{"_id":"5963d2c94f1c1b33608b469f","slug":"151499714249-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाणिज्यकर विभाग में नहीं हुआ कोई कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाणिज्यकर विभाग में नहीं हुआ कोई कार्य
Updated Tue, 11 Jul 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाणिज्यकर विभाग में नहीं हुआ कोई कार्य
मुजफ्फरनगर। वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को कार्य बहिष्कार किया। इस कारण हेल्प डेस्क बंद रही और व्यापारियों को निराश होकर लौटना पड़ा।
कैडर पुनर्संरचना की मांग को लेकर वाणिज्यकर विभाग की संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर कार्य का बहिष्कार किया गया। अफसरों और कर्मचारियों ने वाणिज्यकर विभाग में कोई कार्य नहीं किया। जीएसटी को लेकर बनाई गई हेल्प डेस्क सुनसान पड़ी रही। अपनी समस्या को लेकर आने वाले व्यापारियों को बैरंग लौटना पड़ा। उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। वाणिज्यकर के मंडल कार्यालय पर काली पट्टी बांधकर कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन भी किया। अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी में जो अधिकार दिए गए है वे समान नहीं है। वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों को समान अधिकार नहीं दिए गए। प्रदर्शन करने वालों में विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को कार्य बहिष्कार किया। इस कारण हेल्प डेस्क बंद रही और व्यापारियों को निराश होकर लौटना पड़ा।
कैडर पुनर्संरचना की मांग को लेकर वाणिज्यकर विभाग की संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर कार्य का बहिष्कार किया गया। अफसरों और कर्मचारियों ने वाणिज्यकर विभाग में कोई कार्य नहीं किया। जीएसटी को लेकर बनाई गई हेल्प डेस्क सुनसान पड़ी रही। अपनी समस्या को लेकर आने वाले व्यापारियों को बैरंग लौटना पड़ा। उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। वाणिज्यकर के मंडल कार्यालय पर काली पट्टी बांधकर कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन भी किया। अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी में जो अधिकार दिए गए है वे समान नहीं है। वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों को समान अधिकार नहीं दिए गए। प्रदर्शन करने वालों में विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
विज्ञापन