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हर संघर्ष में साथ निभाने का वादा, सीबीआई जांच कराने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 19 Feb 2017 11:57 PM IST
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राेते बिलखते बाबा को शांत करता अक्षय।
- फोटो : अमर उजाला
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महिमा की शोकसभा में विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर पीड़ित परिवार को हर संघर्ष में साथ निभाने का भरोसा दिलाया।
भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष मोहन प्रजापति और महासचिव हरेंद्र पाल, सचिन पाल ने महिमा की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उत्तराखंड सभा के प्रांतीय अध्यक्ष रविंद्र धीमान, सुनील विश्वकर्मा, सुमन कुमार, मुकेश, संजीव ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। विश्वकर्मा युवा शक्ति दल के अध्यक्ष संजय धीमान और महासचिव अनुज विश्वकर्मा ने परिवार की सुरक्षा और न्याय दिलाने की मांग की।
बसपा नेता राकेश शर्मा ने दोषियों को जेल भेजने और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर यूथ ब्रिगेड के प्रांतीय उपाध्यक्ष तरुण कुमार पाल ने कहा कि महिमा की मौत समाज के लिए शर्मनाक है। अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा के कार्यकारी प्रांतीय महासचिव सुनील विश्वकर्मा ने घटना की निंदा की।
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पालिका सदस्य जनार्दन विश्वकर्मा, बिजेंद्र पाल, पूर्व प्रमुख विनयपाल, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय सचिव नरेश कुमार कश्यप, कालूराम कश्यप, सुमत पाल कश्यप, श्याम सिंह सैनी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य भूषण सिंह, प्रमोद ऊंटवाल, सदर ब्लाक प्रमुख अमित चौधरी, रविंद्र सिंह मलिकपुरा, नरेश पांचाल खतौली, दिनेश जांगिड़, आत्माराम, ब्रजमोहन, ब्रजपाल, प्रेमचंद जांगिड़, शेरपाल पांचाल, बाबूराम पांचाल, बिजेंद्र धीमान, सरदार सुलखन सिंह, कमलदीप आर्य, नंदकिशोर पांचाल, राकिब कुरैशी, मनोज सैनी आदि ने श्रद्धांजलि दी।
नजरें झुकाने का काम नहीं करूंगा: बालियान
महिमा आत्महत्या प्रकरण में सवालों के घेरे में आए केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉक्टर संजीव बालियान ने कहा कि राजनीतिक जीवन में वह नजरें झुकाने का काम नहीं करेंगे। पीड़ित परिवार से उनकी सहानुभूति है। मेरे स्तर से मामले में कोई गलत सिफारिश नहीं की गई है। महिमा की शोकसभा में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि चुनावी व्यस्तता के कारण वह पीड़ित परिवार से नहीं मिल सकेे। महिमा की मौत समाज के लिए कलंक की बात है।
उनके स्तर से मामले में कोई गलत सिफारिश नहीं की गई है। मैं महिमा के परिवार से परिचित नहीं हूं। तीन साल के राजनीतिक जीवन पर पहली बार शक की अंगुली मेरी तरफ उठी है। सांसद होने के नाते जिले की जनता के लिए निष्पक्ष कार्य करना मेरी प्राथमिकता है। मामले की निष्पक्ष जांच हो।
महिमा की शादी के लिए जमा किए थे डेढ़ लाख
मुफलिसी की जंग इंसान को तोड़ देती है। महिमा के बाबा रामस्वरूप का परिवार कभी शामली जिले के संपन्न घराने से ताल्लुक रखते है। वर्ष 2000 में बेसिक शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त रामस्वरूप शोकसभा में अपना दर्द बयां करते गए। उन्होंने कहा कि पोती महिमा की शादी के लिए अपनी 11 हजार की पेंशन में से डेढ़ लाख रुपये जमा किए थे। तीन हजार रुपये प्रतिमाह उनकी बीमारी की दवा में खर्च हो जाते हैं।
एसडी डिग्री कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष में पढ़ रही महिमा को ऐसी मौत मिलेगी, जिसका उन्हें अहसास नहीं था। आरोपियों ने मेरी बहू संजू और पोती पर रकम के लिए दबाव बनाने में जिस तरह का व्यवहार किया, उससे आत्मिक पीड़ा होती है। बुरे वक्त में गरीब की इज्जत पर हमला बहुत बड़ा पाप है। भगवान आरोपियों को इसकी सजा जरूर देगा। उधर, शोकसभा में शामली, सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ सहित अन्य कस्बों और शहरों से लोग शामिल हुए।
क्राइम ब्रांच को सौंपी जा सकती है मामले की जांच
महिमा आत्महत्या मामले में प्रशासनिक मशीनरियां सक्रिय हो गई हैं। शोकसभा पर एलाआईयू निरीक्षक के अलावा अन्य खुफिया विभागों की निगाहें रही। एसपी क्राइम आदित्य वर्मा ने अंकित विहार पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। वर्मा ने मृतक छात्रा के भाई अक्षय से पूछताछ की।
