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न्यूजीलैंड के गुनाहगारों को सजा-ए-मौत दिए जाने की मांग
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न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों में हुए आतंकवादी हमले के विरोध में कैंडल मार्च निकाला
देवबंद (सहारनपुर)। न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों में हुए आतंकवादी हमले के विरोध में तंजीम अबना-ए-मदारिस वेलफेयर एजूकेशनल ट्रस्ट के बैनर तले नगरवासियों ने कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उन्होंने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। हस्ताक्षर युक्त पत्र संयुक्त राष्ट्र संघ को भेजकर नमाजियों का कत्लेआम करने वाले आतंकियों को सजा-ए-मौत दिए जाने की मांग की गई।
शनिवार की रात देवबंद इस्लामिक एकेडमी से शुरू हुए कैंडल मार्च में लोगों ने न्यूजीलैंड आतंकी हमले के गुनाहगारों को अंतरराष्ट्रीय आतंकी करार देने और अंतरराष्ट्रीय अदालत द्वारा तुरंत उन्हें सजा-ए-मौत दिए जाने की मांग की। इससे पूर्व ईदगाह मैदान में जमा हुए लोगों को संबोधित करते हुए ट्रस्ट के चेयरमैन मेहंदी हसन ऐनी कासमी ने कहा कि न्यूजीलैंड की मस्जिदों पर हमला दरअसल सफेद आतंकवाद है। असल मुजरिम के सामने आने से यह बात साफ तौर पर जाहिर हो चुकी है कि यह हमला प्री प्लान और मुसलमानों के खिलाफ सदियों की नफरत का इजहार था। उन्होंने न्यूजीलैंड सरकार से अपील की कि इस हमले के गुनाहगारों को सख्त सजा दिलवाने के लिए जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाए जाएं। इसके उपरांत रातभर हस्ताक्षर मुहिम चलाई गई। मेहंदी हसन ऐनी ने बताया कि हस्ताक्षर युक्त पत्र संयुक्त राष्ट्र संघ, न्यूजीलैंड दूतावास, भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को भेजा गया है। जिसमें अंतरराष्ट्रीय अदालत में मुकदमा चलाकर गुनाहगारों को मौत की सजा दिए जाने और भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के विरुद्ध खड़ा रहने की मांग की गई। इस मौके पर मौलाना नासिरुद्दीन कासमी, मुफ्ती यासिर कासमी, मो. दानिश, मौलवी मरगूबुर्रहमान, मौलवी एजाज कासमी, फैजुर्रहमान, मौलवी तौसीफ कासमी, कारी जाहिद राव, मौलाना समीरुद्दीन कासमी, मौलवी तौसीफ कासमी आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों में हुए आतंकवादी हमले के विरोध में तंजीम अबना-ए-मदारिस वेलफेयर एजूकेशनल ट्रस्ट के बैनर तले नगरवासियों ने कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उन्होंने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। हस्ताक्षर युक्त पत्र संयुक्त राष्ट्र संघ को भेजकर नमाजियों का कत्लेआम करने वाले आतंकियों को सजा-ए-मौत दिए जाने की मांग की गई।
शनिवार की रात देवबंद इस्लामिक एकेडमी से शुरू हुए कैंडल मार्च में लोगों ने न्यूजीलैंड आतंकी हमले के गुनाहगारों को अंतरराष्ट्रीय आतंकी करार देने और अंतरराष्ट्रीय अदालत द्वारा तुरंत उन्हें सजा-ए-मौत दिए जाने की मांग की। इससे पूर्व ईदगाह मैदान में जमा हुए लोगों को संबोधित करते हुए ट्रस्ट के चेयरमैन मेहंदी हसन ऐनी कासमी ने कहा कि न्यूजीलैंड की मस्जिदों पर हमला दरअसल सफेद आतंकवाद है। असल मुजरिम के सामने आने से यह बात साफ तौर पर जाहिर हो चुकी है कि यह हमला प्री प्लान और मुसलमानों के खिलाफ सदियों की नफरत का इजहार था। उन्होंने न्यूजीलैंड सरकार से अपील की कि इस हमले के गुनाहगारों को सख्त सजा दिलवाने के लिए जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाए जाएं। इसके उपरांत रातभर हस्ताक्षर मुहिम चलाई गई। मेहंदी हसन ऐनी ने बताया कि हस्ताक्षर युक्त पत्र संयुक्त राष्ट्र संघ, न्यूजीलैंड दूतावास, भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को भेजा गया है। जिसमें अंतरराष्ट्रीय अदालत में मुकदमा चलाकर गुनाहगारों को मौत की सजा दिए जाने और भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के विरुद्ध खड़ा रहने की मांग की गई। इस मौके पर मौलाना नासिरुद्दीन कासमी, मुफ्ती यासिर कासमी, मो. दानिश, मौलवी मरगूबुर्रहमान, मौलवी एजाज कासमी, फैजुर्रहमान, मौलवी तौसीफ कासमी, कारी जाहिद राव, मौलाना समीरुद्दीन कासमी, मौलवी तौसीफ कासमी आदि मौजूद रहे।
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