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ईओ ने नियम विरुद्ध बताया चेयरपर्सन का आदेश
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ईओ ने नियम विरुद्ध बताया चेयरपर्सन का आदेश
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के जेई निर्माण मूलचंद को रिलीव करने के चेयरपर्सन के आदेश को ईओ ने नियम विरुद्घ बताया है। ईओ का कहना है कि नगर पालिका बोर्ड प्रस्ताव पास कर शासन से केवल निवेदन कर सकता है। केंद्रीयत सेवा के कर्मचारी/अधिकारी को इस तरह रिलीव नहीं किया जा सकता।
नगर पालिका बोर्ड की 27 जून को हुई विशेष बैठक में सभासदों ने निर्माण विभाग के जेई मूलचंद के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर बोर्ड ने जेई को रिलीव करने का प्रस्ताव पारित कर दिया था। बोर्ड बैठक में ही चेयरपर्सन ने जेई को रिलीव करने की घोषणा कर दी थी तथा 30 जून को आदेश जारी कर दिया। आदेश में कहा था कि जेई संबंधित अभिलेख विकास चौधरी को उपलब्ध करा दें तथा ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर निदेशालय में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करें। इसके जवाब में ईओ ने भी चेयरपर्सन को पत्र लिखा है। कहा कि नगर पालिका बोर्ड केंद्रीयत सेवा के अधिकारी का स्थानांतरण करने का निवेदन करने का प्रस्ताव पारित कर सकता है। बोर्ड बैठक में पास किए गए प्रस्ताव के आधार पर नगर पालिका केवल सरकार से जेई मूलचंद के स्थानांतरण का अनुरोध कर सकती है। उनको कार्य मुक्त करने का प्रस्ताव राज्य सरकार की शक्तियों में अतिक्रमण कर पारित किया गया है। निकायों ने केंद्रीयत अधिकारियों को अपने स्तर से नियम विरुद्घ कार्य मुक्त नहीं करने के आदेश दिए गए हैं। इसलिए आपका आदेश शासनादेश के विपरीत और विधि विरुद्घ है। उन्होंने आदेश पर पुन: विचार करने के लिए कहा है।
इन्होंने कहा...
नगर पालिका बोर्ड ने बहुमत से जेई को रिलीव करने का प्रस्ताव पास किया है। बोर्ड के प्रस्ताव के आधार पर ही आदेश जारी किया गया है। जब यह प्रस्ताव पारित हुआ था, तब ईओ भी बैठक में मौजूद थे, लेकिन वहां कुछ नहीं बोले थे।
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- अंजू अग्रवाल, चेयरपर्सन, नगर पालिका।
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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के जेई निर्माण मूलचंद को रिलीव करने के चेयरपर्सन के आदेश को ईओ ने नियम विरुद्घ बताया है। ईओ का कहना है कि नगर पालिका बोर्ड प्रस्ताव पास कर शासन से केवल निवेदन कर सकता है। केंद्रीयत सेवा के कर्मचारी/अधिकारी को इस तरह रिलीव नहीं किया जा सकता।
नगर पालिका बोर्ड की 27 जून को हुई विशेष बैठक में सभासदों ने निर्माण विभाग के जेई मूलचंद के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर बोर्ड ने जेई को रिलीव करने का प्रस्ताव पारित कर दिया था। बोर्ड बैठक में ही चेयरपर्सन ने जेई को रिलीव करने की घोषणा कर दी थी तथा 30 जून को आदेश जारी कर दिया। आदेश में कहा था कि जेई संबंधित अभिलेख विकास चौधरी को उपलब्ध करा दें तथा ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर निदेशालय में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करें। इसके जवाब में ईओ ने भी चेयरपर्सन को पत्र लिखा है। कहा कि नगर पालिका बोर्ड केंद्रीयत सेवा के अधिकारी का स्थानांतरण करने का निवेदन करने का प्रस्ताव पारित कर सकता है। बोर्ड बैठक में पास किए गए प्रस्ताव के आधार पर नगर पालिका केवल सरकार से जेई मूलचंद के स्थानांतरण का अनुरोध कर सकती है। उनको कार्य मुक्त करने का प्रस्ताव राज्य सरकार की शक्तियों में अतिक्रमण कर पारित किया गया है। निकायों ने केंद्रीयत अधिकारियों को अपने स्तर से नियम विरुद्घ कार्य मुक्त नहीं करने के आदेश दिए गए हैं। इसलिए आपका आदेश शासनादेश के विपरीत और विधि विरुद्घ है। उन्होंने आदेश पर पुन: विचार करने के लिए कहा है।
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इन्होंने कहा...
नगर पालिका बोर्ड ने बहुमत से जेई को रिलीव करने का प्रस्ताव पास किया है। बोर्ड के प्रस्ताव के आधार पर ही आदेश जारी किया गया है। जब यह प्रस्ताव पारित हुआ था, तब ईओ भी बैठक में मौजूद थे, लेकिन वहां कुछ नहीं बोले थे।
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- अंजू अग्रवाल, चेयरपर्सन, नगर पालिका।