फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   mother son died by vehicle smoke

घर में खड़ी मारुति वैन से गई दो की जान

Fri, 20 Dec 2013 11:58 AM IST
अमर उजाला, हाथरस
अमर उजाला, हाथरस Updated Fri, 20 Dec 2013 11:58 AM IST
विज्ञापन
mother son died by vehicle smoke

उत्तर प्रदेश में हाथरस के कस्बा मैंडू में मारुति वैन मालिक की लापरवाही से उसकी पत्नी व पांच वर्षीय बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि वैन मालिक को गंभीर हालत में आगरा भेजा गया है।

विज्ञापन


वाहन मालिक ने वैन का इंजन रवां करने को उसे स्टार्ट कर छोड़ा था जो कि रात भर धुआं उगलता रहा। जहरीला धुआं ही परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ।

मैंडू कस्बा निवासी मो. शरीफ उर्फ चुन्ना के पास दो मारुति वैन हैं। ये दोनों वैन वह सेठ धर्मपाल मेहरा सरस्वती शिशु मंदिर में स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने में चलाता है। बुधवार को उसने अपनी एक मारुति वैन के इंजन में काम कराया और उसे घर ले आया।
विज्ञापन


उसने घर में एक बंद कमरे को गैरेज का रूप दे रखा था। शरीफ ने रात्रि में वैन के इंजन को स्टार्ट कर छोड़ दिया, जिससे कि इंजन रवां हो जाए। गैरेज सटे कमरे में वह अपनी पत्नी संगीता (31) व बेटे अनस (5) के साथ सो गया। पूरी रात इस वैन के इंजन का जहरीला धुआं अंदर कमरे में पहुंचता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें, कांग्रेसियों को समलैंगिक कहने पर रामदेव को नोटिस


शरीफ रोजाना सुबह पांच बजे वैन लेकर स्कूल जाता था। सुबह छह बजे तक जब कमरा नहीं खुला तो परिजनों को चिंता हुई। इन लोगों ने शोर मचा दिया तो अन्य मोहल्ले के लोग आ गए। उन्होंने दरवाजा तोड़कर अंदर कमरे में प्रवेश किया।

वहां शरीफ, उसकी पत्नी व बच्चा अचेत अवस्था में पड़े थे। आनन-फानन उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। वहां संगीता व बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि शरीफ को आगरा रेफर कर दिया गया।

अंगीठी-हीटर जलाकर बंद कमरे में सोना है खतरनाक
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.वीपी गुप्ता कहना है कि मेंडू में जो घटना हुई है, वह कार्बन मोनो ऑक्साइड बनने की वजह से हुई होगी। उनका कहना है कि कार्बन डाई ऑक्साइड तो तब बनती है, जब उसे बाहरी हवा मिलती रहे, लेकिन कार्बन मोनो ऑक्साइड ऐसी स्थिति में बनती है, जब हवा की निकासी का कोई साधन न हो।

पढ़ें, अभद्र टिप्पणी मामले में संजय निरुपम पर मुकदमा


उनका कहना है कि कार्बन डाई ऑक्साइड की वजह से पीड़ित को शुरू में दम घुटने का अहसास हो जाता है और उसे खांसी आदि आती है, लेकिन कार्बन मोनो आक्साइड एक तरह से जहरीली गैस है और उसके संपर्क में आकर पीड़ित बेहोश हो जाता है और उसकी जान चली जाती है।

उनका यह भी कहना है कि अब सर्दी के मौसम में लोग अंगीठी आदि जलाकर तो बिल्कुल न सोएं। कमरा गरम करने के बाद जब सोएं तो अंगीठी और हीटर आदि को कमरे से अलग कर दें। कमरे में खुली हवा के  लिए थोड़ी-बहुत जगह जरूर होनी चाहिए।

पढ़ें, बदतमीज अमेरिकाः इन 9 मशहूर हस्तियों की भी ली जामा-तलाशी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed