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आत्मदोषों का निरीक्षण कराती है भागवत: अचल शास्त्री
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शुकतीर्थ के शुकदेव आश्रम में उपस्थित श्रद्घालु आरती में भाग लेते हुए।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
आत्मदोषों का निरीक्षण कराती है भागवत : अचल शास्त्री
मुजफ्फरनगर मोरना। शुकतीर्थ स्थित भागवत पीठ श्रीशुकदेव आश्रम के डोंगरे भागवत भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव मनाया गया। कथावाचक अचल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भागवत आत्मदोषों का निरीक्षण कराती है।
भागवत भवन में पीठाधीस्वर स्वामी ओमानंद महाराज के सान्निध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री ने महारास विहार, कंस मर्दन और गोपी-उद्धव संवाद का वर्णन किया। कथाव्यास ने कहा कि भागवत ज्ञान मनुष्य के जीवन का आभूषण है। भागवत जीवन उपयोगी सूत्रों का समुद्र है, जिसमें सफलता के रहस्यों का सागर है। भक्ति के तीन सूत्र हैं, विश्वास, संबंध और समर्पण। ईष्ट के चरणों में विश्वास करना, भगवान से कोई ना कोई संबंध बनाकर अपना पूर्ण समर्पण करना ही भक्ति की पराकाष्ठा है।
भागवत कथा के बाद कथास्थल पर श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव मनाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य यजमान महावीर प्रसाद विजयवर्गीय, कमलेश विजयवर्गीय, मनोज विजयवर्गीय, अनिल विजयवर्गीय, संजय विजयवर्गीय के साथ ही एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय भी शामिल रहे।
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मुजफ्फरनगर मोरना। शुकतीर्थ स्थित भागवत पीठ श्रीशुकदेव आश्रम के डोंगरे भागवत भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव मनाया गया। कथावाचक अचल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भागवत आत्मदोषों का निरीक्षण कराती है।
भागवत भवन में पीठाधीस्वर स्वामी ओमानंद महाराज के सान्निध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री ने महारास विहार, कंस मर्दन और गोपी-उद्धव संवाद का वर्णन किया। कथाव्यास ने कहा कि भागवत ज्ञान मनुष्य के जीवन का आभूषण है। भागवत जीवन उपयोगी सूत्रों का समुद्र है, जिसमें सफलता के रहस्यों का सागर है। भक्ति के तीन सूत्र हैं, विश्वास, संबंध और समर्पण। ईष्ट के चरणों में विश्वास करना, भगवान से कोई ना कोई संबंध बनाकर अपना पूर्ण समर्पण करना ही भक्ति की पराकाष्ठा है।
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भागवत कथा के बाद कथास्थल पर श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव मनाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य यजमान महावीर प्रसाद विजयवर्गीय, कमलेश विजयवर्गीय, मनोज विजयवर्गीय, अनिल विजयवर्गीय, संजय विजयवर्गीय के साथ ही एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय भी शामिल रहे।

शुखदेव आश्रम शुकतीर्थ में भागवत कथा सुनाते भगवताचार्य अचल शास्त्री महाराज।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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