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Moradabad News: वन विभाग को पिंजरे चाहिए... माननीय हाथ बढ़ाइए

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2026 01:35 AM IST
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The Forest Department needs cages... Please step forward to help.
मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा और कांठ क्षेत्र के गांवों में तेंदुओं की दहशत के बीच वन विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। तेंदुओं को पकड़ने के लिए विभाग के पास अपने महज 16 पिंजरे हैं, जबकि मुरादाबाद जिले में इस समय 28 पिंजरे लगाए गए हैं। जरूरत पूरी करने के लिए 12 पिंजरे पड़ोसी जिलों से उधार लेकर लगाने पड़े हैं। लगातार सामने आ रहे तेंदुओं की मौजूदगी और हमलों के बीच विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त संख्या में पिंजरों की उपलब्धता है।
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मंगलवार को ठाकुरद्वारा के गांव बहापुर बलिया में विधायक नवाबजान ने वन विभाग के अधिकारियों से पिंजरों की संख्या बढ़ाने की मांग की। इस दौरान डीएफओ डॉ. विनय कुमार ने संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए विधायक निधि से पिंजरे उपलब्ध कराने की अपील की। हालांकि विधायक नवाब जान का कहना है कि तेंदुए के हमलों से प्रभावित परिवारों को उन्होंने 25-25 हजार और मृतकों के परिवारों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी है। पिंजरे उपलब्ध कराना वन विभाग की जिम्मेदारी है और इसके लिए विभाग को शासन से पर्याप्त संसाधनों की मांग करनी चाहिए। वहीं, पांच अगस्त को जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में आपदा प्रबंधन के तहत वन विभाग को 20 पिंजरे उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। कई दिन बीतने के बावजूद विभाग को इनमें से एक भी पिंजरा नहीं मिल सका है। ऐसे में विभाग को दूसरे जिलों से पिंजरे मांगकर काम चलाना पड़ रहा है।
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शासन से मांगे गए 50 पिंजरे

मंडलीय वन संरक्षक आदर्श कुमार ने बताया कि मुरादाबाद जिले में तेंदुओं को पकड़ने के लिए शासन से 50 पिंजरे मांगे गए हैं। एक पिंजरे की कीमत करीब 1.20 लाख रुपये है। इसके अलावा विभाग ने करीब साढ़े 12 लाख रुपये की लागत से थर्मल ड्रोन खरीदा है, जिससे तेंदुओं की तलाश और निगरानी में मदद ली जा रही है। हाल ही में दो और पिंजरे भी खरीदे गए हैं। विभाग का कहना है कि तेंदुओं की लगातार बढ़ती गतिविधियों के कारण कई गांवों में एक साथ पिंजरे लगाने की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में 16 पिंजरों की उपलब्धता विभाग के लिए पर्याप्त नहीं है। विभाग की मांग पूरी होने पर ही अलग-अलग प्रभावित गांवों में एक साथ पिंजरे लगाकर तेंदुओं को पकड़ने का अभियान तेज किया जा सकेगा।
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लोगों की जान व सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं : कमाल अख्तर
कांठ विधायक कमाल अख्तर का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की जिंदगी व इनकी सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं है। वन विभाग को पिंजरों के लिए धन चाहिए तो वह विधायक निधि से देंगे। अख्तर का कहना है कि वन विभाग पत्र लिखकर बताए कि उन्हें कितनी सहायता चाहिए। चूंकि कांठ क्षेत्र के गांवों में भी तेंदुओं की दहशत है इसलिए विधायक निधि से हर संभव मदद की जाएगी।
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