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रेलवे पटरी उखाड़ने की चेतावनी, प्रशासन में हडकंप मचा
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पहले समस्याओं का समाधान, फिर रेलवे फाटक बंद होगा
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। मंसूरपुर के रेलवे फाटक को बंद करने की घोषणा से आक्रोशित होकर भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्र के किसानों ने रेलवे प्लेटफार्म पर धरना प्रदर्शन किया। धरने पर अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर आक्रोशित भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी ने रेलवे लाइन की पटरी उखाड़ने की चेतावनी दे डाली। इससे जिला प्रशासन में खलबली मच गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सांसद डा. संजीव बालियान, एडीएम अमित कुमार, एएसपी सिटी सतपाल अंतिल ने किसानों को आश्वासन दिया कि पहले किसानों की समस्या का समाधान होगा, तभी रेलवे फाटक को बंद किया जाएगा। इस आश्वासन पर किसानों ने 3.30 घंटे बाद धरना समाप्त किया।
रविवार को पूूर्व की घोषणा के अनुसार भाकियू के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष चंद्रपाल फौजी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सहित क्षेत्र के काफी संख्या में किसान एकत्र होकर दोपहर 12 बजे प्लेटफार्म पर पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने प्लेटफार्म पर धरना देकर बैठ गए। धरनास्थल पर किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया। चंद्रपाल फौजी ने चेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र ही प्रशासन के लोग धरनास्थल पर किसानों के बीच नहीं पहुंचे, तो हम रेलवे पटरी उखाड़ देंगे। इस चेतावनी से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर बाद एडीएम अमित कुमार, एसपी सिटी सतपाल अंतिल धरने पर पहुंचे। एडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि, जब तक वैकल्पिक फाटक की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान फाटक चलता रहेगा। जिला प्रशासन ने लिखित रूप से शासन को किसानों की समस्या से अवगत करा दिया है। चंद्रपाल फौजी ने कहा कि यदि प्लेटफार्म बढ़ाने के लिए वर्तमान फाटक को बंद करना जरूरी है, तो किसानों को जहां पर प्लेटफार्म समाप्त हो रहा है, वहां पर एक दूसरा फाटक बनाकर दिया जाए, जिससे किसान अपना गन्ना ले जा सके। किसानों ने एडीएम व एसपी सिटी को भी वह जगह दिखाई जहां पर नया फाटक बन सकता है। इस दौरान धरने पर पहुंचे सांसद डा. संजीव बालियान ने किसानों को आश्वासन दिया कि किसानों के लिए वैकल्पिक फाटक की व्यवस्था किए बगैर वर्तमान फाटक बंद नहीं होगा। पहले किसानों को गन्ना लाने के लिए दूसरे फाटक की व्यवस्था की जाएगी, तभी वर्तमान फाटक को बंद किया जाएगा। सांसद व अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक बलधारी ने कहा कि मिल प्रशासन किसानों के साथ है। जिला प्रशासन का जैसा आदेश होगा, मिल प्रशासन उसमें सहयोग करेगा। इस दौरान धरने को रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, जिला पंचायत सदस्य संजय राठी, रालोद जिला उपाध्यक्ष विकास बालियान, पंकज राठी, राजीव तोमर, अंगद प्रधान, जगपाल, कासिम, अंकित बालियान जोहरा, अशोक राठी, नेपाल सिंह, इंदर भगत जी, राजीव चेयरमैन आदि ने विचार रखे।
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मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। मंसूरपुर के रेलवे फाटक को बंद करने की घोषणा से आक्रोशित होकर भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्र के किसानों ने रेलवे प्लेटफार्म पर धरना प्रदर्शन किया। धरने पर अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर आक्रोशित भाकियू नेता चंद्रपाल फौजी ने रेलवे लाइन की पटरी उखाड़ने की चेतावनी दे डाली। इससे जिला प्रशासन में खलबली मच गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सांसद डा. संजीव बालियान, एडीएम अमित कुमार, एएसपी सिटी सतपाल अंतिल ने किसानों को आश्वासन दिया कि पहले किसानों की समस्या का समाधान होगा, तभी रेलवे फाटक को बंद किया जाएगा। इस आश्वासन पर किसानों ने 3.30 घंटे बाद धरना समाप्त किया।
रविवार को पूूर्व की घोषणा के अनुसार भाकियू के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष चंद्रपाल फौजी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सहित क्षेत्र के काफी संख्या में किसान एकत्र होकर दोपहर 12 बजे प्लेटफार्म पर पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने प्लेटफार्म पर धरना देकर बैठ गए। धरनास्थल पर किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया। चंद्रपाल फौजी ने चेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र ही प्रशासन के लोग धरनास्थल पर किसानों के बीच नहीं पहुंचे, तो हम रेलवे पटरी उखाड़ देंगे। इस चेतावनी से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर बाद एडीएम अमित कुमार, एसपी सिटी सतपाल अंतिल धरने पर पहुंचे। एडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि, जब तक वैकल्पिक फाटक की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान फाटक चलता रहेगा। जिला प्रशासन ने लिखित रूप से शासन को किसानों की समस्या से अवगत करा दिया है। चंद्रपाल फौजी ने कहा कि यदि प्लेटफार्म बढ़ाने के लिए वर्तमान फाटक को बंद करना जरूरी है, तो किसानों को जहां पर प्लेटफार्म समाप्त हो रहा है, वहां पर एक दूसरा फाटक बनाकर दिया जाए, जिससे किसान अपना गन्ना ले जा सके। किसानों ने एडीएम व एसपी सिटी को भी वह जगह दिखाई जहां पर नया फाटक बन सकता है। इस दौरान धरने पर पहुंचे सांसद डा. संजीव बालियान ने किसानों को आश्वासन दिया कि किसानों के लिए वैकल्पिक फाटक की व्यवस्था किए बगैर वर्तमान फाटक बंद नहीं होगा। पहले किसानों को गन्ना लाने के लिए दूसरे फाटक की व्यवस्था की जाएगी, तभी वर्तमान फाटक को बंद किया जाएगा। सांसद व अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक बलधारी ने कहा कि मिल प्रशासन किसानों के साथ है। जिला प्रशासन का जैसा आदेश होगा, मिल प्रशासन उसमें सहयोग करेगा। इस दौरान धरने को रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, जिला पंचायत सदस्य संजय राठी, रालोद जिला उपाध्यक्ष विकास बालियान, पंकज राठी, राजीव तोमर, अंगद प्रधान, जगपाल, कासिम, अंकित बालियान जोहरा, अशोक राठी, नेपाल सिंह, इंदर भगत जी, राजीव चेयरमैन आदि ने विचार रखे।
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