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एसडीएम ने छापेमारी करके 10 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:48 AM IST
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एसडीएम ने 10 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया
खतौली। एसडीएम कन्हई सिंह ने बाल श्रम प्रवर्तन विभाग एवं एएचटीयू टीम के साथ विभिन्न संस्थानों पर छापेमारी की और 10 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। छापेमारी से अन्य संस्थानों के मालिकों में हड़कंप मच गया था। आरोपी संस्थानों के मालिकों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना एवं एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। टीम ने बाल श्रमिकों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया है।
एसडीएम कन्हई सिंह ने बृहस्पतिवार की सुबह करीब 9.30 बजे बाल श्रम प्रवर्तन अधिकारी केके मिश्रा और एएचटीयू की टीम के साथ कई संस्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने न्यू बालाजी इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान से बाल श्रमिक शुभम पुत्र हरबीर, दुर्गा स्वीट्स दुर्गापुरी से शेखर पुत्र तेजपाल, योगेंद्र स्वीट्स शेखपुरा की दुकान से गौरव पुत्र राजू, सुपर रिपेयरिंग शॉप से कुलदीप पुत्र जयप्रकाश, फलावदा रोड से जावेद पुत्र काजिम, दयालपुरम से शिवम पुत्र विनोद, आसिफ पुत्र दीन मोहम्मद, आरिफ पुत्र खालिद, शाहवेज पुत्र आरिफ और समीर पुत्र गुफरान को मुक्त कराया। नगर में अन्य संस्थानों के मालिकों में हड़कंप मच गया। कुछ दुकान अपने संस्थान बंद करके फरार भी हो गए। बाल श्रम प्रवर्तन विभाग की टीम इन बाल श्रमिकों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि इन संस्थानों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और एफआईआर दर्ज की जाएगी। इन बाल श्रमिकों को जिला बाल कल्याण समिति में भेजा जाएगा। जहां पर इनके माता और पिता को ही सौंपा जाएगा। एसडीएम ने बताया कि शासन के आदेशानुसार यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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खतौली। एसडीएम कन्हई सिंह ने बाल श्रम प्रवर्तन विभाग एवं एएचटीयू टीम के साथ विभिन्न संस्थानों पर छापेमारी की और 10 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। छापेमारी से अन्य संस्थानों के मालिकों में हड़कंप मच गया था। आरोपी संस्थानों के मालिकों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना एवं एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। टीम ने बाल श्रमिकों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया है।
एसडीएम कन्हई सिंह ने बृहस्पतिवार की सुबह करीब 9.30 बजे बाल श्रम प्रवर्तन अधिकारी केके मिश्रा और एएचटीयू की टीम के साथ कई संस्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने न्यू बालाजी इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान से बाल श्रमिक शुभम पुत्र हरबीर, दुर्गा स्वीट्स दुर्गापुरी से शेखर पुत्र तेजपाल, योगेंद्र स्वीट्स शेखपुरा की दुकान से गौरव पुत्र राजू, सुपर रिपेयरिंग शॉप से कुलदीप पुत्र जयप्रकाश, फलावदा रोड से जावेद पुत्र काजिम, दयालपुरम से शिवम पुत्र विनोद, आसिफ पुत्र दीन मोहम्मद, आरिफ पुत्र खालिद, शाहवेज पुत्र आरिफ और समीर पुत्र गुफरान को मुक्त कराया। नगर में अन्य संस्थानों के मालिकों में हड़कंप मच गया। कुछ दुकान अपने संस्थान बंद करके फरार भी हो गए। बाल श्रम प्रवर्तन विभाग की टीम इन बाल श्रमिकों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि इन संस्थानों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और एफआईआर दर्ज की जाएगी। इन बाल श्रमिकों को जिला बाल कल्याण समिति में भेजा जाएगा। जहां पर इनके माता और पिता को ही सौंपा जाएगा। एसडीएम ने बताया कि शासन के आदेशानुसार यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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