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समाज में आचरण की कमी से बढ़ रहीं बुराइयां : गुरुदत्त
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सिसौली। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि आचरण की कमी से समाज में बुराइयां पैदा हो रही हैं। सत्य, न्याय, नैतिकता, धर्म और मर्यादा का पालन तभी होगा, जब व्यक्ति का आचरण श्रेष्ठ होगा।
वैदिक इंटर कालेज में आयोजित आर्य समाज के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का शुभारंभ देवयज्ञ से हुआ। वार्षिकोत्सव में पधारे आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि आचरण धर्म की कसौटी है। समाज में भ्रामक स्थिति हो गई है। कथनी और करनी में आया बड़ा फर्क सबसे बड़ी गिरावट है। उन्होंने कहा कि जब देश में कम शिक्षा थी, तब अनुशासन, ईमानदारी, चरित्र महत्वपूर्ण था। अब शिक्षित समाज में बेईमानी, संपत्ति विवाद, चरित्रहीनता के ज्यादा मामले है। हम ये कैसे समाज का निर्माण कर रहे हैं। बुजुर्गों का सम्मान ताक पर है।
डॉ. धीरज आर्य ने वेदों की विस्तृत व्याख्या की। कहा कि वेद मंत्रों के ज्ञान से भावी पीढ़ी को जोड़िए। यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कर्म है। भजनोपदेशक सहदेव सिंह बेधड़क ने कहा कि आजादी के आंदोलन में महर्षि दयानंद और आर्य समाज का अतुल्य योगदान है। ऋषि ने स्वराज का बिगुल फूंका था। उन्होंने प्रेरक देशभक्ति गीत सुनाए।
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मौके पर संयोजक विनोद आर्य, प्रबंधक महिपाल सिंह, प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह आर्य, चौधरी हरि सिंह, आनंद पाल सिंह आर्य, ईश्वर सिंह, ऋषिपाल सिंह, डॉ. वीरेंद्र राठी, सुधीर शास्त्री, बलवीर सिंह, अनिल कुमार का सहयोग रहा।
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वैदिक इंटर कालेज में आयोजित आर्य समाज के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का शुभारंभ देवयज्ञ से हुआ। वार्षिकोत्सव में पधारे आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि आचरण धर्म की कसौटी है। समाज में भ्रामक स्थिति हो गई है। कथनी और करनी में आया बड़ा फर्क सबसे बड़ी गिरावट है। उन्होंने कहा कि जब देश में कम शिक्षा थी, तब अनुशासन, ईमानदारी, चरित्र महत्वपूर्ण था। अब शिक्षित समाज में बेईमानी, संपत्ति विवाद, चरित्रहीनता के ज्यादा मामले है। हम ये कैसे समाज का निर्माण कर रहे हैं। बुजुर्गों का सम्मान ताक पर है।
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डॉ. धीरज आर्य ने वेदों की विस्तृत व्याख्या की। कहा कि वेद मंत्रों के ज्ञान से भावी पीढ़ी को जोड़िए। यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कर्म है। भजनोपदेशक सहदेव सिंह बेधड़क ने कहा कि आजादी के आंदोलन में महर्षि दयानंद और आर्य समाज का अतुल्य योगदान है। ऋषि ने स्वराज का बिगुल फूंका था। उन्होंने प्रेरक देशभक्ति गीत सुनाए।
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मौके पर संयोजक विनोद आर्य, प्रबंधक महिपाल सिंह, प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह आर्य, चौधरी हरि सिंह, आनंद पाल सिंह आर्य, ईश्वर सिंह, ऋषिपाल सिंह, डॉ. वीरेंद्र राठी, सुधीर शास्त्री, बलवीर सिंह, अनिल कुमार का सहयोग रहा।