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बैरकों की कराई गई तलाशी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:05 AM IST
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश की जेलों मेें देर रात डीएम और एसएसपी द्वारा मारे गए छापों के बाद जिला जेल में अलर्ट कर दिया गया। अफसर कई बार बैरकों की तलाशी कराने में जुटे हैं। अब ऐसे बंदियों की सूची तैयार की जा रही है, जिनके परिजन चुनाव लड़ते हैं और जो रसूखदार हैं।
चुनाव आयोग के निर्देशों पर शुक्रवार रात प्रदेश की कई जेलों में जिलों के एसएसपी और डीएम ने छापे मारे और ऐसे बंदियों की तलाश की जो राजनीतिक रसूखदार हों। छापों का पता चलते ही जिला जेल में अफसरों ने बैरकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। दिन में कई बार बैरकों की तलाशी कराई और ऐसे बंदियों से बात की।
ऐेेसे भी बंदियों की पहचान की जा रही है जो पूर्व में कोई भी प्रधानी या बीडीसी का चुनाव लड़ चुके हों। राजनीतिक बंदियों के परिजनों की कुंडली भी खंगाली जा रही है। अफसर पहले ही 25 ऐसे बंदियों की सूची तैयार करके आयोग को भेज चुके हैं जो जेल के अंदर रहते हुए मतदान के दिन चुनाव प्रभावित कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो सूची में और नाम बढ़ाए जाएंगे।
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चुनाव आयोग के निर्देशों पर शुक्रवार रात प्रदेश की कई जेलों में जिलों के एसएसपी और डीएम ने छापे मारे और ऐसे बंदियों की तलाश की जो राजनीतिक रसूखदार हों। छापों का पता चलते ही जिला जेल में अफसरों ने बैरकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। दिन में कई बार बैरकों की तलाशी कराई और ऐसे बंदियों से बात की।
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ऐेेसे भी बंदियों की पहचान की जा रही है जो पूर्व में कोई भी प्रधानी या बीडीसी का चुनाव लड़ चुके हों। राजनीतिक बंदियों के परिजनों की कुंडली भी खंगाली जा रही है। अफसर पहले ही 25 ऐसे बंदियों की सूची तैयार करके आयोग को भेज चुके हैं जो जेल के अंदर रहते हुए मतदान के दिन चुनाव प्रभावित कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो सूची में और नाम बढ़ाए जाएंगे।
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