{"_id":"5991f4204f1c1b68398b4711","slug":"121502737440-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों के सोने-जागने का समय तय करे माता-पिता: आचार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों के सोने-जागने का समय तय करे माता-पिता: आचार्य
Updated Tue, 15 Aug 2017 01:12 AM IST
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जैन मुनि आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि हमें अपने बच्चों के शाम के समय सोने और सुबह को उठने का समय निर्धारित करना चाहिए। व्हाट्सएप, फेसबुक पर रात्रि में जागने वाले बच्चे बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
जैन मंदिर वहलना में मंगल प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा कि समय से न सोने और न जागने के कारण हमारे बच्चे अवसाद का शिकार हो रहे हैं। मानसिक बीमारियों से ग्रस्त हैं। हमें अपने बच्चों के साने और जागने का समय निश्चित करना चाहिए। सुबह चार से पांच बजे के बीच उठने से बच्चों की बुद्धि कुशाग्र होती है। आचार्य श्री ने कहा कि वह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इंटरनेट का आवश्यक उपयोग ही करें। चेटिंग के चक्कर में न पड़े। वाई-फाई से टेंशन बढ़ती है। बच्चों को अधिक समय तक कार्टून और गेम न खेलने दें।
विज्ञापन
जैन मंदिर वहलना में मंगल प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा कि समय से न सोने और न जागने के कारण हमारे बच्चे अवसाद का शिकार हो रहे हैं। मानसिक बीमारियों से ग्रस्त हैं। हमें अपने बच्चों के साने और जागने का समय निश्चित करना चाहिए। सुबह चार से पांच बजे के बीच उठने से बच्चों की बुद्धि कुशाग्र होती है। आचार्य श्री ने कहा कि वह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इंटरनेट का आवश्यक उपयोग ही करें। चेटिंग के चक्कर में न पड़े। वाई-फाई से टेंशन बढ़ती है। बच्चों को अधिक समय तक कार्टून और गेम न खेलने दें।
विज्ञापन