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अब घर बैठे जानिए बीमारी का इलाज, गर्भवती को नहीं लगाने पड़ेंगे अस्पताल के चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 23 Feb 2017 12:10 AM IST
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जिले की जनात के लिए राहत भरी खबर है। 125 साल पुराना महिला जिला अस्पताल अब आधुनिक श्रेणी में शुमार हो गया है। अस्पताल को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसके लिए वेबसाइट बना दी गई है। जिस पर एक क्लिक कर मरीज अपनी बीमारियों, इलाज के नंबर आदि की जानकारी घर बैठकर ले सकेगा।
वर्ष 1892 में महिला जिला अस्पताल की नींव रखी गई थी। बाद में करीब आठ साल बाद वर्ष 1898 में यहां मेडिकल स्टॉफ और सर्जरी का कार्य शुरू हुआ। क्वालिटी एश्योरेंस (गुणवत्ता आश्वासन) कार्यक्रम के तहत जिला महिला अस्पताल की दशा और दिशा को बदला जा रहा है। 100 बेड की सुविधा वाला सवा सौ साल पुराना यह अस्पताल अब ऑनलाइन हो गया है। प्रदेश में अभी तक लखनऊ का अवंती और वाराणसी का जिला अस्पताल ही खुद की वेबसाइट बना सका है।
दिलचस्प यह है कि अस्पताल में रोजाना अल्ट्रासाउंड कराने को लेकर गर्भवती महिलाओं, अन्य मरीजों में मारा-मारी रहती है। मरीजों के दबाव के चलते कई बार गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की तिथियां भी दे दी जाती हैं। ऑनलाइन होने से मरीज जहां घर बैठे ही महिला सीएमएस और अन्य स्टॉफ से बीमारी से बचाव के उपाय और उसका समाधान जान सकेंगे। साथ ही अस्पताल में क्या-क्या मौजूद है और किस प्रकार की सुविधाएं हैं, इसे भी एक क्लिक पर आसानी से देख सकेंगे।
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क्वालिटी एश्योरेंस के जिला कंसलटेंट डॉ इफ्तिखार अली ने बताया कि अस्पताल की वेबसाइट बन चुकी है। अभी इस पर थोड़ा कार्य बाकी है। ताकि घर बैठे ही बीमारियों, अल्ट्रासाउंड की जानकारी मिल सके। उधर, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ अमिता गर्ग ने बताया कि वेबसाइट पर अस्पताल से संबंधित सभी जानकारियां, उपचारों के बारे में डिटेल अपलोड होगी। महिलाओं को अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जरूरत पड़ने पर घर से बीमारी के बचाव की जानकारी ले सकेंगी।
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वर्ष 1892 में महिला जिला अस्पताल की नींव रखी गई थी। बाद में करीब आठ साल बाद वर्ष 1898 में यहां मेडिकल स्टॉफ और सर्जरी का कार्य शुरू हुआ। क्वालिटी एश्योरेंस (गुणवत्ता आश्वासन) कार्यक्रम के तहत जिला महिला अस्पताल की दशा और दिशा को बदला जा रहा है। 100 बेड की सुविधा वाला सवा सौ साल पुराना यह अस्पताल अब ऑनलाइन हो गया है। प्रदेश में अभी तक लखनऊ का अवंती और वाराणसी का जिला अस्पताल ही खुद की वेबसाइट बना सका है।
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दिलचस्प यह है कि अस्पताल में रोजाना अल्ट्रासाउंड कराने को लेकर गर्भवती महिलाओं, अन्य मरीजों में मारा-मारी रहती है। मरीजों के दबाव के चलते कई बार गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की तिथियां भी दे दी जाती हैं। ऑनलाइन होने से मरीज जहां घर बैठे ही महिला सीएमएस और अन्य स्टॉफ से बीमारी से बचाव के उपाय और उसका समाधान जान सकेंगे। साथ ही अस्पताल में क्या-क्या मौजूद है और किस प्रकार की सुविधाएं हैं, इसे भी एक क्लिक पर आसानी से देख सकेंगे।
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क्वालिटी एश्योरेंस के जिला कंसलटेंट डॉ इफ्तिखार अली ने बताया कि अस्पताल की वेबसाइट बन चुकी है। अभी इस पर थोड़ा कार्य बाकी है। ताकि घर बैठे ही बीमारियों, अल्ट्रासाउंड की जानकारी मिल सके। उधर, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ अमिता गर्ग ने बताया कि वेबसाइट पर अस्पताल से संबंधित सभी जानकारियां, उपचारों के बारे में डिटेल अपलोड होगी। महिलाओं को अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जरूरत पड़ने पर घर से बीमारी के बचाव की जानकारी ले सकेंगी।