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विकास कार्यों में अनियमितताओं में चरथावल चेयरमैन को क्लीनचिट
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:30 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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शासन ने चरथावल नगर पंचायत चेयरमैन बीना त्यागी को नगर सीमा से बाहर एवं नियम विरुद्ध कराए गए विकास कार्यों में अनियमितताओं के आरोपों पर चेतावनी देते हुए क्लीनचिट दे दी है। शिकायतकर्ता द्वारा हाईकोर्ट में अवमानना की कार्रवाई के बाद सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह ने उन्हें आरोप मुक्त कर दिया है, जिससे चेयरमैन खेमा उत्साहित है।
कस्बे के विजेंद्र त्यागी की शिकायत पर डीएम डीके सिंह द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर जांच कराने के बाद गत वर्ष पांच अक्तूबर को सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह ने चेयरमैन के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे। हाईकोर्ट में चेयरमैन के अधिकार बहाल करते हुए चार हफ्ते में कारण बताओ नोटिस का निस्तारण करने का आदेश दिया था, लेकिन शासन द्वारा तीन महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर सचिव श्रीप्रकाश सिंह के खिलाफ अवमानना वाद दायर किया था।
हाईकोर्ट ने तीन हफ्ते में सचिव को मामले का निस्तारण करने को कहा था। हाल ही में सचिव ने मामले की डीएम से पुन: जांच कराई। जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद शासन ने नगर सीमा से बाहर कराए गए निर्माण कार्यों एवं बिना टेंडर के सिर्फ कोटेशन के आधार पर सौर ऊर्जा और जेनरेटर क्रय करने में भुगतान की कार्रवाई को सही माना है और नगर पंचायत को कोई आर्थिक क्षति नहीं होना पाया है।
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सचिव ने आदेश में नगर पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध कोई गंभीर प्रकृति का आरोप सिद्ध नहीं होना पाया है। साथ ही बीना त्यागी को भविष्य में ऐसे कृत्य नहीं करने के लिए सचेत करते हुए पांच अक्तूबर को जारी कारण बताओ नोटिस का निस्तारण कर दिया है। ज्ञात हो कि मार्च 2016 में डीएम ने निर्माण कार्यों में 72 लाख रुपये की सरकारी धन के दुरुपयोग की रिपोर्ट शासन को भेजी थी, जिसमें अध्यक्ष और ईओ को बराबर का जिम्मेदार बताया था।
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कस्बे के विजेंद्र त्यागी की शिकायत पर डीएम डीके सिंह द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर जांच कराने के बाद गत वर्ष पांच अक्तूबर को सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह ने चेयरमैन के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे। हाईकोर्ट में चेयरमैन के अधिकार बहाल करते हुए चार हफ्ते में कारण बताओ नोटिस का निस्तारण करने का आदेश दिया था, लेकिन शासन द्वारा तीन महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर सचिव श्रीप्रकाश सिंह के खिलाफ अवमानना वाद दायर किया था।
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हाईकोर्ट ने तीन हफ्ते में सचिव को मामले का निस्तारण करने को कहा था। हाल ही में सचिव ने मामले की डीएम से पुन: जांच कराई। जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद शासन ने नगर सीमा से बाहर कराए गए निर्माण कार्यों एवं बिना टेंडर के सिर्फ कोटेशन के आधार पर सौर ऊर्जा और जेनरेटर क्रय करने में भुगतान की कार्रवाई को सही माना है और नगर पंचायत को कोई आर्थिक क्षति नहीं होना पाया है।
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सचिव ने आदेश में नगर पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध कोई गंभीर प्रकृति का आरोप सिद्ध नहीं होना पाया है। साथ ही बीना त्यागी को भविष्य में ऐसे कृत्य नहीं करने के लिए सचेत करते हुए पांच अक्तूबर को जारी कारण बताओ नोटिस का निस्तारण कर दिया है। ज्ञात हो कि मार्च 2016 में डीएम ने निर्माण कार्यों में 72 लाख रुपये की सरकारी धन के दुरुपयोग की रिपोर्ट शासन को भेजी थी, जिसमें अध्यक्ष और ईओ को बराबर का जिम्मेदार बताया था।