहट न हो। रक्षा बंधन वह न्यारा प्यारा बंधन है, जो मनुष्य आत्माओं को सब बंधनों से मुक्त कर देता है। रक्षा बंधन पर्व परंपरा के रूप में नहीं बल्कि वास्तविकता के तौर पर मनाना चाहिए। इस दौरान सेवा केंद्र इंचार्ज बीके जयंती दीदी, तोषी, उर्मिला, शालिनी, भावना, तनु, पूजा और प्रताप, टीसी रावत, डॉ एमएल गर्ग, नरेश, अनिल बत्रा, अरविंद, केतन उपस्थित रहे।
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मुजफ्फरनगर। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय बामनहेड़ी में रक्षा बंधन का त्योहार मनाया गया। रशिया से पधारी बीके संतोष दीदी ने बताया कि जिस प्रकार कमल का फूल न्यारा और प्यारा रहने का प्रतीक है, इसी प्रकार रक्षा बंधन बुराइयों से रक्षा करने वाले आध्यात्मिक बंधन में बंधने का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि राखी भगवान के साथ उसकी श्रेष्ठ मत पर चलने का वादा है। रक्षा सूत्र बांधने के साथ-साथ इस पर्व की दो रस्में ओर भी हैं। एक है मस्तक पर तिलक लगाना और दूसरा है मुख मीठा कराना। तिलक वास्तव में आत्म स्मृति का प्रतीक है, कि हम सभी शरीर रूपी कुटिया की भृकुटी में स्थित चेतन, दिव्य आत्मा हैं और मुख मीठा कराने के पीछे भाव है कि हम सभी को सदा मीठे वचन बोलें। हमारे बोलचाल और व्यवहार में कहीं भी कड़वाहट न हो। रक्षा बंधन वह न्यारा प्यारा बंधन है, जो मनुष्य आत्माओं को सब बंधनों से मुक्त कर देता है। रक्षा बंधन पर्व परंपरा के रूप में नहीं बल्कि वास्तविकता के तौर पर मनाना चाहिए। इस दौरान सेवा केंद्र इंचार्ज बीके जयंती दीदी, तोषी, उर्मिला, शालिनी, भावना, तनु, पूजा और प्रताप, टीसी रावत, डॉ एमएल गर्ग, नरेश, अनिल बत्रा, अरविंद, केतन उपस्थित रहे।
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