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वेस्ट यूपी में भाजपा का बड़ा चेहरा थे कश्यप
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वेस्ट यूपी में भाजपा का बड़ा चेहरा थे कश्यप
चरथावल(मुजफ्फरनगर)। आरएसएस के खाटी कार्यकर्ता से पहली बार विधायक बने विजय कश्यप मंत्रिमंडल में शामिल किए गए थे। दो साल पहले सीएम योगी द्वारा शपथ के निमंत्रण मिलने पर उन्होंने कहा था कि यह उनके जीवन में सपने सरीखे जैसा है। पश्चिम यूपी में विजय कश्यप भाजपा का बड़ा चेहरा बन गए थे।
चरथावल विधानसभा क्षेत्र से वह कश्यप बिरादरी के पहले विधायक थे। वेस्ट की राजनीति में अति पिछड़ी जातियों की नुमाइंदगी के तौर पर योगी सरकार में उनकी ताजपोशी की गई थी। 21 अगस्त वर्ष 2019 को लखनऊ में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। सहारनपुर के नानौता कसबे के मूल निवासी विजय कश्यप ने खंड कार्यवाह, बौद्धिक प्रमुख का दायित्व निभाया। वर्ष 2007 में संघ ने उन्हें चुनावी जाति समीकरण साधने को बघरा सीट से भाजपा में एंट्री दिला दी, मगर वह जीत नहीं पाए। पार्टी ने हौसला बढ़ाए रखने को भाजपा ने उन्हें मत्स्य प्रकोष्ठ के प्रांतीय अध्यक्ष बना दिया। चरथावल सीट सामान्य में आई, उन्हें वर्ष 2012 के चुनाव में दोबारा टिकट दे दिया। बसपा के नूरसलीम राना के खिलाफ वह जीत नहीं पाए थे। वर्ष 2012 में पार्टी ने उन्हें लोकसभा कैराना के प्रभारी का जिम्मा सौंपा। पश्चिम में विजय कश्यप भाजपा का चेहरा बन गए। मोदी लहर के बाद वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लगातार तीसरी बार उन्हें टिकट थमा दिया। सपा प्रत्याशी मुकेश चौधरी को शिकस्त देकर विजय कश्यप पहली बार एमएलए बने थे।
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चरथावल(मुजफ्फरनगर)। आरएसएस के खाटी कार्यकर्ता से पहली बार विधायक बने विजय कश्यप मंत्रिमंडल में शामिल किए गए थे। दो साल पहले सीएम योगी द्वारा शपथ के निमंत्रण मिलने पर उन्होंने कहा था कि यह उनके जीवन में सपने सरीखे जैसा है। पश्चिम यूपी में विजय कश्यप भाजपा का बड़ा चेहरा बन गए थे।
चरथावल विधानसभा क्षेत्र से वह कश्यप बिरादरी के पहले विधायक थे। वेस्ट की राजनीति में अति पिछड़ी जातियों की नुमाइंदगी के तौर पर योगी सरकार में उनकी ताजपोशी की गई थी। 21 अगस्त वर्ष 2019 को लखनऊ में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। सहारनपुर के नानौता कसबे के मूल निवासी विजय कश्यप ने खंड कार्यवाह, बौद्धिक प्रमुख का दायित्व निभाया। वर्ष 2007 में संघ ने उन्हें चुनावी जाति समीकरण साधने को बघरा सीट से भाजपा में एंट्री दिला दी, मगर वह जीत नहीं पाए। पार्टी ने हौसला बढ़ाए रखने को भाजपा ने उन्हें मत्स्य प्रकोष्ठ के प्रांतीय अध्यक्ष बना दिया। चरथावल सीट सामान्य में आई, उन्हें वर्ष 2012 के चुनाव में दोबारा टिकट दे दिया। बसपा के नूरसलीम राना के खिलाफ वह जीत नहीं पाए थे। वर्ष 2012 में पार्टी ने उन्हें लोकसभा कैराना के प्रभारी का जिम्मा सौंपा। पश्चिम में विजय कश्यप भाजपा का चेहरा बन गए। मोदी लहर के बाद वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लगातार तीसरी बार उन्हें टिकट थमा दिया। सपा प्रत्याशी मुकेश चौधरी को शिकस्त देकर विजय कश्यप पहली बार एमएलए बने थे।
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