तजीन फात्मा बोली: आजम खां को सजा नाइंसाफी की चरम सीमा, एक अधिकारी के दफ्तर में लिखे गए थे मुकदमे
आजम खां की पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा ने बेटे अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मुकदमे को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर के किसी भी मामले में आजम खां का नाम एफआईआर में नहीं था, केवल चंद झूठे गवाहों को संज्ञान लेकर सजा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इंसाफ की लड़ाई वह आखिरी सांस तक लड़ती रहेंगी।
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सपा नेता आजम खां को डूंगरपुर मामले में हुई 10 साल की सजा के मुद्दे पर उनकी पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा ने कहा कि यह नाइंसाफी की चरम सीमा है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आजम पर दर्ज किए गए मुकदमों को लेकर भी एक अधिकारी पर सवाल उठाए। सपा नेता आजम खां को डूंगरपुर के एक मामले में कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है।
सजा सुनाए जाने के बाद शुक्रवार को सपा नेता की पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर के किसी भी मामले में आजम खां का नाम एफआईआर में नहीं था, केवल चंद झूठे गवाहों को संज्ञान लेकर सजा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इंसाफ की लड़ाई वह आखिरी सांस तक लड़ती रहेंगी।
अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मुकदमे को भी उन्होंने झूठा बताया। कहा कि जन्म प्रमाणपत्र फर्जी नहीं है। हमने प्रमाण पत्र को ठीक कराने के लिए लखनऊ में प्रार्थनापत्र दिया था, जिसका सुबूत भी उनके पास है। वक्त आने पर सारे प्रमाण दिखा देंगी।
उन्होंने एक अधिकारी पर झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक अधिकारी के दफ्तर में बैठकर गांव के भोले-भाले लोगों से सादे कागज पर अंगूठे लगवाए गए थे और झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इंसाफ की लड़ाई लंबी जरूर है, लेकिन वह आखिरी सांस तक लड़ती रहेंगी।
आजम के एक और मामले में अभियोजन की गवाही पूरी
सपा नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज आचार संहिता के उल्लंघन के एक और मामले में शुक्रवार को अभियोजन की गवाही पूरी हो गई। अब धारा 313 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए कोर्ट ने सात जून की तारीख तय की है।सपा नेता आजम खां की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है।
डूंगरपुर के एक मामले में दस साल की सजा सुनाए जाने के अगले ही दिन आचार संहिता के उल्लंघन के एक और मामले में सुनवाई तेज हो गई है। यह मामला गंज थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। 2019 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी ने गंज थाने में सपा नेता आजम खां के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया था।
पुलिस इस मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। यह मामला एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है। शुक्रवार को अभियोजन की ओर से मुकदमे के विवेचक दरोगा केके मिश्रा ने कोर्ट में पेश होकर गवाही दी।
बचाव पक्ष की ओर से उनसे जिरह की गई। उनकी गवाही पूरी हो गई है। अभियोजन की ओर से इस मामले में पांच गवाहों के बयान दर्ज कराए गए हैं। आजम खां सीतापुर जेल में बंद हैं।
अब्दुल्ला के दो पैन कार्ड मामले में नहीं हुई सुनवाई
सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में शुक्रवार को कोर्ट में स्थगन प्रार्थना पत्र दिया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए छह जून की तारीख तय की है। 2019 में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें अब्दुल्ला पर दो पैन कार्ड रखने का आरोप लगाया था।
यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में विचाराधीन है। दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में सजा पाने के बाद से अब्दुल्ला हरदोई जेल में बंद हैं। हाईकोर्ट से इस मामले में जमानत मिलने के बाद भी अन्य मामलों में मिली सजा के चलते वह जेल से बाहर नहीं आ सके हैं।