UP: अमरोहा में बारिश से गंगा एक्सप्रेसवे की सड़क धंसी, तुरंत शुरू कराया काम, तीन माह पहले हुआ था लोकार्पण
बारिश के कारण गंगा एक्सप्रेसवे की सड़क का एक हिस्सा धंस गया। सूचना मिलते ही यूपीडा की टीम ने जेसीबी से मरम्मत कर दी। अधिकारियों के मुताबिक अब एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य।
विस्तार
हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव फैयाजनगर और सहदरा मिलक के बीच पुलिया के पास बारिश से गंगा एक्सप्रेसवे का करीब 20 मीटर हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क पर बड़ा गड्ढा होने से वहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया था। स्थिति को देखते हुए एक्सप्रेसवे के कर्मचारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से मेंटेनेंस कार्य शुरू कराया।
तीन माह पहले ही गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया गया था। रविवार को सोशल मीडिया पर इसके मरम्मत कार्य का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें कर्मचारी एक्सप्रेसवे को ठीक करते दिख रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, सड़क का एक छोटा सा हिस्सा 14 अगस्त की शाम को धंस गया था जिसे तुरंत दुरुस्त करा दिया गया है।
सड़क की मरम्मत के बाद अब आवाजाही पूरी तरह सुचारु है। हालांकि, मरम्मत के बाद हाईवे के किनारे पर ही टूटी सड़क का मलबा पड़ा देखा जा सकता है।
बारिश के मौसम में सड़क के किसी हिस्से में ऐसी समस्या आ जाना आम बात है। जैसे ही इसकी जानकारी मिली तुरंत मेंटेनेंस टीम को भेजकर मरम्मत करा दी गई है ताकि यातायात प्रभावित न हो। राकेश मोगा, एक्सईएन (यूपीडा)
एक नजर में परियोजना
- कुल लागत: 36,230 करोड़ रुपये
- कुल लंबाई: 594 किलोमीटर (मेरठ से प्रयागराज)
- अमरोहा में कुल लंबाई: 23.6 किलोमीटर
- शिलान्यास: 18 दिसंबर 2021
- लोकार्पण: 29 अप्रैल 2026
- निर्माता कंपनियां: आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर एवं अडानी एंटरप्राइजेज
29 अप्रैल को किया था गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे पर फैयाजनगर के पास सड़क धंसने की घटना ने इस ड्रीम प्रोजेक्ट के निर्माण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगभग 36,230 करोड़ रुपये (चरण-1) की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ने वाला एक विशाल नेटवर्क है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को इस परियोजना का शिलान्यास किया था, जिसके बाद इसका निर्माण कराया गया। 29 अप्रैल 2026 को हरदोई से प्रधानमंत्री ने इसका औपचारिक लोकार्पण किया और यह एक्सप्रेसवे आम जनता के यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया गया।
एक्सप्रेसवे के निर्माण को दो बड़े खंडों में बांटा गया था। मेरठ से अमरोहा/बदायूं खंड का निर्माण आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया गया है, जबकि बदायूं से प्रयागराज तक के हिस्से का निर्माण अडानी एंटरप्राइजेज के पास है।
594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर यूपीडा की गाइडलाइंस के तहत मई 2026 से श्रेणीवार प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल दरें लागू की गई हैं। हालिया बारिश में सड़क धंसने की घटना के बाद अब इसकी मेंटेनेंस और गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। अमरोहा में गंगा एक्सप्रेसवे का 23.6 किमी का हिस्सा है।
बारिश की वजह से पुलिया के पास सड़क का कुछ हिस्सा धंस गया था। कुछ समय बाद उसे सुचारु करा दिया गया। - श्याम सिंह, फैयाजनगर