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अफसरों की आईडी हैक कर किया लाखों का गबन
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अफसरों की आईडी हैक कर किया था लाखों का गबन
मुजफ्फरनगर। विद्युत नगरीय वितरण खंड तृतीय में कार्यरत दो संविदाकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटरों ने अफसरों की आईडी हैक कर विद्युत उपभोक्ताओं को फर्जी बिल देकर 28 लाख से अधिक का गबन कर डाला। विभागीय जांच के बाद शिकायतों की पुष्टि होने पर नई मंडी थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विद्युत नगरीय वितरण खंड तृतीय से जुड़े 241 बिजली उपभोक्ताओं के बिलों में हेराफेरी का मामला हाल ही में सामने आया था। इस गड़बड़झाले में विभाग में बतौर संविदाकर्मी तैनात दो कंप्यूटर ऑपरेटरों तरुण व हिमांशु जैन के नाम सामने आए थे। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता ग्रामीण आरडी सिंह ने सहायक अभियंता राजस्व साहब सिंह व लेखाकार केपी सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की जांच रिपोर्ट में कंप्यूटर ऑपरेटरों तरुण व हिमांशु जैन को दोषी ठहराते हुए कुल धनराशि 28.72 लाख 862 रुपये की धनराशि के गबन की पुष्टि की गई थी। आरोपियों ने अधिशासी अभियंता पंकज कुमार, कार्यालय सहायक भारत सिंघल, विनीत पाल, आशीष कुमार शर्मा, अजय त्यागी, टीजी-टू अमित कुमार, मुनेश पाल और अवर अभियंता राजेश कुमार की आईडी को हैक कर उपभोक्ताओं की जमानत धनराशि अवैधानिक रूप से बढ़ाकर गबन को अंजाम दिया था। वहीं, कुछ उपभोक्ताओं को सिस्टम द्वारा जनित ओल्ड डिपॉजिट हैड फर्जी रसीद भी देते हुए उसका बीआर कर उपभोक्ताओं के बिलों के एरियर को कम कर दिया गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद छह नवंबर को सहायक अभियंता साहब सिंह ने कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु जैन व अज्ञात के खिलाफ नई मंडी कोतवाली में तहरीर दी थी। इंस्पेक्टर योगेश शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर बृहस्पतिवार को आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु जैन व अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
दूसरे कंप्यूटर ऑपरेटर की हो चुकी है मौत
मुजफ्फरनगर। विद्युत निगम को 28 लाख से अधिक का चपत लगाने में संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु जैन और तरुण कुमार शामिल थे। इनमें से तरुण कुमार की आठ अक्तूबर को एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इसके चलते नई मंडी थाने में दर्ज किए गए मुकदमे में हिमांशु जैन को ही नामजद आरोपी बनाया गया है।
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मुजफ्फरनगर। विद्युत नगरीय वितरण खंड तृतीय में कार्यरत दो संविदाकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटरों ने अफसरों की आईडी हैक कर विद्युत उपभोक्ताओं को फर्जी बिल देकर 28 लाख से अधिक का गबन कर डाला। विभागीय जांच के बाद शिकायतों की पुष्टि होने पर नई मंडी थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विद्युत नगरीय वितरण खंड तृतीय से जुड़े 241 बिजली उपभोक्ताओं के बिलों में हेराफेरी का मामला हाल ही में सामने आया था। इस गड़बड़झाले में विभाग में बतौर संविदाकर्मी तैनात दो कंप्यूटर ऑपरेटरों तरुण व हिमांशु जैन के नाम सामने आए थे। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता ग्रामीण आरडी सिंह ने सहायक अभियंता राजस्व साहब सिंह व लेखाकार केपी सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की जांच रिपोर्ट में कंप्यूटर ऑपरेटरों तरुण व हिमांशु जैन को दोषी ठहराते हुए कुल धनराशि 28.72 लाख 862 रुपये की धनराशि के गबन की पुष्टि की गई थी। आरोपियों ने अधिशासी अभियंता पंकज कुमार, कार्यालय सहायक भारत सिंघल, विनीत पाल, आशीष कुमार शर्मा, अजय त्यागी, टीजी-टू अमित कुमार, मुनेश पाल और अवर अभियंता राजेश कुमार की आईडी को हैक कर उपभोक्ताओं की जमानत धनराशि अवैधानिक रूप से बढ़ाकर गबन को अंजाम दिया था। वहीं, कुछ उपभोक्ताओं को सिस्टम द्वारा जनित ओल्ड डिपॉजिट हैड फर्जी रसीद भी देते हुए उसका बीआर कर उपभोक्ताओं के बिलों के एरियर को कम कर दिया गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद छह नवंबर को सहायक अभियंता साहब सिंह ने कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु जैन व अज्ञात के खिलाफ नई मंडी कोतवाली में तहरीर दी थी। इंस्पेक्टर योगेश शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर बृहस्पतिवार को आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु जैन व अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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दूसरे कंप्यूटर ऑपरेटर की हो चुकी है मौत
मुजफ्फरनगर। विद्युत निगम को 28 लाख से अधिक का चपत लगाने में संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु जैन और तरुण कुमार शामिल थे। इनमें से तरुण कुमार की आठ अक्तूबर को एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इसके चलते नई मंडी थाने में दर्ज किए गए मुकदमे में हिमांशु जैन को ही नामजद आरोपी बनाया गया है।
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