{"_id":"578887b24f1c1b027d13fe31","slug":"you-can-not-record-video-of-tte","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीटीई का वीडियो बनाना पड़ सकता है भारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीटीई का वीडियो बनाना पड़ सकता है भारी
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 15 Jul 2016 12:20 PM IST
विज्ञापन
रेलवे
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रेन में सफर के दौरान टिकट चेकिंग स्टाफ का वीडियो बनाना भारी पड़ सकता है। रेलवे इस प्रकार की गतिविधियों को गैरकानूनी मानता है। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा है। इस मामले में टीटीई उसकी वीडियो बनाने वाले के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा सकता है।
पिछले कुछ समय में ट्रेन में टीटीई के व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके पैसे लेकर सीट देने की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। अधिकारियों को भेजी गई रिकार्डिंग और वीडियो के आधार पर कार्रवाई भी हुई। इस मुद्दे को लेकर टीटीई की ओर से आरटीआई डाली गई।
जिसमें पूछा गया कि इस प्रकार से बिना इजाजत वीडियो बनाई सकती है। इसके जवाब में सचिव आईआरटीसीएसओ जोधपुर की ओर से जवाब दिया गया। कहा गया इस प्रकार की गतिविधि पर रोक लगाने के संबंध में कानूनी सकुर्लर नहीं है। लेकिन भारतीय रेल अधिनियम 1989 की धारा 145 और 146 के अनुसार के अंतर्गत टीटीई कार्रवाई कर सकता है और रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले कुछ समय में ट्रेन में टीटीई के व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके पैसे लेकर सीट देने की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। अधिकारियों को भेजी गई रिकार्डिंग और वीडियो के आधार पर कार्रवाई भी हुई। इस मुद्दे को लेकर टीटीई की ओर से आरटीआई डाली गई।
विज्ञापन
जिसमें पूछा गया कि इस प्रकार से बिना इजाजत वीडियो बनाई सकती है। इसके जवाब में सचिव आईआरटीसीएसओ जोधपुर की ओर से जवाब दिया गया। कहा गया इस प्रकार की गतिविधि पर रोक लगाने के संबंध में कानूनी सकुर्लर नहीं है। लेकिन भारतीय रेल अधिनियम 1989 की धारा 145 और 146 के अनुसार के अंतर्गत टीटीई कार्रवाई कर सकता है और रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।
विज्ञापन