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केंद्रीय मंत्री ने स्वच्छकारों को बांटे ई-रिक्शा
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Mon, 01 Aug 2016 10:22 AM IST
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मुरादाबाद स्थित आइएफटीएम विवि में आयोजित स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में ई रिक्शा की चाभी देते केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत
- फोटो : अमर उजाला
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नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन द्वारा आईएफटीएम विश्वविद्यालय परिसर में रविवार को स्वच्छ पखवाड़ा एवं स्वच्छता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद्र गहलोत ने स्वच्छकारों को ई- रिक्शा बांटे।
इस दौरान हाथ से मैला उठाने वाले मैनुअल स्केवेंजरों के पुनर्वास के लिए 40-40 हजार रुपये के चेक भी दिये गये। पत्रकारों से यह पूछे जाने पर कि क्या मिशन 2017 को ध्यान में रखकर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं तो गहलोत बोले, ऐसा नहीं है, केंद्र सरकार के विकास अभियान के तहत ये आयोजन हो रहे हैं।
जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए थावर चंद्र गहलोत ने कहा कि स्वच्छकारों को हाथ से मैला उठाने वाली कुप्रथा से मुक्त करने के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं चलाई हैं। इसके तहत उन्हें रोजगार मुहैया कराना, पुनर्वास के लिए धनराशि, रोजगार के लिए प्रशिक्षण समेत करीब 66 योजनाएं हैं।
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उन्होंने कहा कि इस कुप्रथा के अंतर्गत काम कर रहे 12 हजार 228 स्वच्छकरों का चिन्हित किया गया है। इसमें से दस हजार स्वच्छकार अकेले यूपी में हैं और यूपी में सबसे ज्यादा स्वच्छकार मुरादाबाद मंडल में हैं। यहां 5 हजार के करीब स्वच्छकारों को चिन्हित किया गया है।
पुनर्वास के लिए एक मुश्त नगद सहायता ओटीसीए के तहत अभी तक 9 हजार स्वच्छकारों को चालीस-चालीस हजार रुपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है। रविवार को आयोजित शिविर में सात स्वच्छकारों को चेक वितरित किये गये।
इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता की सचिव अनीता अग्निहोत्री, एनएसकेएफडीसी के प्रबंधक निदेशक एम नागराज, प्रथमा बैंक के चेयरमैन एमएस अरोड़ा, आइएफटीएम के निदेशक मोहित दूबे समेत समाज कल्याण विभाग के कई पदाधिकारी और संभल के सांसद सत्यपाल सैनी मौजूद रहे।
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इस दौरान हाथ से मैला उठाने वाले मैनुअल स्केवेंजरों के पुनर्वास के लिए 40-40 हजार रुपये के चेक भी दिये गये। पत्रकारों से यह पूछे जाने पर कि क्या मिशन 2017 को ध्यान में रखकर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं तो गहलोत बोले, ऐसा नहीं है, केंद्र सरकार के विकास अभियान के तहत ये आयोजन हो रहे हैं।
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जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए थावर चंद्र गहलोत ने कहा कि स्वच्छकारों को हाथ से मैला उठाने वाली कुप्रथा से मुक्त करने के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं चलाई हैं। इसके तहत उन्हें रोजगार मुहैया कराना, पुनर्वास के लिए धनराशि, रोजगार के लिए प्रशिक्षण समेत करीब 66 योजनाएं हैं।
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उन्होंने कहा कि इस कुप्रथा के अंतर्गत काम कर रहे 12 हजार 228 स्वच्छकरों का चिन्हित किया गया है। इसमें से दस हजार स्वच्छकार अकेले यूपी में हैं और यूपी में सबसे ज्यादा स्वच्छकार मुरादाबाद मंडल में हैं। यहां 5 हजार के करीब स्वच्छकारों को चिन्हित किया गया है।
पुनर्वास के लिए एक मुश्त नगद सहायता ओटीसीए के तहत अभी तक 9 हजार स्वच्छकारों को चालीस-चालीस हजार रुपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है। रविवार को आयोजित शिविर में सात स्वच्छकारों को चेक वितरित किये गये।
इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता की सचिव अनीता अग्निहोत्री, एनएसकेएफडीसी के प्रबंधक निदेशक एम नागराज, प्रथमा बैंक के चेयरमैन एमएस अरोड़ा, आइएफटीएम के निदेशक मोहित दूबे समेत समाज कल्याण विभाग के कई पदाधिकारी और संभल के सांसद सत्यपाल सैनी मौजूद रहे।