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चुनाव का आरक्षण जारी होने के बाद मची सियासी खलबली
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मोरना। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का आरक्षण जारी होने के बाद से सियासी खलबली मची हुई है। गांव देहात के सियासी समीकरण भी बदल गए हैं।
पहले से चुनाव की तैयारी में जुटे कुछ संभावित प्रत्याशियों को आरक्षण बदलने से झटका लगा, तो कुछ ने राहत की सांस ली। आरक्षण बदलने से गांव देहात में उठापटक का दौर शुरू हो गया है। जिला प्रशासन ने पंचायत चुनाव का आरक्षण जारी कर दिया। सबसे अधिक बदलाव ग्राम प्रधान के आरक्षण में देखने को मिला, जिन गांव को पहले आरक्षित रखा गया था। उन्हें अनारक्षित कर दिया गया। जिससे कई संभावित चुनाव प्रत्याशियों की तैयारियों को झटका लगा है। इसके साथ ही अब गांव देहात की राजनीति के समीकरण भी बदल गए हैं। अब नए सिरे से संभावित प्रत्याशी चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं।
वहीं, पंचायत चुनाव का आरक्षण नए सिरे से जारी होने पर अब दावतों पर भी ब्रेक लग गया है। पंचायत चुनाव का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से संभावित प्रत्याशियों ने भी अब हाथ खींचने शुरू कर दिए हैं। अब सभी प्रत्याशियों की नजर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लगी है।
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पहले से चुनाव की तैयारी में जुटे कुछ संभावित प्रत्याशियों को आरक्षण बदलने से झटका लगा, तो कुछ ने राहत की सांस ली। आरक्षण बदलने से गांव देहात में उठापटक का दौर शुरू हो गया है। जिला प्रशासन ने पंचायत चुनाव का आरक्षण जारी कर दिया। सबसे अधिक बदलाव ग्राम प्रधान के आरक्षण में देखने को मिला, जिन गांव को पहले आरक्षित रखा गया था। उन्हें अनारक्षित कर दिया गया। जिससे कई संभावित चुनाव प्रत्याशियों की तैयारियों को झटका लगा है। इसके साथ ही अब गांव देहात की राजनीति के समीकरण भी बदल गए हैं। अब नए सिरे से संभावित प्रत्याशी चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं।
वहीं, पंचायत चुनाव का आरक्षण नए सिरे से जारी होने पर अब दावतों पर भी ब्रेक लग गया है। पंचायत चुनाव का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से संभावित प्रत्याशियों ने भी अब हाथ खींचने शुरू कर दिए हैं। अब सभी प्रत्याशियों की नजर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लगी है।
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