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हर तरफ था धुएं का गुबार व बिखरा पड़ा खून
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:42 AM IST
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घटनास्थल पर जांच करने पहुंचा बम डिस्पोजल स्क्वायड।
- फोटो : अमर उजाला
गांव सरवट में सोमवार सुबह कबाड़ी की दुकान में हुए जबरदस्त विस्फोट के प्रत्यक्षदर्शी इस हादसे को नहीं भूल पाएंगे। विस्फोट के पहले चश्मदीद इंदिरा कॉलोनी में स्कूल वाली गली निवासी विकास शर्मा अब तक उस हृदयविदारक पल को नहीं भूल पाए हैं।
पशु पालक विकास शर्मा के अनुसार, सुबह करीब 9.30 बजे वे घटनास्थल से करीब 30 मीटर की दूरी पर सरवट पीर के पास स्थित कुट्टी मशीन वाले से गाय का चारा लेने के लिए गए थे। वहीं से विकास शर्मा कुछ दूरी पर स्थित कबाड़ी की दुकान की तरफ देख रहे थे।
बकौल विकास, उस समय एक बुजुर्ग सफेद रंग की कुर्सी पर बैठकर अखबार पढ़ रहे थे, जबकि उनसे कुछ दूरी पर कबाड़ी निसार हथौड़ी लेकर जमीन पर रखी किसी गोल व भारी-भरकम लोहे के डिब्बे जैसी वस्तु पर चोट मार रहे थे। निसार से चंद कदमों की दूरी पर पास में वेल्डर ताजिम बैठा हुआ कौतूहल उसे ही देख रहा था, जबकि वहां से करीब दस मीटर की दूरी पर स्थित आटा-चक्की संचालक नौशाद भी अपनी दुकान के बाहर खड़ा था।
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विकास शर्मा के अनुसार, उसी समय अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे चारों तरफ धुंध फैल गई। धमाका इतना तेज था कि एकबारगी ऐसा लगा, मानों धरती ही हिल गई हो। चंद मिनटों के बाद धुआं छंटा तो हर तरफ खून बिखरा पड़ा था।
कबाड़ी निसार जमीन पर पड़ा था, जिसका शरीर क्षत-विक्षत हो चुका था, जबकि उसके पास बैठकर अखबार पढ़ रहे बुजुर्ग नवाजिश टूट चुकी कुर्सी पर पड़े हुए थे, जो पूरी तरह खून में तर थे और उनका एक हाथ का पंजा उड़ चुका था। उनसे कुछ दूरी पर आटा चक्की संचालक नौशाद पेट पकड़े हुए जमीन पर पड़ा था।
उससे कुछ ही दूरी पर एक बाइक सवार डिवाइडर पर पड़ा था, जिसके सिर पर चोट का निशान था, जिससे खून बह रहा था। इनके अलावा, कबाड़ी के दूसरी तरफ वेल्डर ताजिम भी लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ था। इनके साथ ही सड़क पर भी एक महिला समेत कई लोग घायल पड़े हुए चीख रहे थे।
बकौल विकास, यह नजारा देख वे सकते में आ गए और लोगों की मदद कर उन्हें हॉस्पिटल भिजवाने के बाद उल्टे पैर घर की तरफ दौड़ पड़े, जिसके बाद घर आकर उनकी आंखों के सामने रह-रहकर वहीं मंजर घूमता रहा और वे खाना तक नहीं खा सके।
वहीं, घटना के दूसरे प्रत्यक्षदर्शी सरवट निवासी मैकेनिक इंतजार ने बताया कि घटना के समय वह दुकान के बाहर खड़ा था कि अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे वह हिल उठा। धुआं छंटने के बाद देखा तो एक व्यक्ति धमाके की चपेट में आकर उससे कुछ ही दूरी पर खून में तर हालत में पड़ा था।
वहीं, कुछ दूरी पर कई अन्य लोग भी लहूलुहान हालत में पड़े थे। इंतजार के अनुसार, उस समय तो उसने जैसे-तैसे कर घायलों को अस्पताल भेजने में मदद की, लेकिन बाद में वह घंटों तक इस मंजर को नहीं भूल सका।
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पशु पालक विकास शर्मा के अनुसार, सुबह करीब 9.30 बजे वे घटनास्थल से करीब 30 मीटर की दूरी पर सरवट पीर के पास स्थित कुट्टी मशीन वाले से गाय का चारा लेने के लिए गए थे। वहीं से विकास शर्मा कुछ दूरी पर स्थित कबाड़ी की दुकान की तरफ देख रहे थे।
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बकौल विकास, उस समय एक बुजुर्ग सफेद रंग की कुर्सी पर बैठकर अखबार पढ़ रहे थे, जबकि उनसे कुछ दूरी पर कबाड़ी निसार हथौड़ी लेकर जमीन पर रखी किसी गोल व भारी-भरकम लोहे के डिब्बे जैसी वस्तु पर चोट मार रहे थे। निसार से चंद कदमों की दूरी पर पास में वेल्डर ताजिम बैठा हुआ कौतूहल उसे ही देख रहा था, जबकि वहां से करीब दस मीटर की दूरी पर स्थित आटा-चक्की संचालक नौशाद भी अपनी दुकान के बाहर खड़ा था।
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विकास शर्मा के अनुसार, उसी समय अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे चारों तरफ धुंध फैल गई। धमाका इतना तेज था कि एकबारगी ऐसा लगा, मानों धरती ही हिल गई हो। चंद मिनटों के बाद धुआं छंटा तो हर तरफ खून बिखरा पड़ा था।
कबाड़ी निसार जमीन पर पड़ा था, जिसका शरीर क्षत-विक्षत हो चुका था, जबकि उसके पास बैठकर अखबार पढ़ रहे बुजुर्ग नवाजिश टूट चुकी कुर्सी पर पड़े हुए थे, जो पूरी तरह खून में तर थे और उनका एक हाथ का पंजा उड़ चुका था। उनसे कुछ दूरी पर आटा चक्की संचालक नौशाद पेट पकड़े हुए जमीन पर पड़ा था।
उससे कुछ ही दूरी पर एक बाइक सवार डिवाइडर पर पड़ा था, जिसके सिर पर चोट का निशान था, जिससे खून बह रहा था। इनके अलावा, कबाड़ी के दूसरी तरफ वेल्डर ताजिम भी लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ था। इनके साथ ही सड़क पर भी एक महिला समेत कई लोग घायल पड़े हुए चीख रहे थे।
बकौल विकास, यह नजारा देख वे सकते में आ गए और लोगों की मदद कर उन्हें हॉस्पिटल भिजवाने के बाद उल्टे पैर घर की तरफ दौड़ पड़े, जिसके बाद घर आकर उनकी आंखों के सामने रह-रहकर वहीं मंजर घूमता रहा और वे खाना तक नहीं खा सके।
वहीं, घटना के दूसरे प्रत्यक्षदर्शी सरवट निवासी मैकेनिक इंतजार ने बताया कि घटना के समय वह दुकान के बाहर खड़ा था कि अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे वह हिल उठा। धुआं छंटने के बाद देखा तो एक व्यक्ति धमाके की चपेट में आकर उससे कुछ ही दूरी पर खून में तर हालत में पड़ा था।
वहीं, कुछ दूरी पर कई अन्य लोग भी लहूलुहान हालत में पड़े थे। इंतजार के अनुसार, उस समय तो उसने जैसे-तैसे कर घायलों को अस्पताल भेजने में मदद की, लेकिन बाद में वह घंटों तक इस मंजर को नहीं भूल सका।