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चीनी मिलों पर अभी छह अरब से ज्यादा बकाया
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 09 Apr 2016 12:18 AM IST
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चीनी का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के किसान चीनी मिलों में अब तक 15 अरब 13 करोड़ का गन्ना डाल चुके हैं, लेकिन भुगतान केवल आठ अरब 44 करोड़ का ही हो पाया है। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा 280 रुपये कुंतल का मूल्य घोषित करने के बाद भी जिले की चीनी मिलें किसानों को फिलहाल 230 रुपये कुंतल का भुगतान कर रही है। बाकी भुगतान कब होगा, इसका कुछ पता नहीं है। 230 रुपए कुंतल के हिसाब से ही छह अरब 68 करोड़ रुपया चीनी मिलों पर बकाया है।
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जिले की चीनी मिलें किसानों को आधा अधूरा भुगतान कर रही हैं। प्रदेश सरकार के 280 रुपये कुंतल गन्ना मूल्य घोषित करने के बाद जो भुगतान हो रहा है, वह 230 रुपये कुंतल से हो रहा है। बाकी पैसा चीनी मिले बाद में दिए जाने की बात कर रही हैं। इनमें भी कुछ ही चीनी मिले हैं, जो भुगतान को निरंतर रखे हुए है।
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कुछ चीनी मिलों ने तो भुगतान को पूरी तरह रोक लिया है। तितावी चीनी मिल ने नए सत्र का भुगतान अभी तक नहीं किया है। जिले की आठ चीनी मिलों पर किसान अब तक 15 अरब 13 करोड़ का गन्ना डाल चुके हैं। रोहाना चीनी मिल पर अब तक 46 करोड़ 70 लाख का गन्ना डाला गया, जिसमें चीनी मिल ने 26 करोड़ 50 लाख का भुगतान किया है।
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मंसूरपुर चीनी मिल में किसानों ने दो अरब 11 करोड़ का गन्ना डाला है, इसमें चीनी मिल एक अरब 87 करोड़ का भुगतान कर चुकी है। खतौली चीनी मिल में तीन अरब 69 करोड़ का गन्ना किसानों ने डाला है, इसमें दो अरब 74 करोड़ का भुगतान जारी हो चुका है। तितावी चीनी मिल में एक अरब 66 करोड़ का गन्ना डाला गया है, इस चीनी मिल ने अभी तक कोई भुगतान नहीं किया है।
टिकौला चीनी मिल ने दो अरब 36 करोड़ के मुकाबले एक अरब 84 करोड़ का भुगतान किया है। भैसाना चीनी मिल ने दो अरब 89 करोड़ के मुकाबले केवल 65 करोड़ 91 लाख का ही भुगतान किया है। खाईखेडी ने एक अरब एक करोड के मुुकाबले 40 करोड़ का ही भुगतान किया है। सहकारी चीनी मिल मोरना ने 90 करोड़ के मुकाबले 65 करोड़ का भुगतान किया है। किसानों का अब तक केवल आठ अरब 44 करोड़ का ही भुगतान हो पाया है।
भैंसाना सबसे अधिक कर्ज
मुजफ्फरनगर। जिले की चीनी मिलों में भैंसाना पर किसानों का सबसे ज्यादा बकाया है। चीनी मिल पर किसानों का दो अरब 24 करोड़ बकाया है।
मुनाफे में हैं चीनी मिलें
मुजफ्फरनगर। चीनी के दामों में बीते छह माह में भारी उछाल आया है। घाटे का रोना रो रही सभी चीनी मिले अब मुनाफे में हैं। चीनी 24 रुपये किलो से 38 रुपये किलो तक पहुंच गई है। ऐसे में भी किसानों का भुगतान न करना सीधे नीयत में खोट नजर आता है।
हम लड़ रहे लड़ाई : राठी
मुजफ्फरनगर। रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी का कहना है कि किसानों के हक की लड़ाई रालोद सीधे लड़ रही है। तितावी चीनी मिल से बीते सत्र का भुगतान का वायदा कराकर अब भैंसाना अगला टारगेट है। 11 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना होगा। भुगतान में तेजी नहीं लाई गई तो जयंत चौधरी को बुलाया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
पचास रुपये के अंतर मूल्य का भुगतान चीनी मिलों को मिलें बंद होने की तिथि के तीन माह के अंदर करना होगा। सरकार ने अपने सरकुलर में यह आदेश जारी कर रखे हैं। नियमानुसार जो मिलें भुगतान नहीं करेंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। -ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।