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कार्तिक गंगा मेले पर रोक, श्रद्धालुओं को वापस किया
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शुक्रतीर्थ में कार्तिक मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को रोकते अधिकारी
- फोटो : KHATAULI
कार्तिक गंगा मेले पर रोक, श्रद्धालुओं को वापस किया
मुजफ्फरनगर, मोरना। पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में लगने वाले प्रसिद्ध कार्तिक गंगा स्नान मेले में प्रशासन ने कोरोना के चलते रोक लगा दी है। जिसके चलते अधिकारियों ने मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं का वापस कर दिया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने कहा कि शासन प्रशासन की गाइड लाइन के चलते इस वर्ष मेले के आयोजन नहीं होगा।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में 30 नवंबर को होने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान को लेकर मंगलवार को गांव मीरापुर खुर्द के श्रद्धालु ब्रह्मपाल, बबलू, पप्पू, प्रवेश, नितिन, प्रदीप दो भैंसा-बुग्गी में सवार होकर नगरी में पहुंच गए थे और गंगा पार अपना तंबुओं से डेरा डाल लिया था। श्रद्धालुओं के पहुंचने की सूचना पर बुधवार को एसडीएम जानसठ अजय अंबस्ट, सीओ भोपा सोमेश नेगी, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी जितेंद्र कुमार, अभियंता कमल किशोर शर्मा, थानाध्यक्ष सूबे सिंह पुलिस बल के साथ नगरी में पहुंच गए।
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने कोरोना के चलते मेले के आयोजन को निरस्त करने का हवाला देते हुए श्रद्धालुओं का लौटा दिया। जिला पंचायत के एएमए ने कहा कि शासन प्रशासन की गाइड लाइन के चलते इस वर्ष मेले के आयोजन पर पाबंदी लगाई गई है। भैंसा-बुग्गी व ट्रैक्टर-ट्राली से आने वाले श्रद्धालुओं को नगरी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
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मुजफ्फरनगर, मोरना। पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में लगने वाले प्रसिद्ध कार्तिक गंगा स्नान मेले में प्रशासन ने कोरोना के चलते रोक लगा दी है। जिसके चलते अधिकारियों ने मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं का वापस कर दिया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने कहा कि शासन प्रशासन की गाइड लाइन के चलते इस वर्ष मेले के आयोजन नहीं होगा।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में 30 नवंबर को होने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान को लेकर मंगलवार को गांव मीरापुर खुर्द के श्रद्धालु ब्रह्मपाल, बबलू, पप्पू, प्रवेश, नितिन, प्रदीप दो भैंसा-बुग्गी में सवार होकर नगरी में पहुंच गए थे और गंगा पार अपना तंबुओं से डेरा डाल लिया था। श्रद्धालुओं के पहुंचने की सूचना पर बुधवार को एसडीएम जानसठ अजय अंबस्ट, सीओ भोपा सोमेश नेगी, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी जितेंद्र कुमार, अभियंता कमल किशोर शर्मा, थानाध्यक्ष सूबे सिंह पुलिस बल के साथ नगरी में पहुंच गए।
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पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने कोरोना के चलते मेले के आयोजन को निरस्त करने का हवाला देते हुए श्रद्धालुओं का लौटा दिया। जिला पंचायत के एएमए ने कहा कि शासन प्रशासन की गाइड लाइन के चलते इस वर्ष मेले के आयोजन पर पाबंदी लगाई गई है। भैंसा-बुग्गी व ट्रैक्टर-ट्राली से आने वाले श्रद्धालुओं को नगरी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
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