परिवार की सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी मौके पर मुस्तैद नजर आए। विवेचक मनोज कुमार ने रात में ही मृतका की मां संजू देवी और भाई अक्षय के बयानों की वीडियोग्राफी की। सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच नई मंडी पुलिस से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित हो सकती है।
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भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष मोहन प्रजापति और महासचिव हरेंद्र पाल, सचिन पाल ने महिमा की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उत्तराखंड सभा के प्रांतीय अध्यक्ष रविंद्र धीमान, सुनील विश्वकर्मा, सुमन कुमार, मुकेश, संजीव ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। विश्वकर्मा युवा शक्ति दल के अध्यक्ष संजय धीमान और महासचिव अनुज विश्वकर्मा ने परिवार की सुरक्षा और न्याय दिलाने की मांग की।
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बसपा नेता राकेश शर्मा ने दोषियों को जेल भेजने और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर यूथ ब्रिगेड के प्रांतीय उपाध्यक्ष तरुण कुमार पाल ने कहा कि महिमा की मौत समाज के लिए शर्मनाक है। अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा के कार्यकारी प्रांतीय महासचिव सुनील विश्वकर्मा ने घटना की निंदा की।
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पालिका सदस्य जनार्दन विश्वकर्मा, बिजेंद्र पाल, पूर्व प्रमुख विनयपाल, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय सचिव नरेश कुमार कश्यप, कालूराम कश्यप, सुमत पाल कश्यप, श्याम सिंह सैनी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य भूषण सिंह, प्रमोद ऊंटवाल, सदर ब्लाक प्रमुख अमित चौधरी, रविंद्र सिंह मलिकपुरा, नरेश पांचाल खतौली, दिनेश जांगिड़, आत्माराम, ब्रजमोहन, ब्रजपाल, प्रेमचंद जांगिड़, शेरपाल पांचाल, बाबूराम पांचाल, बिजेंद्र धीमान, सरदार सुलखन सिंह, कमलदीप आर्य, नंदकिशोर पांचाल, राकिब कुरैशी, मनोज सैनी आदि ने श्रद्धांजलि दी।
नजरें झुकाने का काम नहीं करूंगा: बालियान
महिमा आत्महत्या प्रकरण में सवालों के घेरे में आए केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉक्टर संजीव बालियान ने कहा कि राजनीतिक जीवन में वह नजरें झुकाने का काम नहीं करेंगे। पीड़ित परिवार से उनकी सहानुभूति है। मेरे स्तर से मामले में कोई गलत सिफारिश नहीं की गई है। महिमा की शोकसभा में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि चुनावी व्यस्तता के कारण वह पीड़ित परिवार से नहीं मिल सकेे। महिमा की मौत समाज के लिए कलंक की बात है।
उनके स्तर से मामले में कोई गलत सिफारिश नहीं की गई है। मैं महिमा के परिवार से परिचित नहीं हूं। तीन साल के राजनीतिक जीवन पर पहली बार शक की अंगुली मेरी तरफ उठी है। सांसद होने के नाते जिले की जनता के लिए निष्पक्ष कार्य करना मेरी प्राथमिकता है। मामले की निष्पक्ष जांच हो।
महिमा की शादी के लिए जमा किए थे डेढ़ लाख
मुफलिसी की जंग इंसान को तोड़ देती है। महिमा के बाबा रामस्वरूप का परिवार कभी शामली जिले के संपन्न घराने से ताल्लुक रखते है। वर्ष 2000 में बेसिक शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त रामस्वरूप शोकसभा में अपना दर्द बयां करते गए। उन्होंने कहा कि पोती महिमा की शादी के लिए अपनी 11 हजार की पेंशन में से डेढ़ लाख रुपये जमा किए थे। तीन हजार रुपये प्रतिमाह उनकी बीमारी की दवा में खर्च हो जाते हैं।
एसडी डिग्री कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष में पढ़ रही महिमा को ऐसी मौत मिलेगी, जिसका उन्हें अहसास नहीं था। आरोपियों ने मेरी बहू संजू और पोती पर रकम के लिए दबाव बनाने में जिस तरह का व्यवहार किया, उससे आत्मिक पीड़ा होती है। बुरे वक्त में गरीब की इज्जत पर हमला बहुत बड़ा पाप है। भगवान आरोपियों को इसकी सजा जरूर देगा। उधर, शोकसभा में शामली, सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ सहित अन्य कस्बों और शहरों से लोग शामिल हुए।
क्राइम ब्रांच को सौंपी जा सकती है मामले की जांच
महिमा आत्महत्या मामले में प्रशासनिक मशीनरियां सक्रिय हो गई हैं। शोकसभा पर एलाआईयू निरीक्षक के अलावा अन्य खुफिया विभागों की निगाहें रही। एसपी क्राइम आदित्य वर्मा ने अंकित विहार पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। वर्मा ने मृतक छात्रा के भाई अक्षय से पूछताछ की।
परिवार की सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी मौके पर मुस्तैद नजर आए। विवेचक मनोज कुमार ने रात में ही मृतका की मां संजू देवी और भाई अक्षय के बयानों की वीडियोग्राफी की। सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच नई मंडी पुलिस से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित हो सकती है।