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खालिद के प्यार में तुलसी बनी रेशमा, पुलिस ने पति पर शांतिभंग में किया चालान
Sat, 29 Jun 2019 09:46 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 29 Jun 2019 09:46 PM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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मझोला के चिड़िया टोला में रहने वाले एक युवक को बजरंग दल के पदाधिकारियों की शिकायत पर शुक्रवार को पुलिस ने एक युवती को धर्म छिपाकर रखने के आरोप में हिरासत में लिया है। लेकिन इस मामले में युवती ही अब खालिद के बचाव में आ गई है। उसने मझोला पुलिस को बताया कि खालिद से वह प्यार करती है। उसके प्यार की खातिर ही वह अपना धर्म परिवर्तन कर तुलसी से रेशमा बनी और खालिद से निकाह किया है। तुलसी से रेशमा बनी युवती अब खालिद के ही घर में रहने पर अड़ी है।
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तुलसी उर्फ रेशमा ने बताया कि वह मूलत: असम के तिनसुकिया की रहने वाली है। उसके माता, पिता और भाई की मौत हो चुकी है। जीविका की तलाश में वह आठ साल पहले असम से अपनी सहेली के साथ दिल्ली आई थी। दिल्ली से वह घरेलू सहायिका की नौकरी करने के लिए मानसरोवर कॉलोनी आ गई। यहां पर एक कोठी में काम करने के दौरान ही मोहल्ले में कपड़ों की फेरी करने के लिए आने वाले पाकबड़ा के खालिद से उसकी डेढ़ साल पहले मुलाकात हुई। कुछ दिनों बाद दोनों ने एक दूसरे से प्यार का इजहार किया। तुलसी ने बताया कि उसे शुरू से ही पता था कि खालिद दूसरे समुदाय का है। इसलिए दोनों के निकाह में अड़चन आ रही थी। जिस वजह से खालिद के कहने पर उसने बदायूं जाकर धर्म परिवर्तन किया और तुलसी से रेशमा बनी।
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दोनों ने निकाह कर लिया लेकिन आठ साल तक शहर में रहने के कारण तुलसी को शहर में रहने की आदत पड़ गई थी। खालिद उसे गांव में ले जाना चाहता था लेकिन उसने इंकार किया। इस वजह से दोनों चिड़िया टोला में किराए के कमरे में रहने लगे थे। रेशमा ने बताया कि खालिद उसका अच्छे से ख्याल रखता है। जब वह बेसहारा थी तो खालिद ने ही उसको सहारा दिया अब वह उसके साथ ही रहना चाहती है। पुलिस से उसने गुहार लगाई कि उसके पति को थाने से छोड़ दें। उसे मामूली विवाद में फर्जी आरोप लगाकर फंसाया गया है। मकान मालिक को रुपये उधार दिए थे। जिसको लेकर कहासुनी हुई थी। एसएचओ मझोला अजय गौतम ने बताया कि मकान मालिक से कहासुनी होने की वजह से खालिद का शांतिभंग में चालान किया है। उसके खिलाफ लगाए गए अन्य आरोप गलत पाए गए हैं। बेवजह मामले को तूल दिया जा रहा था।
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