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अक्तूबर में हुई बोर्ड बैठक पर फिर छिड़ी रार

Tue, 14 Jan 2020 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jan 2020 12:24 AM IST
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Muzaffarnagar Municipality Board Meeting
नगरपालिका की बैठक पर फिर छिड़ी रार
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मुजफ्फरनगर। मंडलायुक्त सहारनपुर के पास विचाराधीन 19 अक्तूबर 2019 को हुई नगर पालिका बोर्ड की बैठक का मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। कमिश्नर ने इस बैठक को लेकर जवाब मांगा तो ईओ और चेयरपर्सन ने अपने-अपने पत्र भेज दिए। चेयरपर्सन के स्थगित करने की घोषणा के बाद हुई इस बैठक को जहां ईओ नियमानुसार बता रहे हैं, वहीं चेयरपर्सन ने इसे नियम की गलत व्याख्या बताया है। फिलहाल मामला कमिश्नर के पाले में है। उन्हीं के निर्णय पर बैठक की वैधता और अवैधता का मामला टिका हुआ है।
19 अक्तूबर 2019 को नगर पालिका बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने अपने पक्ष के सभासदों को रोके जाने की बात कहते हुए बैठक को स्थगित करने की घोषणा की और रजिस्टर में बिना हस्ताक्षर किए चली गईं थी। उनके जाने के बाद ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने बैठक को संपन्न कराया। बैठक के लिए सभासद सुनील शर्मा को अध्यक्ष चुना गया था। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास भी किए गए थे। चेयरपर्सन ने अपनी उपस्थिति में की गई बैठक को गलत बताते हुए 21 अक्तूबर 2019 को मंडलायुक्त को पत्र लिखकर बैठक को निष्प्रभावी घोषित करने की मांग की थी। इस पर मंडलायुक्त ने ईओ से बैठक के संबंध में जवाब मांगा। ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने बैठक को धारा-89 के तहत ठीक बताते हुए अपना जवाब भेज दिया है। उधर, चेयरपर्सन ने ईओ के जवाब पर आपत्ति जताई है। उन्होंने भी नौ जनवरी 2020 को फिर से पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि ईओ और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मिलकर नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 89 की गलत व्याख्या करते हुए अवैध रूप से बोर्ड बैठक की गई। उन्होंने कमिश्नर से बोर्ड बैठक को निष्प्रभावी घोषित करने का अनुरोध किया है, ताकि अगली बैठक की जा सके।
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12 जून 2018 की बैठक पर भी हुआ था विवाद
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका बोर्ड की 12 जून 2018 की बैठक पर भी विवाद हुआ था। चेयरपर्सन का कहना है कि उन्होंने इस बैठक को विशेष परिस्थितियों में स्थगित किया था। इस प्रकरण के निस्तारण तक मंडलायुक्त ने अगली बैठक पर रोक लगा दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने बैठक करने पर लगी रोक को हटाते हुए प्रकरण का निस्तारण कर दिया था।
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