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'मायावती को ठीक करने को शिवपाल अकेले काफी'
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Thu, 18 Apr 2013 11:36 AM IST
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समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को लखनऊ में पार्टी के युवा प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की बैठक में शिवपाल सिंह यादव की जमकर तारीफ की।
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उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मायावती पर बहुत ध्यान देने की जरूरत नहीं है। मायावती को ठीक करने के लिए और उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अकेले शिवपाल ही काफी हैं।
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मुलायम ने मायावती के बयान के जवाब में शिवपाल के जवाब की तारीफ की। कहा कि शिवपाल ने बहुत अच्छा कहा ‘वह गुंडा कहेंगी तो हमारे कार्यकर्ता गुंडी कहने लगेंगे।’
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मुलायम यहीं नहीं रुके। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि जब रामशरण दास जीवित थे तो उन्होंने भी मायावती को ऐसा ही कड़ा जवाब देकर उनकी बोलती बंद कर दी थी। कोई सपा के कार्यकर्ताओं को गुंडा-गुंडा कहता रहेगा तो बरदाश्त नहीं किया जाएगा। मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह जवाब देने के लिए शिवपाल सक्षम है। इसलिए मायावती को लेकर बहुत चिंता करने की जरूरत नहीं है।
सपा के युवा प्रकोष्ठों के जिला-महानगर अध्यक्ष बहाल
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पार्टी से जुड़े नौजवानों से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। साथ ही पार्टी के भंग चल रहे युवा प्रकोष्ठों के जिला व महानगर अध्यक्षों को बहाल करने का ऐलान किया।
मुलायम ने कहा कि चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। ज्यादा संभावना नवंबर में चुनाव होने की है। इसलिए सब कुछ भूलकर चुनाव की चिंता करिए।
मुलायम बुधवार को यहां सपा से जुड़े चारों युवा प्रकोष्ठों की राष्ट्रीय व प्रदेश कार्यसमिति के निवर्तमान पदाधिकारियों व जिला व महानगर अध्यक्षों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अब युवाओं के कंधे पर लोकसभा चुनाव में पार्टी को सफलता दिलाने की जिम्मेदारी है। सपा को सूबे में कम से कम 60 सीटें दिलानी हैं। तभी दिल्ली में पार्टी की भूमिका बढ़ेगी।
माना जा रहा है कि मुलायम ने युवा प्रकोष्ठों के जिला व महानगर अध्यक्षों की बहाली का फैसला लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर किया है।
इससे पहले भी एक बैठक में सपा मुखिया ने प्रकोष्ठों के इस तरह से भंग करने के निर्णय पर नाराजगी जताई थी। गत तीन जनवरी को सपा के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता प्रो. रामगोपाल यादव ने इन प्रकोष्ठों को भंग करने की घोषणा की थी।
जानकारी के मुताबिक, बैठक में मुलायम ने यह भी कहा कि महासचिव को इस तरह पूरा संगठन भंग नहीं करना चाहिए था। अगर कहीं कोई शिकायत थी तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती थी।
बैठक में सपा मुखिया ने युवाओं को उनकी ताकत याद दिलाई और जोश भरा।
उन्होंने कहा कि वह कभी नहीं भूल सकते कि क्रांति रथ निकालने के दौरान युवाओं ने किस तरह रात-दिन एक करके मेहनत की। बसपा की जनविरोधी और अन्यायी सरकार के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष किया। लाठियां खाईं। उसी की बदौलत सूबे में सत्ता मिली।
मुलायम ने कहा कि किसी को निराश होने की जरूरत नहीं है। सभी का ख्याल रखा जाएगा। कोई न सुने तो खुद उनके, प्रदेश अध्यक्ष के या कार्यालय के फैक्स नंबर पर शिकायत भेजें। एक-एक बात सुनी जाएगी। मुलायम ने युवाओं को नैतिकता और मर्यादा का पाठ भी पढ़ाया।
इस तरह हुई बहाली
बताया जाता है कि सपा अध्यक्ष जब नौजवानों के मेहनत व संघर्ष की तारीफ कर रहे थे, उसी बीच कुछ पदाधिकारियों ने कहा कि वे क्या करें। प्रकोष्ठ तो भंग पड़े हैं।
इस पर सपा मुखिया ने तुरंत घोषणा की कि सभी युवा प्रकोष्ठ समाजवादी युवजन सभा, समाजवादी लोहिया वाहिनी, समाजवादी छात्र सभा और मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड को बहाल किया जाता है। अगर कहीं कुछ संशोधन की जरूरत है तो उसे करके जल्द ही सूचियां जिलों को भेज दी जाएंगी।
निष्कासित पदाधिकारियों की बहाली नहीं
बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता या अन्य किसी कारण से जो पार्टी से निष्कासित हैं, वे निष्कासित ही माने जाएंगे।
रात में पार्टी की तरफ से सूचना जारी की गई कि प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव न चारों प्रकोष्ठों के जिला व महानगर अध्यक्षों को बहाल किया है। इसके अलावा किसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय या प्रदेश अध्यक्ष की बहाली नहीं की गई है।
यह भी स्पष्ट किया गया कि 35 वर्ष से ऊपर वाले किसी व्यक्ति को युवा प्रकोष्ठों का राष्ट्रीय अथवा प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा।