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Moradabad News: महिला सिपाही पर हमले और छेड़खानी के दो आरोपी गिरफ्तार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2024 01:40 PM IST
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Two accused of assault and molestation on female constable arrested
मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में महिला सिपाही पर हमले और छेड़खानी के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से जमानत पर दोनों को रिहा कर दिया गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। महिला सिपाही के साथ यह घटना सिविल लाइंस के चक्कर की मिलक क्षेत्र में हुई थी। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे महिला सिपाही किसी काम से मकान मालिक के घर जा रही थी। इसी दौरान तिराहे पर चक्कर की मिलक निवासी इरफान और सालिम अन्य साथियों के साथ मिल गया। उन्होंने महिला सिपाही से बाइक स्टार्ट करने के लिए कहा। महिला सिपाही ने इन्कार किया तो एक युवक ने उसके मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने उसकी गर्दन पकड़ ली और घसीटकर नाले की ओर ले गए। इस दौरान महिला के साथ छेड़खानी भी की गई थी। इस घटना में महिला सिपाही घायल हो गई थी। महिला ने जब बताया कि वह सिपाही है। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस ने महिला सिपाही का मेडिकल कराया। इसके बाद सिविल लाइंस थाने में आरोपी इरफान, सालिम, नईम और नईम की बहन के साथ छह अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मंगलवार को पुलिस ने इस मामले में चक्कर की मिलक निवासी सालिम और उसके भाई नईम को गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोनों आरोपियों को निजी बंध पत्र पर रिहा करने के आदेश जारी किए हैं।
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विवेचना अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश
मुरादाबाद। अदालत में आरोपियों के साथ समुचित धाराओं में कोई पुख्ता सबूत न होने पर उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने और आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने को लेकर अदालत ने मुकदमे के विवेचना अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस उप महानिदेशक को पत्र जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि विवेचना अधिकारी ने मनमानी तरीके से विवेचना की और मात्र संभावना के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर पेश किया गया, जिससे उनकी कार्रवाई समुचित और न्यायिक नहीं मानी जा सकती है। विवेचना अधिकारी द्वारा अपने कार्य के प्रति उदासीनता स्पष्ट दिखाई देती है ऐसी स्थिति में विवेचना अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। आरोपियों के वकील अभिषेक भटनागर ने बताया कि अदालत विवेचना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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