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प्रशासन की बदइंतजामी से लोग हलकान
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:54 AM IST
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शहर में की गई बेरिकेडिंग के नीचे से निकलता व्यक्ति।
- फोटो : अमर उजाला
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कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन की बदइंतजामी शहर के नागरिकों से लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। रुड़की रोड के संपर्क मार्गों और गलियों में की गई बेरीकेडिंग से राहगीरों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
जीटी रोड और शिवचौक पर की गई पुलिस प्रशासन की किलेबंदी से पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है। मीनाक्षी चौक पर सीओ सिटी तेजवीर सिंह राहगीरों से बदसलूकी करते नजर आए।
नगर से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था के नाम पर लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। किसी भी प्रकार के वाहनों पर जीटी रोड और शिवचौक पर आने की पाबंदी लगा दी है। यहां तक की पत्रकारों को कवरेज के लिए नहीं जाने दिया जा रहा है। हर वर्ष आनंद भवन की गली खुली रहती थी, जिससे आसपास के लोग अपने जरूरी काम निपटा लेते थे,
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लेकिन इस बार उस पर भी बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला अस्पताल आदि स्थानों पर पहुंचने के लिए राहगीरों को काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। नागरिकों को रोजमर्रा के घरेलू सामान खरीदकर लाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में जीटी रोड को केवल अस्पताल तिराहे और मीनाक्षी चौक पर ही आवागमन के लिए खोला गया है, जिस कारण यहां पर पूरे दिन जाम की स्थिति रहती है। ई-रिक्शा, ऑटो का संचालन बंद रहने से गांव देहात से आने वाले राहगीरों को पैदल की शहर में बाजारों, बस अड्डे, स्टेशन पर आना जाना पड़ रहा है। शिवचौक और जीटी रोड पर पैदल निकलना भी कठिन हो रहा है। शिवचौक क्षेत्र को केवल कांवडिय़ों के लिए ही सुरक्षित करने पर यहां के दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह से ठप कर दिया गया है।
एसडी मार्केट के दुकानदारों का कारोबार भी कांवड़ यात्रा से प्रभावित है। बावजूद इसके कोई भी प्रशासन की इस सख्ती और किलेबंदी का विरोध करने वाला सामने नहीं आ रहा है। होना यह चाहिए कि रुड़की रोड को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों चौराहों शिवचौक, नावल्टी चौक, रामपुरम, नुमाईश कैंप पर आवागमन सुचारु रखने के लिए बैरीकेडिंग नहीं होनी चाहिए। रास्ते बंद किए जाने पर लोगों की पुलिस से झड़प हो रही है। मीनाक्षी चौक पर सुबह सीओ सिटी तेजवीर सिंह से कई लोगों की झड़प हुई। बाद में इसकी शिकायत पुलिस कप्तान से की गई।
डीएम-एसएसपी कर रहे भ्रमण
जिले में शिवभक्त कांवड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और मुस्तैद हो गया है। डीएम दिनेश कुमार सिंह और एसएसपी दीपक कुमार ने पूरी कांवड़ यात्रा की कमान अपने हाथों में ले रखी है। दोनों अधिकारी लगातार कांवड़ यात्रा मार्ग पर भ्रमण कर रहे हैं।
डीएम और एसएसपी ने सोमवार को पुरकाजी, छपार, शाहपुर, बुुढ़ाना, खतौली, मंसूरपुर क्षेत्र में भ्रमण कर कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने गंगनहर पटरी कांवड़ यात्रा मार्ग का भी निरीक्षण किया। शुगर मिलों के खोले गए कांवड़ सेवा शिविरों को भी देखा। उन्होंने शांति व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों का भी जायजा लिया।
दोनों अधिकारियों ने सभी जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट से लगातार अपने क्षेत्र में भ्रमण कर तमाम प्रबंधों की जानकारी लेने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कांवड़ियों को हरसंभव उपचार और मदद को कहा। गंगनहर के खतौली, भोपा, चितौड़ा घाट पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पीएसी के गोताखोर जवान तैनात किए गए हैं।
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जीटी रोड और शिवचौक पर की गई पुलिस प्रशासन की किलेबंदी से पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है। मीनाक्षी चौक पर सीओ सिटी तेजवीर सिंह राहगीरों से बदसलूकी करते नजर आए।
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नगर से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था के नाम पर लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। किसी भी प्रकार के वाहनों पर जीटी रोड और शिवचौक पर आने की पाबंदी लगा दी है। यहां तक की पत्रकारों को कवरेज के लिए नहीं जाने दिया जा रहा है। हर वर्ष आनंद भवन की गली खुली रहती थी, जिससे आसपास के लोग अपने जरूरी काम निपटा लेते थे,
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लेकिन इस बार उस पर भी बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला अस्पताल आदि स्थानों पर पहुंचने के लिए राहगीरों को काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। नागरिकों को रोजमर्रा के घरेलू सामान खरीदकर लाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में जीटी रोड को केवल अस्पताल तिराहे और मीनाक्षी चौक पर ही आवागमन के लिए खोला गया है, जिस कारण यहां पर पूरे दिन जाम की स्थिति रहती है। ई-रिक्शा, ऑटो का संचालन बंद रहने से गांव देहात से आने वाले राहगीरों को पैदल की शहर में बाजारों, बस अड्डे, स्टेशन पर आना जाना पड़ रहा है। शिवचौक और जीटी रोड पर पैदल निकलना भी कठिन हो रहा है। शिवचौक क्षेत्र को केवल कांवडिय़ों के लिए ही सुरक्षित करने पर यहां के दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह से ठप कर दिया गया है।
एसडी मार्केट के दुकानदारों का कारोबार भी कांवड़ यात्रा से प्रभावित है। बावजूद इसके कोई भी प्रशासन की इस सख्ती और किलेबंदी का विरोध करने वाला सामने नहीं आ रहा है। होना यह चाहिए कि रुड़की रोड को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों चौराहों शिवचौक, नावल्टी चौक, रामपुरम, नुमाईश कैंप पर आवागमन सुचारु रखने के लिए बैरीकेडिंग नहीं होनी चाहिए। रास्ते बंद किए जाने पर लोगों की पुलिस से झड़प हो रही है। मीनाक्षी चौक पर सुबह सीओ सिटी तेजवीर सिंह से कई लोगों की झड़प हुई। बाद में इसकी शिकायत पुलिस कप्तान से की गई।
डीएम-एसएसपी कर रहे भ्रमण
जिले में शिवभक्त कांवड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और मुस्तैद हो गया है। डीएम दिनेश कुमार सिंह और एसएसपी दीपक कुमार ने पूरी कांवड़ यात्रा की कमान अपने हाथों में ले रखी है। दोनों अधिकारी लगातार कांवड़ यात्रा मार्ग पर भ्रमण कर रहे हैं।
डीएम और एसएसपी ने सोमवार को पुरकाजी, छपार, शाहपुर, बुुढ़ाना, खतौली, मंसूरपुर क्षेत्र में भ्रमण कर कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने गंगनहर पटरी कांवड़ यात्रा मार्ग का भी निरीक्षण किया। शुगर मिलों के खोले गए कांवड़ सेवा शिविरों को भी देखा। उन्होंने शांति व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों का भी जायजा लिया।
दोनों अधिकारियों ने सभी जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट से लगातार अपने क्षेत्र में भ्रमण कर तमाम प्रबंधों की जानकारी लेने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कांवड़ियों को हरसंभव उपचार और मदद को कहा। गंगनहर के खतौली, भोपा, चितौड़ा घाट पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पीएसी के गोताखोर जवान तैनात किए गए हैं।