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UP: आजादी के बाद चुनावी पिच पर कांग्रेस तीसरी बार हिट विकेट, गठबंधन में लड़े प्रत्याशी भी नहीं खिला सके गुल
Tue, 16 Apr 2024 01:39 PM IST
शाहरुख खान
समीउद्दीन नीलू, अमर उजाला, मुरादाबाद
समीउद्दीन नीलू, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 16 Apr 2024 01:39 PM IST
सार
आजादी के बाद चुनावी पिच पर कांग्रेस तीसरी बार हिट विकेट हुई। अधिकांश चुनावों में कांग्रेस का जनाधार घटता रहा। मुरादाबाद लोकसभा सीट पर अधिकतम 60 फीसदी से लेकर न्यूनतम 1.7 फीसदी तक वोट मिला।
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UP Lok Sabha Election
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा के अब तक हुए चुनाव में मुरादाबाद से 17 सांसद देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंच चुके हैं। इस चुनाव में ऐसा तीसरी बार है जब कांग्रेस का उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं है। हालांकि पिछले जिन दो चुनावों में कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा उनमें किसी न किसी दल के प्रत्याशी को उसका समर्थन जरूर रहा, लेकिन इसके बाद भी समर्थित प्रत्याशियों को इसका लाभ मिलता नहीं दिखाई दिया।
मुरादाबाद लोकसभा सीट पर जिन 15 चुनावों में कांग्रेस के प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे हैं उसमें उनका वोट का प्रतिशत 60 से लेकर 1.7 फीसदी तक रहा है। 2024 के लोक सभा चुनाव में भी सीधे तौर पर कांग्रेस का उम्मीदवार मैदान में नहीं है। सपा-कांग्रेस गठबंधन का प्रत्याशी मैदान में है।
वर्ष 1952 में मुरादाबाद की दो लोकसभा सीटों मुरादाबाद (सेंट्रल) व मुरादाबाद (पश्चिमी) पर हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी क्रमश: 60 फीसदी तथा 47.6 फीसदी मत प्राप्त कर विजयी घोषित हुए थे। इसके अलावा 13 अन्य चुनावों में भी कांग्रेस उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन अधिकांश बार हुए चुनाव में कांग्रेस के वोट बैंक में गिरावट दर्ज की गई।
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वर्ष 1957 में 36 फीसदी, 1962 में 22.3 फीसदी, 1967 में 18.4 फीसदी, 1977 में 18.7, 1980 में 29.9 फीसदी, 1984 में 28.8 फीसदी, 1984 में 32.5 फीसदी फीसदी मत हासिल हुए थे। ऐसे ही 1991 में 9.3 फीसदी, 1996 में 3.0 फीसदी, 1998 में 4.8 फीसदी, 1999 में 9.8 फीसदी, 2009 में 36.6 फीसदी, 2014 में 1.7 फीसदी, 2019 में 4.6 फीसदी वोट मिल पाए थे।
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मुरादाबाद लोकसभा सीट पर जिन 15 चुनावों में कांग्रेस के प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे हैं उसमें उनका वोट का प्रतिशत 60 से लेकर 1.7 फीसदी तक रहा है। 2024 के लोक सभा चुनाव में भी सीधे तौर पर कांग्रेस का उम्मीदवार मैदान में नहीं है। सपा-कांग्रेस गठबंधन का प्रत्याशी मैदान में है।
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वर्ष 1952 में मुरादाबाद की दो लोकसभा सीटों मुरादाबाद (सेंट्रल) व मुरादाबाद (पश्चिमी) पर हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी क्रमश: 60 फीसदी तथा 47.6 फीसदी मत प्राप्त कर विजयी घोषित हुए थे। इसके अलावा 13 अन्य चुनावों में भी कांग्रेस उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन अधिकांश बार हुए चुनाव में कांग्रेस के वोट बैंक में गिरावट दर्ज की गई।
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वर्ष 1957 में 36 फीसदी, 1962 में 22.3 फीसदी, 1967 में 18.4 फीसदी, 1977 में 18.7, 1980 में 29.9 फीसदी, 1984 में 28.8 फीसदी, 1984 में 32.5 फीसदी फीसदी मत हासिल हुए थे। ऐसे ही 1991 में 9.3 फीसदी, 1996 में 3.0 फीसदी, 1998 में 4.8 फीसदी, 1999 में 9.8 फीसदी, 2009 में 36.6 फीसदी, 2014 में 1.7 फीसदी, 2019 में 4.6 फीसदी वोट मिल पाए थे।
