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बर्फीली हवाओं ने छुड़ाई लोगों की कंपकपी
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:08 AM IST
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weather
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। बर्फीली हवाओं के कारण लोग यहां दिन में भी कंपकंपाते नजर आए। शनिवार का दिन इस मौसम का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान यहां 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। घने कोहरे और शीतलहर से जनजीवन थमा रहा। सुबह और शाम लोग मजबूरी में ही अपने घर से बाहर निकल रहे हैं। ठंड का बाजारों से लेकर यातायात व्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ा है।
एक जनवरी से लगातार गलन भरी सर्दी पड़ रही है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण यहां शीतलहर में लोग दिन में भी कंपकंपाते नजर आ रहे हैं। शनिवार का दिन इस मौसम का सबसे ठंडा रहा। न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
शनिवार को दिन में सूरज निकला, लेकिन ठंड के सामने बेअसर ही दिखाई दिया। सुबह और शाम के समय शीतलहर जहां असहनीय रही, वहीं दिन में भी ठंड में लोग कंपकंपाते नजर आए। सुबह के समय तो जनजीवन मानो थम सा गया। घर से बाहर केवल वही निकले, जिनकी मजबूरी थी। बाकी लोग गर्म कपड़ों में बैठकर ठंड से बचने का प्रयास करते रहे। सुबह को शीतलहर के चलते बाजार ही दिन में 12 बजे तक खुले। शाम को बाजार जल्दी बंद हो गए। बाजारों में और गली-मौहल्लों में केवल चाय की दुकानों पर ही भीड़ नजर आई।
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रात में केवल मूंगफली की भट्ठियां ही चलती दिखाई दीं। ठेली पर मूंगफली बेचने वाले ही नजर आए। ठंड में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। रोडवेज ने यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए अपने चक्कर कम कर दिए। रेलवे स्टेशन पर भी सुबह वह भीड़ नहीं दिखाई दी, जो हमेशा रहा करती है।
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एक जनवरी से लगातार गलन भरी सर्दी पड़ रही है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण यहां शीतलहर में लोग दिन में भी कंपकंपाते नजर आ रहे हैं। शनिवार का दिन इस मौसम का सबसे ठंडा रहा। न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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शनिवार को दिन में सूरज निकला, लेकिन ठंड के सामने बेअसर ही दिखाई दिया। सुबह और शाम के समय शीतलहर जहां असहनीय रही, वहीं दिन में भी ठंड में लोग कंपकंपाते नजर आए। सुबह के समय तो जनजीवन मानो थम सा गया। घर से बाहर केवल वही निकले, जिनकी मजबूरी थी। बाकी लोग गर्म कपड़ों में बैठकर ठंड से बचने का प्रयास करते रहे। सुबह को शीतलहर के चलते बाजार ही दिन में 12 बजे तक खुले। शाम को बाजार जल्दी बंद हो गए। बाजारों में और गली-मौहल्लों में केवल चाय की दुकानों पर ही भीड़ नजर आई।
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रात में केवल मूंगफली की भट्ठियां ही चलती दिखाई दीं। ठेली पर मूंगफली बेचने वाले ही नजर आए। ठंड में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। रोडवेज ने यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए अपने चक्कर कम कर दिए। रेलवे स्टेशन पर भी सुबह वह भीड़ नहीं दिखाई दी, जो हमेशा रहा करती है।