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वेबिनार में दी नई तकनीकि के विकास की जानकारी
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वेबिनार में दी नई तकनीकि के विकास की जानकारी
मुजफ्फरनगर। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज द्वारा महाविद्यालय के छात्रों के लिए ‘नवाचार विकास और प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर की प्रक्रिया’ विषय पर वेबिनार कराया गया। मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ. राममूरत सिंह रहे। उन्होंने इनोवेशन और तकनीकी के बारे में विस्तार से बताया कि किस प्रकार से नई तकनीक विकसित की जाती है और उसकी आगे की क्या प्रक्रिया है। किस प्रकार से छात्र अपने आइडिया को इनोवेट और इम्प्लीमेंट कर सकते हैं, तकनीक को विकसित करके किस प्रकार से उसका औद्योगीकरण किया जा सकता है।
डॉ. राममूरत सिंह ने छात्रों को उद्यमिता विकास के बारे में भी कई महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की और देश की प्रगति में छात्र अपना किस प्रकार से योगदान दे सकते हैं इस पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बायोमेडिकल तथा रोबोटिक्स आदि तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए इनसे जुड़े कुछ उदाहरण और औद्योगिक जगत में इनके प्रयोग से किस प्रकार तकनीकी युग का विकास हुआ इससे भी अवगत कराया। डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ ने कहा कि इस प्रकार के व्यक्तित्व से परिचित होना एवं ज्ञान प्राप्त करना अपने आप में बहुत गर्व की बात है। संस्था के निदेशक डॉ. आलोक कुमार गुप्ता, साक्षी श्रीवास्तव, कनुप्रिया, विवेक अहलावत और देवेश मलिक का सहयोग रहा।
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मुजफ्फरनगर। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज द्वारा महाविद्यालय के छात्रों के लिए ‘नवाचार विकास और प्रौद्योगिकी तैयारी स्तर की प्रक्रिया’ विषय पर वेबिनार कराया गया। मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ. राममूरत सिंह रहे। उन्होंने इनोवेशन और तकनीकी के बारे में विस्तार से बताया कि किस प्रकार से नई तकनीक विकसित की जाती है और उसकी आगे की क्या प्रक्रिया है। किस प्रकार से छात्र अपने आइडिया को इनोवेट और इम्प्लीमेंट कर सकते हैं, तकनीक को विकसित करके किस प्रकार से उसका औद्योगीकरण किया जा सकता है।
डॉ. राममूरत सिंह ने छात्रों को उद्यमिता विकास के बारे में भी कई महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की और देश की प्रगति में छात्र अपना किस प्रकार से योगदान दे सकते हैं इस पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बायोमेडिकल तथा रोबोटिक्स आदि तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए इनसे जुड़े कुछ उदाहरण और औद्योगिक जगत में इनके प्रयोग से किस प्रकार तकनीकी युग का विकास हुआ इससे भी अवगत कराया। डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ ने कहा कि इस प्रकार के व्यक्तित्व से परिचित होना एवं ज्ञान प्राप्त करना अपने आप में बहुत गर्व की बात है। संस्था के निदेशक डॉ. आलोक कुमार गुप्ता, साक्षी श्रीवास्तव, कनुप्रिया, विवेक अहलावत और देवेश मलिक का सहयोग रहा।
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