खतौली। चेहल्लुम पर नगर में मातमी जुलूस निकाला गया, जिसमें अलम, जुलजुनाह और ताबूत बरामद हुआ। शिया सोगवारों ने इमाम हुसैन की याद में मातमपुर्सी की।
चेहल्लुम पर मोहल्ला जैन नगर स्थित मस्जिद अमीरुल मोमिनीन में मजलिस को खिताब फरमाते हुए मौलाना अजादार हुसैन ने कहा कि इमाम हुसैन ने इस्लाम और इंसानियत को जिंदा रखने के लिए करबला में अपने कुनबे के लोगों के साथ शहादत दी। उन्होंने यजीद की बात नहीं मानी तो यजीद ने उनके कुनबे के लोगों पर जुल्म किया। इमाम हुसैन के साथ 72 लोगों ने शहादत दी। करबला के वाकयात सुनकर अजादार गमगीन हो गए। इसके बाद मातमी जुलूस निकाला गया।
मातमी जुलूस जैन नगर की गली नंबर से होता हुआ मस्जिद पहुंच कर संपन्न हुआ। जुलूस में इमाम हुसैन का ताबूत, जुलजुनाह और अलम बरामद हुए। मरसियाखान शुऐब जैदी, नोहाखान कायम जैदी, मोहम्मद जैदी, मिनहाल रहे। अंंजुमन नासिराने हुसैनी चितौड़ा सादात के अजादारों के साथ रजी हैदर जैदी, अरशद जैदी, काजिम हुसैन, इसरार जैदी, नुसरत जैदी, आजम जैदी, शब्बू जैदी, अब्बास जैदी, जुल्फकार जैदी ने मातमपुर्सी की।