पहले चुनाव में जिले की दोनों सीटों पर कांग्रेस ने जमाया था कब्जा
वर्ष 1952 से लेकर वर्ष 2019 तक कुल 17 बार चुनाव हुए। 1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद में दो लोकसभा सीटें थीं। इसमें मुरादाबाद (सेंट्रल) और मुरादाबाद (पश्चिमी) दोनों लोकसभा सीटों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव जीत कर देश की सबसे बड़ी पंचायत पहुंचे थे।
वर्ष 1952 से लेकर वर्ष 2019 तक कुल 17 बार चुनाव हुए। 1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद में दो लोकसभा सीटें थीं। इसमें मुरादाबाद (सेंट्रल) और मुरादाबाद (पश्चिमी) दोनों लोकसभा सीटों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव जीत कर देश की सबसे बड़ी पंचायत पहुंचे थे।
सर्वाधिक पांच सांसद का रिकॅार्ड भी कांग्रेस के नाम
वर्ष 1952 से लेकर 2019 तक मुरादाबाद में हुए 17 लोकसभा चुनाव के माध्यम से 18 सांसद चुने जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक पांच सांसद कांग्रेस के रहे हैं। चार सांसद देने वाली सपा राजनीतिक दलों में जिले में दूसरे नंबर पर आती है। सांसदों के मामले में भारतीय जनसंघ व जनता दल का नाम यहां तीसरे नंबर पर आता है। दोनों राजनीतिक पार्टियों के टिकट पर दो-दो सांसद चुने जा चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी, भारतीय लोक दल, रिपब्लिकन पार्टी और लोकतांत्रिक कांग्रेस के भी यहां एक-एक सांसद चुने जा चुके हैं।
वर्ष 1952 से लेकर 2019 तक मुरादाबाद में हुए 17 लोकसभा चुनाव के माध्यम से 18 सांसद चुने जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक पांच सांसद कांग्रेस के रहे हैं। चार सांसद देने वाली सपा राजनीतिक दलों में जिले में दूसरे नंबर पर आती है। सांसदों के मामले में भारतीय जनसंघ व जनता दल का नाम यहां तीसरे नंबर पर आता है। दोनों राजनीतिक पार्टियों के टिकट पर दो-दो सांसद चुने जा चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी, भारतीय लोक दल, रिपब्लिकन पार्टी और लोकतांत्रिक कांग्रेस के भी यहां एक-एक सांसद चुने जा चुके हैं।
कांग्रेस के सांसद
| लोकसभा क्षेत्र | वर्ष चुनाव | विजयी प्रत्याशी | प्राप्त मत (प्रतिशत) |
| मुरादाबाद (सेंट्रल) | 1952 | हाफिज रहमान | 60 फीसदी |
| मुरादाबाद (पश्चिमी) | 1952 | रामसरन | 47.6 % |
| मुरादाबाद | 1957 | रामसरन | 36.7 % |
| मुरादाबाद | 1984 | हाफिज मोहम्मद सिद्दीक | 28.8 % |
| मुरादाबाद | 2009 | मोहम्मद अजहरुद्दीन | 39.6 % |
दो चुनावों में कांग्रेस समर्थन से लड़े प्रत्याशी भी नहीं खिला सके गुल
वर्ष 2024 से पूर्व हुए चुनावों में वर्ष 2071 और वर्ष 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था। वर्ष 2071 में पार्टी ने मुस्लिम मजलिस उत्तर प्रदेश पार्टी के प्रत्याशी जुल्फिकारउल्ला को समर्थन देकर लड़ाया था। लेकिन वह जमानत तक नहीं बचा सके थे। यही स्थिति वर्ष 2004 के चुनाव में रही। इस चुनाव में कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार न उतार कर नेशनल लोकतांत्रिक कांग्रेस के डॉ. मसूद अजहर को अपना समर्थन दिया था। जिसमें वह 6.4 फीसदी मत प्राप्त कर चौथे स्थान पर रहे थे।
वर्ष 2024 से पूर्व हुए चुनावों में वर्ष 2071 और वर्ष 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था। वर्ष 2071 में पार्टी ने मुस्लिम मजलिस उत्तर प्रदेश पार्टी के प्रत्याशी जुल्फिकारउल्ला को समर्थन देकर लड़ाया था। लेकिन वह जमानत तक नहीं बचा सके थे। यही स्थिति वर्ष 2004 के चुनाव में रही। इस चुनाव में कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार न उतार कर नेशनल लोकतांत्रिक कांग्रेस के डॉ. मसूद अजहर को अपना समर्थन दिया था। जिसमें वह 6.4 फीसदी मत प्राप्त कर चौथे स्थान पर रहे थे।