कांग्रेस के जाट आरक्षण पर मुलायम ने फेंका ‘बाउंसर’
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कांग्रेस के जाट आरक्षण पर सपा ने सच्चर कमेटी का बाउंसर फेंका है। मुस्लिम वोटर को रिझाने के लिए उन्होंने अमरोहा के जीआईसी मैदान में सपा प्रत्याशी हुमैरा अख्तर के समर्थन में आयोजित जनसभा में मुलायम ने तमाम तीर छोड़े।
उन्होंने मंच से वादे किए और विश्वास भी दिलाया कि देश में अगर तीसरे मोर्चे की सरकार बनेगी तो मुसलमानों की बदहाली दूर करने के लिए उम्मीद से बढ़कर काम होंगे।
दस्तकारी को बढ़ावा देने के अलावा कर्जा माफी और सरकारी नौकरियों में तीस फीसदी आरक्षण भी उनके एजेंडे में शामिल था। पूरे भाषण में उनका फोकस सिर्फ मुसलमानों के ही इर्द गिर्द ही घूमता रहा। मुलायम सिंह ने संसद में सच्चर कमेटी की सिफारिशों के लागू न होने और दंगा विरोधी बिल पास न होने पर अफसोस भी जाहिर किया।
सवर्ण आयोग गठित कर देंगे गरीबों को लाभ
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने संबोधन के दौरान मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण मुसलमान वोटरों को जहां रिझाने की कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं अपनी झोली से उन्होंने उच्च जाति के लोगों के लिए भी सवर्ण आयोग गठित करने का फार्मूला पेश कर दिया।
उन्होंने कहा, गरीब उनमें भी हैं। बहुत से लोग मजदूरी करते हैं। सवर्ण आयोग गठित करके उनके उत्थान के लिए सरकारी योजनाएं चलाई जाएंगी।
कहा ऊंची जाति के सम्मान के लिए सपा ने काफी काम किया है। संस्कृत शिक्षकों के लिए भी समायोजित कराया। इसका ब्राह्मणों ने आभार भी जताया था। चुनाव आचार संहिता की बात कहकर उन्होंने कहा बाद में इसकी घोषणा करेंगे।
‘272’ का गणित समझा गए जूनियर लोहिया
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जनसभा में भीड़ को तीसरे मोर्च का गणित भी समझाया। दावा किया कि कोई भी दल पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि देश में तीसरे मोर्चे की सरकार का गठन होगा और प्रधानमंत्री कौन बनेगा इसका फैसला यूपी को करना है।
बोले कि देश में जब-जब तीसरे मोर्चे की सरकार आई है तब-तब जनता के हित में बात हुई है। भाजपा और कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए सपा मुखिया ने कहा कि अब तय आपको को करना है। एक रास्ता कुशासन की तरफ जा रहा है और दूसरा सुशासन की ओर। एक रास्ते में सेक्युलर जमातें खड़ी हैं और दूसरे पर फिरकापरस्त और देश को जाति-धर्म के नाम पर बांटने वाले नेता हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश में ग्यारह दलों के गठबंधन से बने इस तीसरे मोर्चे में अभी कोई नेता नहीं चुना गया है। जिस दल के भी ज्यादा सांसद जीत कर आएंगे उसी दल के प्रमुख को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा। बोले, पूरे देश में सिर्फ यूपी ही एक ऐसा राज्य है जिसकी जनता अगर इस ओर मुड़ गई तो इन सभी दलों को बेड़ागर्क कर देगी।