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मलेशिया में बंधक बनाए गए बिजनौर के दो छात्र, रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sat, 15 Apr 2017 02:35 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मलेशिया में अच्छे पैकेज पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक ट्रैवल एजेंट और उसके साथियों ने बिजनौर के दो बीए छात्र को निशाना बना लिया। आरोप है कि दोनों छात्रों से 2.80 लाख रुपये लेकर टूरिस्ट बीजा पर मलेशिया भेज दिया गया और वहां पर अपने साथियों से बंधक बनवा लिया।
दोनों छात्रों को छोड़ने के एवज में लाखों रुपये की मांग परिवार से की है। परिजनों की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिजनौर के नूरपुर गांव स्थित इस्लाम नगर में इसरार अहमद रहते हैं। वह ग्रीस कारपोरेशन (बरेली) में ड्राइवर के पद पर कार्यरत हैं।
इसरार ने बताया कि उनका बेटा बीए फाइनल ईयर की पढ़ाई अफजलगढ़ महाविद्यालय से पूरी कर चुका है। वह और उसका क्लासमेट मोहम्मद फिरोज पुत्र ताहिर निवासी निवासी गांव मनोहरपुर, अफजलगढ़ (बिजनौर) नौकरी की तलाश में थे।
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दोनों को मुरादाबाद की जेल रोड पर ट्रेवल एजेंसी का ऑफिस चलाने वाले इमरान और उसके साथी जाकिर हुसैन ने मलेशिया में एक बल्ब कंपनी में अच्छे पैकेज पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसकी एवज मेें आरोपी ने दोनों छात्रों से कुल 2.80 लाख रुपये ले लिए।
इसके बाद नौकरी वीजा बताकर उन्हें 23 अप्रैल को टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया भेज दिया। आरोप है कि मलेशिया में दोनों छात्रों को बंधक बना लिया गया, उनसे पासपोर्ट छीन छिया गया। जंगल में एक आरा मशीन पर लकड़ी काटने के लिए लगा दिया गया। विरोध करने पर यातनाएं दी गई। मलेशिया में बताया गया कि उन दोनों को बेच दिया गया है।
दोनों छात्रों से उनकी रिहाई की एवज में एक-एक लाख रुपये मांगे गए। बच्चों ने इसकी जानकारी परिजनों को फोन पर दी। परिजनों ने इमरान से मामले की शिकायत की और धोखाधड़ी का विरोध जताया तो उसने रकम का इंतजाम करने के लिए कह दिया। परिजनों ने सीओ सिविल लाइन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
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दोनों छात्रों को छोड़ने के एवज में लाखों रुपये की मांग परिवार से की है। परिजनों की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिजनौर के नूरपुर गांव स्थित इस्लाम नगर में इसरार अहमद रहते हैं। वह ग्रीस कारपोरेशन (बरेली) में ड्राइवर के पद पर कार्यरत हैं।
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इसरार ने बताया कि उनका बेटा बीए फाइनल ईयर की पढ़ाई अफजलगढ़ महाविद्यालय से पूरी कर चुका है। वह और उसका क्लासमेट मोहम्मद फिरोज पुत्र ताहिर निवासी निवासी गांव मनोहरपुर, अफजलगढ़ (बिजनौर) नौकरी की तलाश में थे।
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दोनों को मुरादाबाद की जेल रोड पर ट्रेवल एजेंसी का ऑफिस चलाने वाले इमरान और उसके साथी जाकिर हुसैन ने मलेशिया में एक बल्ब कंपनी में अच्छे पैकेज पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसकी एवज मेें आरोपी ने दोनों छात्रों से कुल 2.80 लाख रुपये ले लिए।
इसके बाद नौकरी वीजा बताकर उन्हें 23 अप्रैल को टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया भेज दिया। आरोप है कि मलेशिया में दोनों छात्रों को बंधक बना लिया गया, उनसे पासपोर्ट छीन छिया गया। जंगल में एक आरा मशीन पर लकड़ी काटने के लिए लगा दिया गया। विरोध करने पर यातनाएं दी गई। मलेशिया में बताया गया कि उन दोनों को बेच दिया गया है।
दोनों छात्रों से उनकी रिहाई की एवज में एक-एक लाख रुपये मांगे गए। बच्चों ने इसकी जानकारी परिजनों को फोन पर दी। परिजनों ने इमरान से मामले की शिकायत की और धोखाधड़ी का विरोध जताया तो उसने रकम का इंतजाम करने के लिए कह दिया। परिजनों ने सीओ सिविल लाइन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।