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मिल कर्मचारी की मौत पर बखेड़ा
Updated Sun, 07 Oct 2018 11:40 PM IST
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मिल कर्मचारी की मौत पर बखेड़ा
भाकियू के नेतृत्व में नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर लोगों ने किया हंगामा
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। शुगर मिल के बीमार कर्मचारी की मेरठ के हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मौत होने के बाद जमकर बखेड़ा हुआ। पीड़ित परिजनों ने भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में मिल परिसर के अंदर शव रखकर मृतक आश्रित को नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। कई घंटे हंगामे के बाद मिल प्रबंधन द्वारा आश्वासन दिए जाने पर धरना खत्म किया गया।
मिल कॉलोनी मंसूरपुर निवासी सतपाल (56) पुत्र नकली सिंह शुगर मिल में तौल कांटे के फिटर पद पर नौकरी करता था। करीब एक हफ्ते पूर्व फेफड़े व पेट दर्द की शिकायत पर उसे मेरठ के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सतपाल की मौत के बाद पीड़ित परिजन शव लेकर भाकियू नेता व खानूपुर प्रधान भूपेंद्र राठी, भाकियू जिला महामंत्री विनय भारद्वाज व जिला महासचिव अहसान त्यागी के साथ मिल परिसर में पहुंचे और वहां शव रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाकियू नेताओं ने मिल प्रबंधन से मृत कर्मचारी के बेटे को आश्रित नौकरी व मुआवजा दिए जाने की मांग की, जिस पर मिल प्रबंधन ने इसे स्वाभाविक मौत बताते हुए परिजनों को ग्रेच्यूटी फंड व अन्य सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया। मिल प्रबंधन द्वारा आश्रित नौकरी दिए जाने के इंकार पर भाकियू ने मिल गेट पर टेंट लगाकर धरना चालू रखने की घोषणा कर दी। इस दौरान लोगों ने मिल के वाइस प्रेसीडेंट के घर में भी घुसने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर केपीएस चाहल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भाकियू नेताओं व पीड़ित परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। घंटों चले धरना-प्रदर्शन के बाद आखिरकार मिल प्रबंधन द्वारा मांगों को लेकर उच्चाधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिए जाने पर धरना खत्म कर दिया गया, जिसके बाद परिजन शव लेकर चले गए, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मिल मैनेजर ओएन तिवारी का कहना है कि कर्मचारी की स्वाभाविक मौत है और प्रबंधन द्वारा नौकरी का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है।
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भाकियू के नेतृत्व में नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर लोगों ने किया हंगामा
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। शुगर मिल के बीमार कर्मचारी की मेरठ के हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मौत होने के बाद जमकर बखेड़ा हुआ। पीड़ित परिजनों ने भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में मिल परिसर के अंदर शव रखकर मृतक आश्रित को नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। कई घंटे हंगामे के बाद मिल प्रबंधन द्वारा आश्वासन दिए जाने पर धरना खत्म किया गया।
मिल कॉलोनी मंसूरपुर निवासी सतपाल (56) पुत्र नकली सिंह शुगर मिल में तौल कांटे के फिटर पद पर नौकरी करता था। करीब एक हफ्ते पूर्व फेफड़े व पेट दर्द की शिकायत पर उसे मेरठ के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सतपाल की मौत के बाद पीड़ित परिजन शव लेकर भाकियू नेता व खानूपुर प्रधान भूपेंद्र राठी, भाकियू जिला महामंत्री विनय भारद्वाज व जिला महासचिव अहसान त्यागी के साथ मिल परिसर में पहुंचे और वहां शव रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाकियू नेताओं ने मिल प्रबंधन से मृत कर्मचारी के बेटे को आश्रित नौकरी व मुआवजा दिए जाने की मांग की, जिस पर मिल प्रबंधन ने इसे स्वाभाविक मौत बताते हुए परिजनों को ग्रेच्यूटी फंड व अन्य सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया। मिल प्रबंधन द्वारा आश्रित नौकरी दिए जाने के इंकार पर भाकियू ने मिल गेट पर टेंट लगाकर धरना चालू रखने की घोषणा कर दी। इस दौरान लोगों ने मिल के वाइस प्रेसीडेंट के घर में भी घुसने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर केपीएस चाहल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भाकियू नेताओं व पीड़ित परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। घंटों चले धरना-प्रदर्शन के बाद आखिरकार मिल प्रबंधन द्वारा मांगों को लेकर उच्चाधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिए जाने पर धरना खत्म कर दिया गया, जिसके बाद परिजन शव लेकर चले गए, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मिल मैनेजर ओएन तिवारी का कहना है कि कर्मचारी की स्वाभाविक मौत है और प्रबंधन द्वारा नौकरी का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है।
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