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आईजी के खिलाफ गैर जमानती वारंट
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 06 Dec 2016 12:11 AM IST
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आईजी भजनीराम मीणा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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13 साल से चल रहे एक मुकदमे में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या दो ने मुरादाबाद पीटीएस के आईजी भजनीराम मीणा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। एसीजेएम ने प्रदेश के डीजीपी जावीद अहमद को पत्र भेजकर आईजी भजनीराम मीणा को एनबीडब्ल्यू तामील कराकर दो जनवरी 2017 को कोर्ट में पेश करवाने के आदेश दिए हैं।
आईपीएस भजनीराम मीणा वर्तमान में पीटीएस मुरादाबाद के आईजी हैं। वे 13 साल पहले वर्ष 2003 में मुजफ्फरनगर के एसएसपी थे। उसी दौरान उनके खिलाफ भोकरहेड़ी निवासी अजय कुमार गुप्ता ने अदालत में यह मुकदमा दर्ज कराया था। कसबा भोकरहेड़ी निवासी अजय कुमार गुप्ता शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए अपनी फाइल को अग्रसारित करवाने तत्कालीन एसएसपी भजनीराम मीणा के पास उनके कार्यालय गए थे।
आरोप है कि एसएसपी ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने धमकी देकर झूठे मामले में जेल भिजवाने की धमकी दी थी। पीड़ित अजय कुमार गुप्ता ने अपने अधिवक्ता ज्ञान कुमार के जरिए सीजेएम कोर्ट में एसएसपी के खिलाफ परिवाद दायर किया, जिसे कोर्ट ने 14 जुलाई 2003 को स्वीकार करते हुए एसएसपी भजनीराम मीणा के खिलाफ धारा 352, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। तभी से यह मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। आरोपी के कोर्ट में पेश नहीं होने पर न्यायालय की ओर से पहले भी कई बार गैर जमानती वारंट जारी किए गए।
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इसी बीच एसएसपी भजनीराम मीणा ने हाईकोर्ट इलाहाबाद से एनबीडब्ल्यू के खिलाफ स्टे आर्डर ले लिया। जिसकी जानकारी होने पर पीड़ित की ओर से उनके अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में आपत्ति दायर की, जिसे हाईकोर्ट ने 15 दिसंबर 2010 को स्वीकार करते हुए मीणा के स्टे को खारिज कर दिया था। मगर हाईकोर्ट का यह आदेश बीते छह साल से फाइलों में दबा रहा। इस दौरान पीड़ित के अधिवक्ता हाईकोर्ट के आदेश की इस फाइल को तलाशते रहे।
आखिरकार उन्हें छह साल बाद 30 नवंबर 2016 को हाईकोर्ट का यह आदेश मिल गया। अधिवक्ता ज्ञान कुमार ने एक दिसंबर को एसीजेएम कोर्ट संख्या दो में हाईकोर्ट के आदेश को पेश किया। जिस पर एसीजेएम जितेंद्र सिंह ने मुकदमे के अभियुक्त भजनीराम मीणा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। न्यायाधीश ने प्रदेश के डीजीपी को इस संबंध में पत्र भेजकर आईजी मीणा को एनबीडब्ल्यू की तालीम करा कर दो जनवरी 2017 को न्यायालय में पेश करवाने के आदेश दिए हैं।
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आईपीएस भजनीराम मीणा वर्तमान में पीटीएस मुरादाबाद के आईजी हैं। वे 13 साल पहले वर्ष 2003 में मुजफ्फरनगर के एसएसपी थे। उसी दौरान उनके खिलाफ भोकरहेड़ी निवासी अजय कुमार गुप्ता ने अदालत में यह मुकदमा दर्ज कराया था। कसबा भोकरहेड़ी निवासी अजय कुमार गुप्ता शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए अपनी फाइल को अग्रसारित करवाने तत्कालीन एसएसपी भजनीराम मीणा के पास उनके कार्यालय गए थे।
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आरोप है कि एसएसपी ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने धमकी देकर झूठे मामले में जेल भिजवाने की धमकी दी थी। पीड़ित अजय कुमार गुप्ता ने अपने अधिवक्ता ज्ञान कुमार के जरिए सीजेएम कोर्ट में एसएसपी के खिलाफ परिवाद दायर किया, जिसे कोर्ट ने 14 जुलाई 2003 को स्वीकार करते हुए एसएसपी भजनीराम मीणा के खिलाफ धारा 352, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। तभी से यह मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। आरोपी के कोर्ट में पेश नहीं होने पर न्यायालय की ओर से पहले भी कई बार गैर जमानती वारंट जारी किए गए।
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इसी बीच एसएसपी भजनीराम मीणा ने हाईकोर्ट इलाहाबाद से एनबीडब्ल्यू के खिलाफ स्टे आर्डर ले लिया। जिसकी जानकारी होने पर पीड़ित की ओर से उनके अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में आपत्ति दायर की, जिसे हाईकोर्ट ने 15 दिसंबर 2010 को स्वीकार करते हुए मीणा के स्टे को खारिज कर दिया था। मगर हाईकोर्ट का यह आदेश बीते छह साल से फाइलों में दबा रहा। इस दौरान पीड़ित के अधिवक्ता हाईकोर्ट के आदेश की इस फाइल को तलाशते रहे।
आखिरकार उन्हें छह साल बाद 30 नवंबर 2016 को हाईकोर्ट का यह आदेश मिल गया। अधिवक्ता ज्ञान कुमार ने एक दिसंबर को एसीजेएम कोर्ट संख्या दो में हाईकोर्ट के आदेश को पेश किया। जिस पर एसीजेएम जितेंद्र सिंह ने मुकदमे के अभियुक्त भजनीराम मीणा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। न्यायाधीश ने प्रदेश के डीजीपी को इस संबंध में पत्र भेजकर आईजी मीणा को एनबीडब्ल्यू की तालीम करा कर दो जनवरी 2017 को न्यायालय में पेश करवाने के आदेश दिए हैं।