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100 करोड़ की जांच में पंचायत सचिवों का अडंगा

Sun, 22 Aug 2021 12:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Aug 2021 12:08 AM IST
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Panchayat secretaries obstructed in the investigation of 100 crores
100 करोड़ की जांच में पंचायत सचिवों का अड़ंगा
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मुजफ्फरनगर। जिले की ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान गांवों में विकास कार्यों के नाम पर हुए गोलमाल की जांच में पंचायत सचिवों ने अड़ंगा लगा रखा है। एसडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी को पंचायत सचिव रिकार्ड ही उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। शासन ने एक सप्ताह में जांच पूरी करने के आदेश अधिकारियों को दिए थे। इसके बावजूद 15 दिन बाद भी जांच शुरू नहीं हो पाई है।
जिले की ग्राम पंचायतों में प्रशासकों और पंचायत सचिवों ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान 100 करोड़ खर्च किए हैं। शासन ने 498 में से उन 46 ग्राम पंचायतों की जांच के आदेश दिए हैं, जिनमें 25 लाख से ऊपर निकाले गए हैं। जिले में सीडीओ आलोक यादव ने एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। प्रत्येक तहसील के एसडीएम के साथ एक एक्सईएन रैंक का अधिकारी और एक अकाउंटेंट लगाया गया है। तहसील सदर के एसडीएम दीपक कुमार ने बताया कि बार-बार कहने के बाद भी पंचायत सचिव गांव का रिकार्ड उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। परेशान होकर सीडीओ और डीपीआरओ को पत्र लिख चुके हैं। तहसील सदर में सबसे ज्यादा 16 गांव है, जिनकी जांच हो रही है।
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एसडीएम बुढ़ाना अजय अंबष्ट का कहना है कि उन्होंने पंचायत सचिवों से रिकार्ड मांगा, तो उन्होंने सभी 13 गांव का पूरे साल का रिकार्ड दे दिया। जांच को जानबूझकर प्रभावित किया जा रहा है। अब हमने सीधे समझा दिया है कि प्रशासक के कार्यकाल में जो पैसा खर्च हुआ उसका रिकार्ड दो। एसडीएम खतौली इंद्राकांत द्विवेदी का कहना है कि हम जांच शुरू कर रहे हैं। उन्होंने रिकार्ड नहीं मिलने की बात तो नहीं की, लेकिन जांच किसी गांव की कर नहीं पाए हैं। खतौली में भी नौ गांव है। एसडीएम जानसठ जयेंद्र कुमार भी जांच शुरू होने की बात कह रहे हैं। यहां आठ में से किसी गांव की जांच नहीं हो पाई है। कुल मिलाकर पूरे जिले में एक भी गांव की जांच अभी तक नहीं हो पाई है। संवाद
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जांच को एक सप्ताह का समय दिया था
डीपीआरओ अनिल सिंह का कहना है कि जांच के लिए सीडीओ ने सभी उप जिलाधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया था, लेकिन 15 दिन हो चुके हैं। ग्राम पंचायत सचिवों के सहयोग नहीं करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी सचिव रिकार्ड उपलब्ध कराएंगे नहीं तो कार्रवाई होगी।

137 पंचायत सचिवों का है खेल
जिले में 498 ग्राम पंचायतें है। पंचायत सचिवों के अधिकतम पद यहां रिक्त चले आ रहे हैं। इस समय केवल 137 पंचायत सचिव जनपद में कार्यरत हैं। इन्हीं 137 पंचायत सचिवों पर 498 ग्राम पंचायतों का कार्यभार है। जो गोल माल हुआ है उसमें इन्हीं पंचायत सचिवों की अहम भूमिका है।
रिकार्ड न देने वालों पर होगी एफआईआर
डीएम चंद्रभूषण सिंह का कहना है कि जो पंचायत सचिव रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराएगा उसके खिलाफ एफआईआर होगी। शासन के निर्देशों का हर हालत में पालन होगा।
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