{"_id":"597a3df84f1c1b96628b4b27","slug":"161501183480-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दु:ख दुर करने वाले है भगवान रुद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दु:ख दुर करने वाले है भगवान रुद्र
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महादेव ने विषपान कर सृष्टि की रक्षा की
बुढ़ाना। भागवत कथा के तीसरे दिन शुकदेव आश्रम शुकतीर्थ से पधारे आचार्य सुमन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कैलाश पर्वत पर रहकर संसार का कल्याण करने वाले भगवान रुद्र ही हैं। शास्त्री जी ने कहा कि हमारे पुराणों के अनुसार देवशयनी एकादशी से लेकर देव प्रबोधिनी एकादशी तक भगवान नारायण योग निद्रा मे चले जातें है। भोलेनाथ ही संपूर्ण जगत का संचालन करते हैं। श्रावण मास भगवान भोले का प्रिय है। उन्होंने कहा कि जब देवताओं ने अमृत प्राप्त के उद्देश्य से समुंद्र मंथन किया, तो समुद्र से सबसे पहले विष निकला था। भगवान शिव पर विष का कोई प्रभाव न हो इसलिए शिव को श्रावण प्रिय है।
विज्ञापन
बुढ़ाना। भागवत कथा के तीसरे दिन शुकदेव आश्रम शुकतीर्थ से पधारे आचार्य सुमन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कैलाश पर्वत पर रहकर संसार का कल्याण करने वाले भगवान रुद्र ही हैं। शास्त्री जी ने कहा कि हमारे पुराणों के अनुसार देवशयनी एकादशी से लेकर देव प्रबोधिनी एकादशी तक भगवान नारायण योग निद्रा मे चले जातें है। भोलेनाथ ही संपूर्ण जगत का संचालन करते हैं। श्रावण मास भगवान भोले का प्रिय है। उन्होंने कहा कि जब देवताओं ने अमृत प्राप्त के उद्देश्य से समुंद्र मंथन किया, तो समुद्र से सबसे पहले विष निकला था। भगवान शिव पर विष का कोई प्रभाव न हो इसलिए शिव को श्रावण प्रिय है।